नागपुर के सरकारी अस्पताल में विभागाध्यक्ष और क्लर्क रिश्वत लेते गिरफ्तार, जांच जारी

Nagpur Indira Gandhi Hospital ACB bribery arrest: नागपुर के इंदिरा गांधी शासकीय अस्पताल में एसीबी ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए सर्जिकल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नंदकिशोर जायसवाल और एक क्लर्क को कथित रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है। एसीबी मामले की जांच कर रही है। आरोप सिद्ध होने तक सभी आरोपी कानून की नजर में निर्दोष माने जाएंगे।
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एसीबी की कार्रवाई के बाद अस्पताल में बढ़ी हलचल
Nagpur Indira Gandhi Hospital ACB bribery arrest: नागपुर के इंदिरा गांधी शासकीय अस्पताल में मंगलवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एसीबी (ACB) ने सर्जिकल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नंदकिशोर जायसवाल और एक क्लर्क को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।
एसीबी (ACB) को शिकायत मिली थी कि मरीज का काम कराने के एवज में रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत की पुष्टि के बाद टीम ने जाल बिछाकर छापा मारा और दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों और मरीजों में चर्चा का माहौल रहा।
सूत्रों के अनुसार, आरोपियों को एसीबी (ACB) कार्यालय ले जाकर पंचनामा और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज होगा।
शिकायत के सत्यापन के बाद की गई कार्रवाई
सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों को समाज में विशेष सम्मान दिया जाता है, ऐसे में वरिष्ठ चिकित्सक पर रिश्वत का आरोप स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। मरीजों और परिजनों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं सरकारी अस्पतालों पर जनता का भरोसा कमजोर करती हैं।
मुख्यमंत्री के गृह शहर नागपुर के एक प्रमुख सरकारी अस्पताल में हुई इस कार्रवाई ने स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एसीबी (ACB) जांच में जुटी है, और आरोप सिद्ध होने तक दोनों आरोपी कानूनन निर्दोष माने जाएंगे।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

