नागपुर: विधानसभा में गूंजा गोंदिया फूड पॉइजनिंग का मुद्दा, नर्सिंग कॉलेजों के भोजन की जांच की मांग

गोंदिया के शासकीय नर्सिंग कॉलेज में 45 छात्राओं के फूड पॉइजनिंग का मामला विधानसभा में उठा। विधायक प्रवीण दटके ने भोजन की गुणवत्ता की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। सरकार ने सभी नर्सिंग कॉलेजों के लिए एक समान एसओपी लागू करने का भरोसा दिया।
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Nursing College Food Poisoning: गोंदिया के शासकीय नर्सिंग कॉलेज में भोजन करने के बाद 45 छात्राओं के फूड पॉइजनिंग का शिकार होने का मामला महाराष्ट्र विधानसभा में गूंजा। विधायक प्रवीण दटके ने तारांकित प्रश्न के जरिए सरकार का ध्यान इस गंभीर घटना की ओर आकर्षित करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
45 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी
प्रवीण दटके ने बताया कि मई महीने में गोंदिया जिला सामान्य अस्पताल (केटीएस) के अंतर्गत संचालित शासकीय नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने छात्रावास का भोजन किया था। कुछ ही देर बाद 45 छात्राओं को पेट दर्द, उल्टी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने लगीं। तबीयत बिगड़ने पर सभी छात्राओं को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया।
भोजन की गुणवत्ता पर उठे सवाल
इस घटना के बाद छात्रावास में दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर सवाल उठने लगे। विधानसभा में दटके ने मांग की कि मामले की जांच के लिए बनाई गई त्रिस्तरीय समिति की रिपोर्ट सदन के सामने रखी जाए। उन्होंने यह भी पूछा कि नर्सिंग कॉलेजों में भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए क्या व्यवस्था है और इसकी नियमित निगरानी कैसे की जाती है।
राज्यभर में एक जैसी व्यवस्था बनाने की मांग
दटके ने सरकार से यह भी पूछा कि राज्य के सभी शासकीय नर्सिंग कॉलेजों और छात्रावासों में विद्यार्थियों को पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए कौन-कौन से नियम लागू हैं और उनका पालन कैसे सुनिश्चित किया जाता है।
सरकार ने दिया भरोसा
इस पर स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने सदन को आश्वस्त किया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए राज्य के सभी नर्सिंग कॉलेजों और उनकी कैंटीनों के लिए एक समान स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता न हो।

