महाराष्ट्र में गुटखा कारोबार में मची खलबली, कई शहरों में बढ़े पान मसाला के रेट

महाराष्ट्र में एफडीए के नए आयुक्त तुकाराम मुंढे की नियुक्ति के बाद गुटखा और पान मसाला के दामों में बढ़ोतरी की चर्चा तेज हो गई है। संभावित सख्त कार्रवाई की आशंका के बीच कई शहरों में कीमतें बढ़ी हैं, जिससे अवैध कारोबार और बाजार की गतिविधियों में हलचल देखी जा रही है।
विषयसूची
Maharashtra Gutkha Price Hike: महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के नए आयुक्त के रूप में तुकाराम मुंढे की नियुक्ति के बाद अवैध गुटखा और पान मसाला कारोबार में हलचल तेज हो गई है। बाजार में इन उत्पादों की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है। कारोबारियों का मानना है कि सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की आशंका और संभावित छापेमारी के कारण बाजार में आपूर्ति प्रभावित होने लगी है, जिसका असर सीधे कीमतों पर पड़ रहा है।
कई शहरों में बढ़े गुटखा और पान मसाला के दाम
जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र में प्रतिबंध के बावजूद चोरी-छिपे गुटखा और पान मसाला की बिक्री जारी है। हालांकि, तुकाराम मुंढे के एफडीए आयुक्त बनने के बाद कई शहरों में इनके दाम बढ़ गए हैं। नागपुर के कई इलाकों में पहले 15 रुपये में मिलने वाला पान मसाला अब 20 से 25 रुपये तक बेचा जा रहा है। वहीं अमरावती में इसकी कीमत 25 से 30 रुपये प्रति पाउच तक पहुंच गई है, जबकि अकोला में यही उत्पाद 30 रुपये तक बिक रहा है।
इन ब्रांडों की कीमतों में सबसे ज्यादा असर
बाजार में रजनीगंधा, विमल, राजश्री, पराग और पान पराग जैसे प्रमुख ब्रांडों के दाम बढ़ने की जानकारी सामने आई है। व्यापारियों का कहना है कि संभावित कार्रवाई और आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के चलते बाजार में कृत्रिम कमी का माहौल बन गया है, जिसके कारण कीमतों में उछाल देखा जा रहा है।
व्यापारियों के मुताबिक, पूर्व विदर्भ में रजनीगंधा की सबसे अधिक मांग है, जबकि पश्चिम विदर्भ में पराग और काली बहार की बिक्री अधिक होती है। वहीं अमरावती और वर्धा जिलों में विमल पान मसाला सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। मांग और उपलब्धता के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों में कीमतों में भी अंतर देखने को मिल रहा है।
हालांकि, गुटखा और पान मसाला की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसके बावजूद बाजार में यह चर्चा तेज है कि एफडीए की सख्त निगरानी और संभावित कार्रवाई के कारण अवैध कारोबार प्रभावित हो सकता है। व्यापारियों और उपभोक्ताओं की नजर अब आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई और बाजार की स्थिति पर बनी हुई है।

