Nagpur News: दीक्षाभूमि के विकास के लिए जल्द बनेगा मास्टर प्लान, सर्वसम्मति से होगा फैसला

Nagpur Deekshabhoomi development master plan: नागपुर में दीक्षाभूमि के समग्र विकास के लिए जल्द मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि योजना सभी पक्षों की सहमति से बनाई जाएगी। समीक्षा बैठक में बाबासाहेब आंबेडकर के संदेश को प्रमुखता देने, नए नागपुर में मूलभूत सुविधाओं, ड्रोन सर्वेक्षण, जमीन की मैपिंग और संभावित अधिक बारिश से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
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दीक्षाभूमि के विकास की योजना पर हुई समीक्षा
Nagpur Deekshabhoomi development master plan: नागपुर, 6 जुलाई। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री एवं नागपुर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि दीक्षाभूमि के समग्र विकास का मास्टर प्लान जल्द ही सर्वसम्मति से तैयार किया जाएगा। उन्होंने यह बात नागपुर सुधार प्रन्यास में आयोजित समीक्षा बैठक में कही, जहां उन्होंने दीक्षाभूमि, श्री महालक्ष्मी जगदंबा संस्थान तीर्थस्थल तथा अन्य विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में नागपुर सुधार प्रन्यास के सभापति संजय मीणा, महाव्यवस्थापक सचिन ढोले एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
पालकमंत्री ने कहा कि नागपुर महानगर के तेजी से हो रहे विस्तार, नए नागपुर के विकास तथा औद्योगिक व पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए यह योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की दूरदृष्टि और दीक्षाभूमि के प्रति उनकी आस्था को विकास योजना में पूरी तरह प्रतिबिंबित किया जाएगा, क्योंकि हर वर्ष देश-विदेश से लाखों अनुयायी यहां प्रेरणा लेने आते हैं। बाबासाहेब का संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचे, इसके लिए पंचशील और धम्म के सिद्धांतों को परिसर में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। विकास योजना को जनप्रतिनिधियों, सामाजिक चिंतकों और संबंधित संस्थाओं के सहयोग से अंतिम रूप दिया जाएगा और इस पर शीघ्र ही विशेष बैठक होगी।


नए नागपुर में मूलभूत सुविधाओं पर दिया गया जोर
बैठक में नए नागपुर के विकास पर भी चर्चा हुई। पालकमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी नए लेआउट को मंजूरी देने से पहले पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, नालियां और ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही नागपुर सुधार प्रन्यास और नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण की सभी भूमि का ड्रोन सर्वेक्षण व एमआरसैक तकनीक से मैपिंग कराने के निर्देश भी दिए गए।
इसके बाद जिला कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में उन्होंने संभावित अतिवृष्टि और आपदा प्रबंधन की तैयारियों, पट्टों के वितरण, आपातकालीन निधि, ग्रामीण सड़कों, पौधारोपण तथा वनराई बंधारों के पुनर्जीवन की समीक्षा कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
दीक्षाभूमि के मास्टर प्लान पर आगामी विशेष बैठक में अंतिम रूपरेखा तय होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

