महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: किसानों के लिए मिट्टी, गाद और मुरूम पर रॉयल्टी खत्म, जारी हुआ जीआर

महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए खेती और कृषि निर्माण कार्यों के लिए मिट्टी, गाद और मुरूम पर लगने वाली रॉयल्टी पूरी तरह खत्म कर दी है। सरकार ने इस संबंध में जीआर भी जारी कर दिया है। जानिए किन कार्यों के लिए मिलेगी यह छूट और क्या हैं नए नियम।
विषयसूची
Farmer News Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए खेती और कृषि संबंधी निर्माण कार्यों के लिए मिट्टी, गाद (सिल्ट) और मुरूम जैसे गौण खनिजों पर लगने वाली रॉयल्टी (स्वामित्व शुल्क) पूरी तरह समाप्त कर दी है। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने कल 2 जुलाई को विधानसभा और विधान परिषद में इसकी घोषणा की। घोषणा के तुरंत बाद इस संबंध में शासनादेश (जीआर) भी जारी कर दिया गया।
किसानों को मिली बड़ी राहत
नई व्यवस्था के तहत किसान अब अपनी कृषि भूमि के विकास, कुआं खोदने, पशुओं के लिए गोशाला बनाने, खेतघर के निर्माण या मरम्मत, खेत और खेत मार्गों पर जमा कीचड़ हटाने तथा गड्ढे भरने जैसे कार्यों के लिए बिना किसी रॉयल्टी के मिट्टी, गाद और मुरूम का उपयोग कर सकेंगे। इसके लिए किसान अपनी निजी जमीन के अलावा जलसंपदा एवं मृदा एवं जल संरक्षण विभाग के अधीन आने वाले जलाशयों, खेत तालाबों, गांव तालाबों, नालों, बंधारों, मालगुजारी तालाबों और लघु सिंचाई परियोजनाओं से भी इन संसाधनों का उपयोग कर सकेंगे।
सिर्फ आवेदन देकर 15 दिन में मिलेगी अनुमति
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने बताया कि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए किसानों को केवल स्थानीय तलाठी के पास एक साधारण आवेदन देना होगा। आवेदन मिलने के बाद संबंधित मंडल अधिकारी को 15 दिनों के भीतर अनुमति देना अनिवार्य रहेगा। यदि संबंधित क्षेत्र जलसंपदा विभाग के अधीन है, तो उस विभाग की अनापत्ति (एनओसी) आवश्यक होगी। वहीं, राजस्व विभाग के अधीन आने वाले नालों के मामलों में तहसीलदार की एनओसी लेनी होगी।
मिट्टी ले जाने वाले किसानों के वाहन नहीं होंगे जब्त
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसान अपने निजी कृषि कार्यों के लिए ट्रैक्टर, ट्रॉली, ट्रक या बैलगाड़ी से मिट्टी या मुरूम का परिवहन करते हैं, तो पुलिस या तहसील प्रशासन उनके वाहनों को जब्त नहीं करेगा और न ही उनके खिलाफ किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई अधिकारी किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
व्यावसायिक इस्तेमाल करने वालों पर होगी कार्रवाई
हालांकि सरकार ने साफ किया है कि यह छूट केवल किसानों के व्यक्तिगत और कृषि कार्यों के लिए ही लागू होगी। यदि मिट्टी, गाद या मुरूम का व्यावसायिक उपयोग या दुरुपयोग किया गया, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्रचलित कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से किसानों का आर्थिक बोझ कम होगा, कृषि विकास को गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

