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महाराष्ट्र विधानसभा में आरटीओ विभाग में कथित रैकेट और भ्रष्टाचार के आरोपों पर सरकार ने एसआईटी जांच की घोषणा की।

महाराष्ट्र विधानसभा में आरटीओ विभाग में कथित रैकेट और भ्रष्टाचार के आरोपों पर सरकार ने एसआईटी जांच की घोषणा की।
Maharashtra RTO corruption SIT investigation: महाराष्ट्र विधानसभा में आरटीओ विभाग में कथित रैकेट और भ्रष्टाचार के आरोपों पर सरकार ने एसआईटी जांच की घोषणा की। (Image: AI)

Maharashtra RTO corruption SIT investigation: महाराष्ट्र विधानसभा में आरटीओ विभाग में कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, कर चोरी और वाहन पंजीकरण में अनियमितताओं का मुद्दा उठा। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने गंभीर आरोप लगाए। सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। एक महीने में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

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Asfi Shadab
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आरटीओ विभाग के आरोपों पर सरकार ने शुरू की जांच

Maharashtra RTO corruption SIT investigation: मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा में परिवहन विभाग आरटीओ (RTO) में कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और वाहन पंजीकरण में अनियमितताओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि आरटीओ (RTO) विभाग में अधिकारियों का एक संगठित रैकेट वर्षों से सक्रिय है। उन्होंने सदन में कुछ अधिकारियों के नाम लेते हुए कथित ऑडियो क्लिप भी प्रस्तुत कीं।

वडेट्टीवार के अनुसार, नागपुर आरटीओ (RTO) सहित कई स्थानों पर चोरी के वाहनों का पंजीकरण, अवैध वसूली और कर चोरी जैसे गंभीर गैरकानूनी कार्य हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि नेटवर्क से जुड़े कुछ अधिकारियों की विदर्भ क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से लगातार नियुक्ति बनी रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो अधिकारी इस वसूली तंत्र का सहयोग नहीं करते, उन्हें ट्रांसपोर्टरों के जरिए शिकायत करवाकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एसीबी (ACB) के ट्रैप में फंसाने की साजिश रची जाती है।

एसआईटी एक महीने में सरकार को सौंपेगी अपनी रिपोर्ट

सआईटी एक महीने में सरकार को सौंपेगी अपनी रिपोर्टजवाब में परिवहन मंत्री [नाम आवश्यक] ने कहा कि सरकार आरोपों को गंभीरता से ले रही है। आईपीएस (IPS) अधिकारी [नाम आवश्यक] की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी (SIT) गठित की गई है, जो एक महीने में रिपोर्ट सौंपेगी। मंत्री ने कहा कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में रहकर अन्य राज्यों में वाहन पंजीकरण कर टैक्स चोरी करने वालों पर सख्ती बरती जाएगी। वाहन पंजीकरण के दौरान निवास प्रमाण, ऋण दस्तावेज और जीएसटी (GST) सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं को और कड़ा किया जाएगा।

एसआईटी (SIT) की रिपोर्ट एक महीने के भीतर सौंपे जाने की उम्मीद है, जिसके बाद तय होगा कि इस कथित रैकेट में कौन-कौन अधिकारी दोषी पाए जाते हैं।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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