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नागपुर में सुप्रिया श्रीनेत ने राम मंदिर में कथित चोरी के मामले पर सरकार, ट्रस्ट और आरएसएस से जवाब मांगा

नागपुर में सुप्रिया श्रीनेत ने राम मंदिर में कथित चोरी के मामले पर सरकार, ट्रस्ट और आरएसएस से जवाब मांगा
Ram Mandir Theft Supriya Srinate Press Conference: नागपुर में सुप्रिया श्रीनेत ने राम मंदिर में कथित चोरी के मामले पर सरकार, ट्रस्ट और आरएसएस से जवाब मांगा (Image: AI)

Ram Mandir Theft Supriya Srinate Press Conference: नागपुर में कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य सुप्रिया श्रीनेत ने राम मंदिर में कथित चोरी के मामलों को लेकर केंद्र सरकार, आरएसएस और मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठाए। उन्होंने ट्रस्ट से जुड़े लोगों से पूछताछ, सीबीआई जांच, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

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Asfi Shadab
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राम मंदिर के कथित चोरी मामले पर उठे बड़े सवाल

Ram Mandir Theft Supriya Srinate Press Conference: नागपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस कार्यसमिति सीडब्ल्यूसी (CWC) की सदस्य सुप्रिया श्रीनेत ने राम मंदिर में कथित चोरी के मामलों को लेकर केंद्र सरकार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस (RSS) और मंदिर ट्रस्ट पर गंभीर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा, “इस देश में दिन की शुरुआत राम-राम से होती है। ऐसे देश में यदि भगवान राम के मंदिर में श्रद्धालुओं के दान की चोरी हो रही है, तो यह केवल चोरी नहीं बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर सीधा प्रहार है।”

श्रीनेत ने आरोप लगाया कि मंदिर में आरएसएस (RSS) की एंट्री के बाद चोरी की घटनाएं सामने आने लगीं। उनके अनुसार एसआईटी का गठन केवल छोटे लोगों को पकड़ने के लिए किया गया है, जबकि बड़े जिम्मेदार लोगों को बचाया जा रहा है। उन्होंने ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय बंसल, अनिल मिश्रा और गोविंदगिरी महाराज से पूछताछ की मांग की, क्योंकि इनके नाम एफआईआर में शामिल नहीं हैं।

सुप्रिया श्रीनेत ने निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग की

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं ने अपनी मेहनत की कमाई और महिलाओं ने अपने मंगलसूत्र तक अर्पित किए हैं। पिछले 40 दिनों में 70 चोरी की घटनाएं पकड़ी गई हैं, ऐसे में पिछले छह वर्षों के आंकड़ों का जवाब सरकार को देना चाहिए।

श्रीनेत ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट को आरटीआई के दायरे से बाहर रखा गया, शंकराचार्यों की उपेक्षा हुई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी उपलब्धि का श्रेय लिया। उन्होंने मामले की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई से कराने की मांग की। उनके मुताबिक, एसबीआई ने तीन महीने पहले सुरक्षा व्यवस्था में खामियों को लेकर चेतावनी दी थी।

अब देखना होगा कि केंद्र सरकार, आरएसएस (RSS) या मंदिर ट्रस्ट इन आरोपों पर आधिकारिक रूप से क्या प्रतिक्रिया देते हैं।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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