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DIKSHA platform India: ‘दीक्षा’ बना देश का सबसे बड़ा डिजिटल स्कूल प्लेटफॉर्म, अब मोबाइल से पूरी पढ़ाई संभव

DIKSHA platform India: ‘दीक्षा’ बना देश का सबसे बड़ा डिजिटल स्कूल प्लेटफॉर्म, अब मोबाइल से पूरी पढ़ाई संभव
DIKSHA platform India: ‘दीक्षा’ बना देश का सबसे बड़ा डिजिटल स्कूल प्लेटफॉर्म, अब मोबाइल से पूरी पढ़ाई संभव ( Image - AI )

Digital Learning : 'दीक्षा' भारत का सबसे बड़ा डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्म बन चुका है, जहां कक्षा 1 से 12 तक के छात्र मोबाइल पर मुफ्त में वीडियो, ई-बुक, क्विज़ और पाठ्य सामग्री पढ़ सकते हैं। यह मंच 36 भाषाओं, QR कोड आधारित सीखने और ऑफलाइन सुविधा के साथ डिजिटल शिक्षा को नई दिशा दे रहा है।

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Priyanka C. Mishra
Priyanka C. Mishra
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एकीकृत डिजिटल मंच पर उपलब्ध स्कूली पढ़ाई

DIKSHA platform India: भारत में डिजिटल शिक्षा को एक नई और अभूतपूर्व दिशा देते हुए सरकारी प्लेटफॉर्म ‘दीक्षा’ (डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर नॉलेज शेयरिंग) अब देश की स्कूली शिक्षा प्रणाली का सबसे बड़ा और मजबूत डिजिटल आधार बन चुका है। केंद्र सरकार द्वारा इसे “वन नेशन, वन डिजिटल प्लेटफॉर्म” (एक राष्ट्र, एक डिजिटल मंच) के रूप में देश के सामने पेश किया गया है। इस दूरदर्शी पहल का सीधा मतलब यह है कि अब देश के लगभग सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की स्कूली पढ़ाई एक ही एकीकृत डिजिटल मंच पर उपलब्ध करा दी गई है।

शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, ‘दीक्षा’ ने पारंपरिक स्कूली शिक्षा के दायरे को सिर्फ चारदीवारी और भौतिक किताबों तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि आधुनिक तकनीक, मोबाइल और इंटरनेट के जरिए इसे देश के अंतिम छोर पर बैठे हर बच्चे तक पहुंचाने का सफल प्रयास किया है। अब छात्र अपने घर बैठे ही केवल एक स्मार्टफोन के माध्यम से वीडियो देखकर, व्यावहारिक सवाल हल करके और पूरी तरह से इंटरैक्टिव तरीके से अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं।

‘दीक्षा’ क्या है और कैसे करता है काम?

‘दीक्षा’ एक राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2017 में की गई थी। इसे राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद और केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से संचालित और प्रबंधित किया जाता है। यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह से केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक दायरे के अंतर्गत काम करता है। इस प्लेटफॉर्म को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य बेहद स्पष्ट और जन-केंद्रित था-देश के हर छात्र और शिक्षक को एक ऐसा सशक्त डिजिटल ईको-सिस्टम प्रदान करना, जहां पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी सभी जरूरी और प्रामाणिक सामग्रियां एक ही जगह पर मुफ्त में उपलब्ध हो सकें।

सरकार ने इस प्लेटफॉर्म को इस तरह से लचीला और उन्नत डिज़ाइन किया है कि हर राज्य अपनी स्थानीय आवश्यकताओं, क्षेत्रीय भाषा और अपने विशिष्ट पाठ्यक्रम के अनुसार सामग्री को यहां अपलोड और अपडेट कर सकता है। यही लचीलापन इसे एक अनूठा साझा राष्ट्रीय शिक्षा प्लेटफॉर्म बनाता है।

