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नागपुर में आवासीय अतिक्रमण नियमितीकरण के लिए लगेंगे विशेष शिविर, पात्र नागरिकों को मिलेगा पट्टा

नागपुर में आवासीय अतिक्रमण नियमितीकरण के लिए लगेंगे विशेष शिविर, पात्र नागरिकों को मिलेगा पट्टा
नागपुर में आवासीय अतिक्रमण नियमितीकरण के लिए लगेंगे विशेष शिविर, पात्र नागरिकों को मिलेगा पट्टा

नागपुर में सरकारी और नजूल भूमि पर 1 जनवरी 2011 तक बने आवासीय अतिक्रमणों के नियमितीकरण के लिए जिला प्रशासन विशेष शिविर लगाने जा रहा है। इन शिविरों में पात्र नागरिकों से आवेदन और दस्तावेज लिए जाएंगे, जिसके बाद नियमों के अनुसार पट्टा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

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Dipali Kumari
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Nagpur News: नागपुर महानगरपालिका क्षेत्र में सरकारी एवं नजूल भूमि पर बने आवासीय अतिक्रमणों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन शिविरों में 1 जनवरी 2011 तक बने पात्र आवासीय अतिक्रमणों के नियमितीकरण के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। साथ ही पात्र लाभार्थियों को पट्टे प्रदान करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी पात्र नागरिकों से निर्धारित तिथि और समय पर संबंधित जोन कार्यालय पहुंचकर इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है।

सुबह 9:30 से शाम 5:30 बजे तक लगेंगे शिविर

प्रशासन के अनुसार सभी शिविर सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के तहत 10-11 जुलाई को लक्ष्मीनगर जोन-1, 13-14 जुलाई को धरमपेठ जोन-2, 15-16 जुलाई को वंदनीय राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज (हनुमान नगर) जोन-3, 17-18 जुलाई को धंतोली जोन-4, 20-21 जुलाई को नेहरू नगर जोन-5, 22-23 जुलाई को गांधी महल जोन-6, 24-25 जुलाई को सतरंजीपुरा जोन-7, 27-28 जुलाई को लकड़गंज जोन-8, 29-30 जुलाई को आसीनगर जोन-9 तथा 31 जुलाई और 1 अगस्त को मंगलवारी जोन-10 कार्यालय में शिविर लगाए जाएंगे।

आवश्यक दस्तावेज

प्रशासन ने बताया कि आवेदन के साथ 1 जनवरी 2011 तक अतिक्रमण के अस्तित्व का प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसके लिए स्थानीय स्वराज्य संस्था की वार्डवार मतदाता सूची में नाम, बिजली बिल, संपत्ति कर रसीद, अतिक्रमण सर्वेक्षण रजिस्टर की प्रविष्टि, झुग्गी घोषणा अधिसूचना या अन्य मान्य सरकारी आवासीय प्रमाण (राशन कार्ड को छोड़कर) स्वीकार किए जाएंगे। इसके अलावा पिछले एक वर्ष के भीतर का कोई एक सरकारी निवास प्रमाण भी देना आवश्यक होगा। आवेदकों को सभी मूल दस्तावेजों के साथ उनकी छायाप्रतियां भी लानी होंगी।

शिविरों में नागरिकों को नियमितीकरण प्रक्रिया की पूरी जानकारी, दस्तावेजों की जांच और आवेदन जमा करने की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद नियमितीकरण की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

हेल्पलाइन नंबर जारी

जिला प्रशासन ने कहा है कि अधिक जानकारी के लिए संबंधित जोन कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा नागरिक हेल्पलाइन नंबर 8793836448 और 8261025648 पर भी संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।