Bharat Taxi Launch India: अब आपके शहर में भी मिलेगी ‘भारत टैक्सी’, 500 शहरों तक पहुंचाने की तैयारी

Bharat Taxi : केंद्र सरकार ने ‘भारत टैक्सी’ सेवा की शुरुआत गुजरात से की है। अमित शाह ने घोषणा की कि अगले दो वर्षों में इसे 500 से अधिक शहरों तक विस्तारित किया जाएगा। जीरो-कमीशन मॉडल के जरिए ड्राइवरों की आय बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर विकल्प देने का दावा किया गया है।
विषयसूची
ड्राइवरों को होगा ज्यादा फायदा
Bharat Taxi Launch India: देश में टैक्सी और कैब सेवा के क्षेत्र में अब एक नया विकल्प सामने आ गया है। केंद्र सरकार की सहकारी पहल ‘भारत टैक्सी’ को तेजी से विस्तार देने की तैयारी है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गुजरात में इस सेवा की शुरुआत करते हुए कहा कि अगले दो साल में ‘भारत टैक्सी’ को देश के 500 से ज्यादा शहरों तक पहुंचाया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस सेवा का सबसे बड़ा फायदा टैक्सी चलाने वाले लोगों को मिलेगा, क्योंकि इसमें ड्राइवर सिर्फ कर्मचारी नहीं होंगे, बल्कि इस व्यवस्था का हिस्सा भी बनेंगे।
गुजरात के 14 शहरों से हुई शुरुआत
‘भारत टैक्सी’ की शुरुआत गुजरात के कई बड़े शहरों से की गई है। इनमें अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, द्वारका, सोमनाथ, जामनगर, भावनगर, जूनागढ़, मेहसाणा, आणंद, वलसाड और अमरेली जैसे शहर शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य है कि धीरे-धीरे इसे देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस सेवा का फायदा उठा सकें।
कुछ कंपनियां रोकना चाहती हैं रास्ता
कार्यक्रम में अमित शाह ने कुछ निजी कैब कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘भारत टैक्सी’ के आने के बाद कुछ कंपनियां किराया कम कर रही हैं और घाटे में भी सेवा देने को तैयार हैं, ताकि इस नई सेवा को बाजार में जगह न मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा होना अच्छी बात है, लेकिन किसी को रोकने के लिए गलत तरीके अपनाना सही नहीं है। शाह ने कहा कि ‘भारत टैक्सी’ का मकसद किसी कंपनी को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि ड्राइवरों और ग्राहकों दोनों के लिए बेहतर विकल्प तैयार करना है।
ड्राइवरों को नहीं देना होगा भारी कमीशन
‘भारत टैक्सी’ की सबसे खास बात इसका जीरो-कमीशन मॉडल है। अभी कई ऑनलाइन कैब सेवाओं में ड्राइवरों को अपनी कमाई का एक हिस्सा कंपनी को देना पड़ता है। इस मॉडल में दावा किया गया है कि ड्राइवरों को किराए की पूरी राशि मिलेगी। यानी ड्राइवर जितनी कमाई करेंगे, उसका बड़ा हिस्सा उनके पास ही रहेगा। सरकार का मानना है कि इससे टैक्सी चालक आर्थिक रूप से मजबूत होंगे और उन्हें अपनी मेहनत का ज्यादा फायदा मिलेगा।
किराए को लेकर उठे सवालों पर दी सफाई
कुछ रिपोर्टों में ‘भारत टैक्सी’ के किराए को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस पर अमित शाह ने कहा कि ऐसी खबरें सही तस्वीर नहीं दिखातीं। उन्होंने कहा कि जहां-जहां ‘भारत टैक्सी’ शुरू हो रही है, वहां ग्राहकों को प्रतिस्पर्धी दरों पर सेवा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस सेवा का उद्देश्य यात्रियों को सुविधा देना और ड्राइवरों की आय बढ़ाना है।
टैक्सी चलाने वाले बनेंगे व्यवस्था का हिस्सा
आमतौर पर टैक्सी और कैब सेवाओं में ड्राइवर सिर्फ सेवा देने वाले व्यक्ति होते हैं, लेकिन ‘भारत टैक्सी’ मॉडल में उन्हें व्यवस्था का भागीदार बनाने की कोशिश की जा रही है। सरकार के मुताबिक, यह देश की पहली सहकारी और चालक-स्वामित्व वाली टैक्सी सेवा है। इसमें ड्राइवरों की भूमिका केवल वाहन चलाने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि वे इस मॉडल के विकास में भी भागीदारी करेंगे।
सहकारिता मॉडल को बढ़ावा देने की कोशिश
केंद्र सरकार पिछले कुछ समय से सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने पर जोर दे रही है। ‘भारत टैक्सी’ को भी इसी सोच से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार का मानना है कि अगर छोटे कामगार और सेवा देने वाले लोग किसी व्यवस्था के हिस्सेदार बनते हैं तो उन्हें ज्यादा फायदा मिलता है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
आम लोगों के लिए क्या बदलेगा?
Bharat Taxi Launch India: अगर ‘भारत टैक्सी’ बड़े स्तर पर सफल होती है तो यात्रियों के पास कैब सेवा का एक और विकल्प होगा। इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और कंपनियों को बेहतर सेवा देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। वहीं, ड्राइवरों को उम्मीद है कि इस मॉडल से उनकी कमाई में सुधार होगा और उन्हें ज्यादा स्वतंत्रता मिलेगी। सरकार की योजना के मुताबिक आने वाले समय में ‘भारत टैक्सी’ देश के छोटे-बड़े शहरों तक पहुंचेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि सहकारी मॉडल पर आधारित यह टैक्सी सेवा देश के परिवहन क्षेत्र में कितना बदलाव ला पाती है।

