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अब Telegram पर नहीं मिलेगी फ्री की Movie और Web Series! सरकार ने भेजा नोटिस, पायरेसी पर सख्त आदेश

अब Telegram पर नहीं मिलेगी फ्री की Movie और Web Series! सरकार ने भेजा नोटिस, पायरेसी पर सख्त आदेश
अब Telegram पर नहीं मिलेगी फ्री की Movie और Web Series! सरकार ने भेजा नोटिस, पायरेसी पर सख्त आदेश

फ्री में फिल्में और वेब सीरीज देखने वालों के लिए बड़ा झटका लग सकता है। केंद्र सरकार ने टेलीग्राम को पायरेटेड मूवी और OTT कंटेंट की अवैध शेयरिंग रोकने का नोटिस जारी किया है। सरकार ने 15 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया है।

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Dipali Kumari
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Telegram: भारत सरकार ने फिल्मों और OTT प्लेटफॉर्म के कंटेंट की ऑनलाइन पायरेसी पर सख्ती दिखाते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को नोटिस जारी किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टेलीग्राम से कहा है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर फिल्मों और वेब सीरीज की अवैध शेयरिंग रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाए। साथ ही 15 दिनों के भीतर इस संबंध में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी सरकार को सौंपने को कहा गया है।

सरकार का कहना है कि पायरेसी से फिल्म इंडस्ट्री, OTT प्लेटफॉर्म, ब्रॉडकास्टर्स, प्रोड्यूसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को भारी नुकसान होता है। ऐसे में टेलीग्राम की जिम्मेदारी है कि वह अपने प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाए। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि केवल एक-दो पोस्ट हटाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि पूरे प्लेटफॉर्म पर ऐसी व्यवस्था विकसित करनी होगी, जिससे पायरेटेड कंटेंट आसानी से शेयर न किया जा सके।

चैनल, ग्रुप और बॉट्स पर भी होगी कार्रवाई

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टेलीग्राम को निर्देश दिया है कि बार-बार पायरेटेड कंटेंट शेयर करने वाले चैनलों, ग्रुप्स, बॉट्स, अकाउंट्स और उनके एडमिन्स के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। सरकार चाहती है कि ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह रोका जाए, ताकि फिल्मों और OTT कंटेंट की अवैध कॉपी लोगों तक न पहुंच सके। इससे कंटेंट बनाने वालों के अधिकारों की भी सुरक्षा होगी।

जून में भी हुई थी टेलीग्राम पर कार्रवाई

यह पहला मौका नहीं है जब सरकार ने टेलीग्राम के खिलाफ कार्रवाई की हो। इससे पहले जून में NEET (UG) 2026 री-एग्जाम से पहले प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की सिफारिश पर 16 से 22 जून तक टेलीग्राम पर कार्रवाई की गई थी। इसके अलावा सरकार ने 30 जून तक टेलीग्राम के मैसेज एडिट फीचर को भी बंद रखने का निर्देश दिया था। इन कदमों का उद्देश्य गलत जानकारी और संवेदनशील सामग्री के प्रसार को रोकना था।

Meta को भी भेजा जा चुका है नोटिस

हाल के दिनों में केंद्र सरकार की यह दूसरी बड़ी डिजिटल कार्रवाई है। इससे पहले सरकार ने Meta को WhatsApp के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर को लेकर नोटिस भेजकर जवाब मांगा था। वहीं, Instagram पर बाल यौन शोषण से जुड़े कथित विज्ञापनों के मामले में भी Meta के अधिकारियों को तलब करने का फैसला लिया गया है।

सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म को कानूनों का पालन करना होगा और ऐसा कोई भी कंटेंट, जिससे लोगों, कंटेंट क्रिएटर्स या सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचे, उसे रोकने के लिए समय पर कार्रवाई करना उनकी जिम्मेदारी है।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।