
मृतकों के परिवार ने गो-तस्करी के आरोप से किया इनकार पश्चिम बंगाल के बागडोगरा में गो-तस्करी के शक में दो लोगों की कथित तौर पर भीड़ ने पिटाई कर दी जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि गो-तस्करी के शक में स्थानीय लोगों ने एक वाहन को रोक लिया। इसके बाद वाहन में तोड़फोड़ की गई और उसे आग के हवाले कर दिया गया। इसी दौरान वहां पहुंचे कुछ अन्य लोगों को भीड़ ने पकड़ लिया और उनकी पिटाई

मृतकों के परिवार ने गो-तस्करी के आरोप से किया इनकार पश्चिम बंगाल के बागडोगरा में गो-तस्करी के शक में दो लोगों की कथित तौर पर भीड़ ने पिटाई कर दी जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि गो-तस्करी के शक में स्थानीय लोगों ने एक वाहन को रोक लिया। इसके बाद वाहन में तोड़फोड़ की गई और उसे आग के हवाले कर दिया गया। इसी दौरान वहां पहुंचे कुछ अन्य लोगों को भीड़ ने पकड़ लिया और उनकी पिटाई

आचार संहिता खत्म होने के बाद सीआईडी करेगी जांच पश्चिम बंगाल की राजनीति में 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पैर में चोट लगने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। मुख्यमंत्री शुभेदु अधिकारी ने शनिवार को नवान्न में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंस की वह रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी जिसमें ‘नो फ्रैक्चर’ की बात कही गई है। नंदीग्राम में दी गई थी चुनौती शुक्रवार को नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान शुभेदु अधिकारी ने दावा किया था कि 2021 में ममता बनर्जी के पैर में कोई फ्रैक्चर नहीं हुआ था,

आचार संहिता खत्म होने के बाद सीआईडी करेगी जांच पश्चिम बंगाल की राजनीति में 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पैर में चोट लगने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। मुख्यमंत्री शुभेदु अधिकारी ने शनिवार को नवान्न में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंस की वह रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी जिसमें ‘नो फ्रैक्चर’ की बात कही गई है। नंदीग्राम में दी गई थी चुनौती शुक्रवार को नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान शुभेदु अधिकारी ने दावा किया था कि 2021 में ममता बनर्जी के पैर में कोई फ्रैक्चर नहीं हुआ था,

शास्त्रीय बांग्ला के संरक्षण और शोध को मिलेगा बढ़ावा विश्वभारती विश्वविद्यालय अब शास्त्रीय बांग्ला भाषा के अध्ययन, शोध और संरक्षण के लिए उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित होगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के भाषा प्रभाग की ओर से इस संबंध में विश्वभारती के कुलपति को आधिकारिक पत्र भेजा गया है। केंद्र सरकार ने शास्त्रीय भाषाओं से जुड़े शोध, प्राचीन साक्ष्यों के संरक्षण, डिजिटाइजेशन और उनके व्यापक प्रसार के मकसद से देश के पांच संस्थानों में उत्कृष्टता शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र स्थापित करने को मंजूरी दी है। इनमें बांग्ला भाषा के अध्ययन और अनुसंधान के लिए विश्वभारती

शास्त्रीय बांग्ला के संरक्षण और शोध को मिलेगा बढ़ावा विश्वभारती विश्वविद्यालय अब शास्त्रीय बांग्ला भाषा के अध्ययन, शोध और संरक्षण के लिए उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित होगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के भाषा प्रभाग की ओर से इस संबंध में विश्वभारती के कुलपति को आधिकारिक पत्र भेजा गया है। केंद्र सरकार ने शास्त्रीय भाषाओं से जुड़े शोध, प्राचीन साक्ष्यों के संरक्षण, डिजिटाइजेशन और उनके व्यापक प्रसार के मकसद से देश के पांच संस्थानों में उत्कृष्टता शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र स्थापित करने को मंजूरी दी है। इनमें बांग्ला भाषा के अध्ययन और अनुसंधान के लिए विश्वभारती