‘वन नेशन, वन डिजिटल प्लेटफॉर्म’ का वास्तविक प्रभाव

भारत जैसे विशाल और विविध देश में पहले हर राज्य के पास अपनी अलग-अलग डिजिटल प्रणालियां और ऑनलाइन सामग्रियां थीं। इससे न केवल संसाधनों का दोहराव होता था, बल्कि छात्रों के बीच डिजिटल अंतर भी पैदा होता था। ‘दीक्षा’ ने इन सभी अलग-अलग कड़ियों को एक ही मंच पर जोड़कर इस समस्या का स्थाई समाधान कर दिया है।

अब एक ही डिजिटल एप्लीकेशन या वेबसाइट पर:

  • राजस्थान का कोई छात्र अपने राज्य बोर्ड की अध्ययन सामग्री पढ़ सकता है।
  • तमिलनाडु का छात्र अपनी क्षेत्रीय भाषा में उच्च गुणवत्ता वाले लेक्चर देख सकता है।
  • असम, उत्तर प्रदेश या बिहार के छात्र अपने-अपने स्थानीय पाठ्यक्रम के अनुसार डिजिटल नोट्स और वीडियो पा सकते हैं।
  •  यही कारण है कि शिक्षा विशेषज्ञ और सरकार इसे देश का सबसे सफल एकीकृत डिजिटल शिक्षा मॉडल मान रहे हैं, जिसने राज्यों की भौगोलिक दूरियों को समेट दिया है।

किताबों से आगे – पूरी डिजिटल कक्षा का अनुभव

‘दीक्षा’ प्लेटफॉर्म पर बच्चों को केवल ई-बुक (PDF) या साधारण नोट्स ही नहीं मिलते, बल्कि यहां एक जीवंत डिजिटल कक्षा जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। प्लेटफॉर्म पर उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो लेक्चर, ऑडियो व्याख्या, शैक्षणिक एनिमेशन, क्विज़, मॉक टेस्ट और अभ्यास प्रश्नपत्रों का एक विशाल भंडार उपलब्ध है। इस प्लेटफॉर्म की सबसे क्रांतिकारी और लोकप्रिय विशेषता इसकी क्यूआर कोड आधारित पढ़ाई है।

NCERT और विभिन्न राज्य बोर्डों की नई किताबों में अब हर अध्याय के साथ एक विशिष्ट क्यूआर कोड दिया गया है। छात्र जैसे ही अपने मोबाइल कैमरे या दीक्षा ऐप से इस कोड को स्कैन करते हैं, उनके सामने उस विशेष अध्याय का वीडियो विश्लेषण और अतिरिक्त अध्ययन सामग्री तुरंत खुल जाती है। इससे बच्चों में रटने की पुरानी प्रवृत्ति खत्म हो रही है और वे विषयों को समझकर पढ़ पा रहे हैं। यह अनूठी सुविधा कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के सभी छात्रों के लिए पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है।

शिक्षकों के लिए भी मील का पत्थर

यह डिजिटल प्लेटफॉर्म केवल छात्रों की पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के लाखों शिक्षकों के पेशेवर विकास के लिए भी एक आवश्यक उपकरण बन चुका है। शिक्षक इस मंच के माध्यम से शिक्षण की नई और आधुनिक तकनीकों को सीख रहे हैं। इसके साथ ही, शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय स्तर के ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम भी इसी प्लेटफॉर्म पर आयोजित किए जाते हैं। गौरतलब है कि कोरोना महामारी के अभूतपूर्व संकट के दौरान, जब देश भर के स्कूल महीनों बंद रहे थे, तब इसी प्लेटफॉर्म ने देश की रीढ़ बनकर करोड़ों बच्चों की पढ़ाई को निर्बाध रूप से जारी रखने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी।

36 भाषाओं का समर्थन और ऑफलाइन पहुंच

भारत की भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए ‘दीक्षा’ को लगभग 36 भारतीय भाषाओं में सुलभ कराया गया है। इसका सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण, जनजातीय और दूरदराज के क्षेत्रों के बच्चों को मिल रहा है, जो अब बिना किसी भाषाई बाधा के अपनी मातृभाषा में जटिल से जटिल विषयों को आसानी से समझ पा रहे हैं। इसके अलावा, ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की अनिश्चितता को देखते हुए इसमें ऑफलाइन मोड की सुविधा दी गई है। छात्र इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलने पर पाठ्य सामग्री और वीडियो को डाउनलोड कर सकते हैं और बाद में बिना इंटरनेट के भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं।

शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल क्रांति और आगे की राह

DIKSHA platform India: शिक्षा जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि ‘दीक्षा’ ने भारत की पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक युग के अनुकूल बनाने में एक बड़ी डिजिटल क्रांति का सूत्रपात किया है। नई शिक्षा नीति में भी डिजिटल और तकनीकी आधारित शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार का अंतिम लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी बच्चा, चाहे वह किसी भी सुदूर गांव या आर्थिक पृष्ठभूमि से आता हो, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।

संक्षेप में कहा जाए तो, ‘दीक्षा’ महज़ एक मोबाइल ऐप या वेबसाइट नहीं है, बल्कि यह देश का सबसे बड़ा डिजिटल स्कूल बन चुका है। यह एक ऐसा सशक्त मंच है जहां देश के छात्र आधुनिक तरीकों से सीख रहे हैं और शिक्षक खुद को अपग्रेड कर रहे हैं। तकनीक और शिक्षा के इस बेजोड़ संगम ने भारत में शिक्षा के लोकतंत्रीकरण को एक नई गति प्रदान की है।


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प्रियंका सी. मिश्रा वरिष्ठ हिंदी कंटेंट राइटर और पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार लेखन, डिजिटल कंटेंट निर्माण, स्क्रिप्टिंग, रिपोर्टिंग और विश्लेषण के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। वे सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विषयों के साथ-साथ बॉलीवुड, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल जैसे विविध विषयों पर तथ्यपरक और शोध आधारित लेखन करती हैं। जटिल मुद्दों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करना उनकी विशेषता है, जिससे उनकी सामग्री व्यापक पाठक वर्ग के लिए सहज और विश्वसनीय बनती है। अनुभव : हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन, फीचर स्टोरी, विश्लेषणात्मक लेख और यूट्यूब स्क्रिप्टिंग में मजबूत पहचान बनाई है। विभिन्न समसामयिक और जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता उन्हें एक बहुमुखी कंटेंट विशेषज्ञ के रूप में स्थापित करती है। वर्तमान फोकस : वे समाचार, सोशल ट्रेंड्स, एंटरटेनमेंट, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर डिजिटल ऑडियंस के लिए जानकारीपूर्ण और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी प्राथमिकता तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष प्रस्तुति और पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • समाचार लेखन और विश्लेषण : राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विषयों पर स्पष्ट और संतुलित रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण। • बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट : फिल्म, सेलिब्रिटी और मनोरंजन जगत से जुड़े ट्रेंड्स और अपडेट्स पर लेखन। • ज्योतिष और लाइफस्टाइल : ज्योतिष, स्वास्थ्य, रिलेशनशिप और दैनिक जीवन से जुड़े विषयों पर सरल एवं उपयोगी कंटेंट निर्माण। • यूट्यूब स्क्रिप्टिंग और डिजिटल कंटेंट : डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक, ऑडियंस-केंद्रित और रिसर्च आधारित स्क्रिप्ट तैयार करने में विशेषज्ञता। • हिंदी कंटेंट निर्माण : सरल, प्रभावी और SEO-फ्रेंडली हिंदी कंटेंट तैयार करने का अनुभव। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष दृष्टिकोण और संवेदनशील लेखन शैली के कारण प्रियंका सी. मिश्रा ने पाठकों के बीच एक विश्वसनीय हिंदी कंटेंट राइटर और डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल के रूप में अपनी पहचान बनाई है। समाचार और डिजिटल मीडिया के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा विविध विषयों पर निरंतर लेखन अनुभव उनकी विशेषज्ञता और विश्वसनीयता को मजबूत बनाता है।