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10 Crore Defamation Notice: केतन मर्डर केस में नया विवाद, सिया के वकील ने भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि नोटिस

10 Crore Defamation Notice: केतन मर्डर केस में नया विवाद, सिया के वकील ने भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि नोटिस
10 Crore Defamation Notice : केतन मर्डर केस में नया विवाद, सिया के वकील ने भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि नोटिस ( Image - AI )

Ketan Agrawal Murder Case : केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच के बीच सिया गोयल की कानूनी पैरवी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने खुद को सिया का अधिकृत वकील बताते हुए उसके भाई साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है, जबकि परिवार ने दूसरे वकील की नियुक्ति का दावा किया है।

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Priyanka C. Mishra
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सिया गोयल की पैरवी को लेकर दो वकीलों में खींचतान

10 Crore Defamation Notice: केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच के बीच अब मामला सिर्फ हत्या तक सीमित नहीं रह गया है। इस हाई-प्रोफाइल केस में अब एक नया कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। विवाद इस बात को लेकर है कि आरोपी सिया गोयल की तरफ से कोर्ट में असली वकील कौन है। इसी मामले को लेकर पुणे के वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने सिया के भाई साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेज दिया है। वकील श्रीवास्तव का कहना है कि सिया ने खुद उन्हें अपना वकील चुना था और इसके लिए जरूरी कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी किए थे। वहीं, सिया के भाई साहिल का दावा है कि उनके परिवार ने सिया की पैरवी के लिए दूसरे वकील विपुल दुशिंग को नियुक्त किया है। यही विवाद अब इस चर्चित हत्या मामले में एक नई कानूनी लड़ाई बन गया है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक, यह मामला पुणे के लोहागढ़ किले का है, जहां 18 जून को सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने सिया के मंगेतर केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि घटना के बाद कई सबूतों को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इस मामले ने तब ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, जब इसमें रिश्ते, धोखे और हत्या जैसे कई पहलू सामने आए। अब इसी केस में सिया की कानूनी पैरवी को लेकर विवाद शुरू हो गया है।

दो वकील, एक आरोपी और बढ़ता विवाद

एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव का कहना है कि सिया गोयल ने खुद उन्हें अपना वकील बनाया है। उनका दावा है कि सिया बालिग है और उसे अपने लिए वकील चुनने का पूरा अधिकार है। दूसरी तरफ, सिया के भाई साहिल गोयल का कहना है कि परिवार ने सिया की ओर से केस लड़ने के लिए एडवोकेट विपुल दुशिंग को नियुक्त किया है। मामला तब और उलझ गया जब कोर्ट में सुनवाई के दौरान खुद सिया गोयल ने कथित तौर पर कहा कि आशुतोष श्रीवास्तव उनके वकील नहीं हैं और कोर्ट में उनकी ओर से विपुल दुशिंग पैरवी कर रहे हैं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और बढ़ गया।

10 करोड़ रुपये के नोटिस में क्या कहा गया?

एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने साहिल गोयल को 10 पन्नों का कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि साहिल ने मीडिया में बयान देकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की। साहिल ने कथित तौर पर कहा था कि उनके परिवार ने श्रीवास्तव को वकील नियुक्त नहीं किया है और वह बिना अधिकार के केस लड़ रहे हैं। इस बयान से नाराज होकर श्रीवास्तव ने मानहानि का नोटिस भेजा।
नोटिस में मांग की गई है कि:
– साहिल गोयल 48 घंटे के भीतर लिखित माफी मांगें
– सोशल मीडिया और यूट्यूब पर दिए गए पुराने बयान हटाएं
– 7 दिन के भीतर 10 करोड़ रुपये का हर्जाना दें

