Rashtra Bharat Logo

खेती करने वाली महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! अब मिलेगा महिला किसान का दर्जा और कई सुविधाएं

खेती करने वाली महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! अब मिलेगा महिला किसान का दर्जा और कई सुविधाएं
खेती करने वाली महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! अब मिलेगा महिला किसान का दर्जा और कई सुविधाएं

महाराष्ट्र सरकार के महिला सशक्तिकरण विधेयक 2026 से कृषि क्षेत्र में काम करने वाली लाखों महिलाओं को बड़ी राहत मिलने जा रही है। नए कानून के तहत पात्र महिलाओं को महिला किसान प्रमाणपत्र मिलेगा, जिससे वे बैंक ऋण, फसल बीमा, कृषि अनुदान और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उठा सकेंगी।

Updated:
·by
Dipali Kumari
Dipali Kumari
Share:

विषयसूची

Maharashtra Women Empowerment Bill 2026: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत ‘महाराष्ट्र महिला सशक्तिकरण विधेयक, 2026’ का सावनेर के विधायक डॉ. आशीषराव देशमुख ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इस कानून के लागू होने से कृषि क्षेत्र में कार्यरत लाखों महिलाओं को पहली बार आधिकारिक रूप से महिला किसान का दर्जा मिलेगा।

सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाती हैं महिलाएं

डॉ. देशमुख ने कहा कि महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं बुवाई, रोपाई, निराई-गुड़ाई, कटाई, पशुपालन और कृषि से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों में अहम भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद अधिकांश कृषि भूमि उनके नाम पर नहीं होने के कारण उन्हें किसान के रूप में मान्यता नहीं मिलती थी। इसी वजह से वे कृषि ऋण, फसल बीमा, सरकारी योजनाओं, कृषि अनुदान और अन्य सुविधाओं का लाभ लेने से भी वंचित रह जाती थीं।

महिलाओं को अब मिलेगा महिला किसान प्रमाणपत्र

उन्होंने बताया कि नए विधेयक के तहत वास्तविक रूप से खेती करने वाली महिलाओं को महिला किसान प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायतों के माध्यम से आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। आवश्यक जांच के बाद पात्र महिलाओं को प्रमाणपत्र दिया जाएगा। यदि किसी आवेदन को अस्वीकार किया जाता है, तो संबंधित अधिकारी को उसका कारण लिखित रूप में बताना अनिवार्य होगा।

डॉ. देशमुख के अनुसार, इस कानून के लागू होने के बाद महिला किसानों को बैंक ऋण, फसल बीमा, कृषि अनुदान, सरकारी योजनाओं का लाभ, आधुनिक कृषि तकनीक, कौशल प्रशिक्षण और बाजार तक बेहतर पहुंच जैसी सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी। इससे महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी।

महिला किसान सशक्तिकरण परिषद के गठन का प्रस्ताव

विधेयक में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में महिला किसान सशक्तिकरण परिषद के गठन का भी प्रावधान किया गया है। परिषद में उपमुख्यमंत्री, कृषि, राजस्व, महिला एवं बाल विकास समेत विभिन्न विभागों के मंत्री सदस्य होंगे, जबकि कृषि विभाग के सचिव सदस्य सचिव की जिम्मेदारी निभाएंगे। इसके अलावा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समन्वय समिति का गठन किया जाएगा, जो योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेगी।

महिलाओं को मिलेगा सम्मान और पहचान

डॉ. आशीषराव देशमुख ने विश्वास जताया कि यह विधेयक महिलाओं को केवल आधिकारिक पहचान ही नहीं देगा, बल्कि उनके अधिकारों की रक्षा, सम्मान और समग्र विकास के लिए मजबूत संस्थागत व्यवस्था भी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि महिला किसानों के योगदान को उचित सम्मान दिलाने वाला यह कानून महाराष्ट्र के कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा और ग्रामीण क्षेत्र की लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Dipali Kumari

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।