बागडोगरा में गो-तस्करी के शक में मॉब लिंचिंग, भीड़ की पिटाई से दो लोगों की मौत

पश्चिम बंगाल के बागडोगरा में गो-तस्करी के शक में भीड़ की कथित पिटाई से दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है।
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मृतकों के परिवार ने गो-तस्करी के आरोप से किया इनकार
पश्चिम बंगाल के बागडोगरा में गो-तस्करी के शक में दो लोगों की कथित तौर पर भीड़ ने पिटाई कर दी जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि गो-तस्करी के शक में स्थानीय लोगों ने एक वाहन को रोक लिया। इसके बाद वाहन में तोड़फोड़ की गई और उसे आग के हवाले कर दिया गया। इसी दौरान वहां पहुंचे कुछ अन्य लोगों को भीड़ ने पकड़ लिया और उनकी पिटाई शुरू कर दी।
पिटाई के बाद दो लोगों की मौत
पुलिस के अनुसार घटना में कई लोग घायल हुए हैं। तीन लोगों को पुलिस ने पकड़कर इलाज के लिए उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल ले जाते समय एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि इससे पहले मारपीट में एक अन्य व्यक्ति की मौत हो चुकी थी। दो अन्य घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के दौरान कथित तौर पर तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे एक पिकअप वाहन में भी आग लगा दी गई। एक अन्य वाहन में भी जमकर तोड़फोड़ की गई।
परिवार ने गो-तस्करी के आरोप से किया इनकार
मृतकों के परिवार ने गो-तस्करी के आरोप से इनकार किया है। परिजनों का कहना है कि मृतक गोवंश के कारोबारी थे और करीब 10 वर्षों से इस कारोबार से जुड़े थे। परिवार का आरोप है कि लोगों ने पुलिस को सूचना देने के बजाय कानून अपने हाथ में लिया और उनकी बेरहमी से पिटाई की। परिवार की ओर से पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। दोनों मृतक उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया
पुलिस सूत्रों के अनुसार पहली गाड़ी को रोके जाने के बाद उसमें सवार लोगों ने मदद के लिए दूसरी गाड़ी को मौके पर बुलाया था। स्थानीय लोगों ने दूसरी गाड़ी को भी रोक लिया और उसमें तोड़फोड़ की। घटना की जांच के दौरान पुलिस ने कथित तस्करी के संदेह में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है।
नेताओं ने घटना पर जताई चिंता
घटना को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। तृणमूल कांग्रेस विधायक प्रसून बनर्जी ने इसे गंभीर और संवेदनशील मामला बताते हुए जांच की मांग की है। सीपीआईएम नेता शतरूप घोष ने कहा कि ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं और पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाती हैं। वहीं भाजपा के मुख्य प्रवक्ता देवजीत सरकार ने भी लोगों से कानून अपने हाथ में नहीं लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