पुलिस जांच में जुटे हैं कई अहम सुराग

इस बीच पुलिस अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है। कोर्ट ने हाल ही में सिया गोयल और चेतन चौधरी की पुलिस हिरासत को 5 दिन के लिए और बढ़ा दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अभी कई अहम सबूत जुटाने बाकी हैं। जांच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या से पहले और बाद में आरोपियों ने क्या-क्या किया। पुलिस के मुताबिक, सिया ने कथित तौर पर केतन का पासपोर्ट फाड़कर जला दिया था। अब उसके जले हुए अवशेषों की तलाश की जा रही है। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के बाद चेतन चौधरी ने कहां-कहां सफर किया और उसने कपड़े क्यों बदले।

फोन रिकॉर्ड और बातचीत की भी हो रही जांच

पुलिस दोनों आरोपियों के बीच हुई बातचीत के रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना से पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और हत्या के बाद उन्होंने किस तरह की योजना बनाई। पुलिस का मानना है कि फोन रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत इस केस में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

अब आगे क्या होगा?

10 Crore Defamation Notice: केतन अग्रवाल हत्याकांड में जहां एक तरफ पुलिस सबूत जुटाने में लगी है, वहीं दूसरी तरफ आरोपियों की कानूनी लड़ाई भी तेज हो गई है। वकील की नियुक्ति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब मानहानि नोटिस तक पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में कोर्ट में यह भी साफ हो सकता है कि सिया गोयल की ओर से आधिकारिक रूप से कौन वकील पैरवी करेगा। फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच, कोर्ट की कार्रवाई और कानूनी विवाद तीनों साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।


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Priyanka C. Mishra

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प्रियंका सी. मिश्रा वरिष्ठ हिंदी कंटेंट राइटर और पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार लेखन, डिजिटल कंटेंट निर्माण, स्क्रिप्टिंग, रिपोर्टिंग और विश्लेषण के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। वे सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विषयों के साथ-साथ बॉलीवुड, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल जैसे विविध विषयों पर तथ्यपरक और शोध आधारित लेखन करती हैं। जटिल मुद्दों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करना उनकी विशेषता है, जिससे उनकी सामग्री व्यापक पाठक वर्ग के लिए सहज और विश्वसनीय बनती है। अनुभव : हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन, फीचर स्टोरी, विश्लेषणात्मक लेख और यूट्यूब स्क्रिप्टिंग में मजबूत पहचान बनाई है। विभिन्न समसामयिक और जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता उन्हें एक बहुमुखी कंटेंट विशेषज्ञ के रूप में स्थापित करती है। वर्तमान फोकस : वे समाचार, सोशल ट्रेंड्स, एंटरटेनमेंट, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर डिजिटल ऑडियंस के लिए जानकारीपूर्ण और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी प्राथमिकता तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष प्रस्तुति और पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • समाचार लेखन और विश्लेषण : राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विषयों पर स्पष्ट और संतुलित रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण। • बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट : फिल्म, सेलिब्रिटी और मनोरंजन जगत से जुड़े ट्रेंड्स और अपडेट्स पर लेखन। • ज्योतिष और लाइफस्टाइल : ज्योतिष, स्वास्थ्य, रिलेशनशिप और दैनिक जीवन से जुड़े विषयों पर सरल एवं उपयोगी कंटेंट निर्माण। • यूट्यूब स्क्रिप्टिंग और डिजिटल कंटेंट : डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक, ऑडियंस-केंद्रित और रिसर्च आधारित स्क्रिप्ट तैयार करने में विशेषज्ञता। • हिंदी कंटेंट निर्माण : सरल, प्रभावी और SEO-फ्रेंडली हिंदी कंटेंट तैयार करने का अनुभव। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष दृष्टिकोण और संवेदनशील लेखन शैली के कारण प्रियंका सी. मिश्रा ने पाठकों के बीच एक विश्वसनीय हिंदी कंटेंट राइटर और डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल के रूप में अपनी पहचान बनाई है। समाचार और डिजिटल मीडिया के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा विविध विषयों पर निरंतर लेखन अनुभव उनकी विशेषज्ञता और विश्वसनीयता को मजबूत बनाता है।