आसनसोल में फिर बजेगी साइकिल फैक्ट्री की घंटी, 311 एकड़ जमीन पर कारखाना शुरू करने की उठी मांग

आसनसोल में बंद पड़े साइकिल उद्योग को दोबारा शुरू करने की मांग उठ रही है। स्थानीय लोगों और पूर्व कर्मचारियों ने 311 एकड़ जमीन पर साइकिल कारखाना खोलने की मांग की है।
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पूर्व कर्मचारियों को फिर रोजगार मिलने की उम्मीद
पश्चिम बंगाल के ऐतिहासिक औद्योगिक शहर आसनसोल में एक बार फिर से साइकिल कारखाना स्थापित करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। स्थानीय नागरिकों और कारखाने के पूर्व श्रमिकों की पुरजोर मांग है कि आसनसोल के कन्यापुर इलाके में स्थित ‘साइकिल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया’ की विशाल और वर्तमान में पड़ी खाली जमीन पर एक आधुनिक साइकिल कारखाना फिर से शुरू किया जाए ताकि हजारों बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुल सकें।
कभी एशिया की बड़ी साइकिल फैक्ट्री थी आसनसोल की पहचान
आसनसोल के कन्यापुर इलाके में कभी एशिया की सबसे बड़ी साइकिल फैक्ट्रियों में शामिल सेन रैले का कारखाना हुआ करता था। बंगाली कारोबारी अभिजीत सेन और इंग्लैंड की कंपनी रैले के नाम से इसका नाम सेन रैले रखा गया था। यहां रोजाना करीब 1,200 से 1,800 साइकिलों का उत्पादन होता था। इस कारखाने से देश के अलग-अलग हिस्सों में साइकिलों की आपूर्ति की जाती थी। बाद में इंदिरा गांधी सरकार के कार्यकाल में इसका राष्ट्रीयकरण किया गया और इसका नाम साइकिल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया रखा गया।
311 एकड़ जमीन पर दोबारा उद्योग शुरू करने की मांग
हाल में विद्यार्थियों को साइकिल वितरण के एक कार्यक्रम में राज्य सरकार की ओर से साइकिल उद्योग को बढ़ावा देने की बात कही गई। इसके बाद आसनसोल में बंद पड़े साइकिल कारखाने को दोबारा शुरू करने की मांग ने जोर पकड़ा है। स्थानीय लोगों और कारखाने के पूर्व कर्मचारियों का कहना है कि साइकिल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की करीब 311 एकड़ जमीन लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं है। इस जमीन का उपयोग कर अगर साइकिल कारखाना दोबारा शुरू किया जाता है तो इलाके में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। लोगों की मांग है कि आसनसोल की पुरानी औद्योगिक पहचान को देखते हुए सरकार इस दिशा में पहल करे और बंद पड़ी जमीन का इस्तेमाल रोजगार पैदा करने वाले उद्योग के लिए किया जाए।
रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल
एडिट: शिंकी सिंह

