Rashtra Bharat Logo

Chandrapur News: ताडोबा में 20 वन्यजीव दूत चुने गए, 4,270 विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति शिक्षा कार्यक्रम से जोड़ा गया

Chandrapur News: ताडोबा में 20 वन्यजीव दूत चुने गए, 4,270 विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति शिक्षा कार्यक्रम से जोड़ा गया
Tadoba Andhari Tiger Reserve wildlife ambassadors conservation program: ताडोबा में 20 वन्यजीव दूत चुने गए, 4,270 विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति शिक्षा कार्यक्रम से जोड़ा गया (Photo: RB / Jassi)

Tadoba Andhari Tiger Reserve wildlife ambassadors conservation program: ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व में प्रकृति एवं संरक्षण शिक्षा कार्यक्रम के तहत 4,270 विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के बाद विद्यार्थियों की जानकारी और सोच में सुधार दर्ज किया गया। 10 विद्यालयों से कुल 20 विद्यार्थियों को 'वन्यजीव दूत' चुना गया, जो अपने विद्यालय और गांव में वन्यजीव संरक्षण का संदेश फैलाएंगे।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

वन्यजीव संरक्षण की दिशा में ताडोबा की नई पहल

Tadoba Andhari Tiger Reserve wildlife ambassadors conservation program: चंद्रपुर के ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 10 चयनित विद्यालयों से 20 विद्यार्थियों को ‘वन्यजीव दूत’ चुना है। इनमें हर विद्यालय से एक छात्र और एक छात्रा शामिल हैं।

यह चयन रिजर्व के सामुदायिक प्रकृति एवं संरक्षण शिक्षा कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि है। वर्षभर चले इस कार्यक्रम के तहत कुल 4,270 विद्यार्थियों को जंगल सफारी और संरक्षण गतिविधियों से जोड़ा गया। इनमें बफर क्षेत्र के 106 विद्यालयों के 2,397 और अन्य क्षेत्रों के 57 विद्यालयों के 1,873 विद्यार्थी शामिल रहे।

यह अभियान ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व ने बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी बीएनएचएस (BNHS) के साथ मिलकर चलाया। विद्यार्थियों के लिए जैव विविधता जागरूकता सत्र, पोस्टर आधारित गतिविधियां, शैक्षणिक फिल्म प्रदर्शन और प्रकृति आधारित खेल आयोजित किए गए। इस दौरान ‘द ट्रुथ अबाउट टाइगर’ फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें जंगल, जैव विविधता, बाघों के व्यवहार और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की वैज्ञानिक जानकारी दी गई।

Tadoba Andhari Tiger Reserve wildlife ambassadors conservation program: ताडोबा में 20 वन्यजीव दूत चुने गए, 4,270 विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति शिक्षा कार्यक्रम से जोड़ा गया
Tadoba Andhari Tiger Reserve wildlife ambassadors conservation program: ताडोबा में 20 वन्यजीव दूत चुने गए, 4,270 विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति शिक्षा कार्यक्रम से जोड़ा गया (Photo: RB / Jassi)
Tadoba Andhari Tiger Reserve wildlife ambassadors conservation program: ताडोबा में 20 वन्यजीव दूत चुने गए, 4,270 विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति शिक्षा कार्यक्रम से जोड़ा गया
Tadoba Andhari Tiger Reserve wildlife ambassadors conservation program: ताडोबा में 20 वन्यजीव दूत चुने गए, 4,270 विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति शिक्षा कार्यक्रम से जोड़ा गया (Photo: RB / Jassi)

20 वन्यजीव दूत गांव और विद्यालय में फैलाएंगे जागरूकता

कार्यक्रम के प्रभाव को मापने के लिए चयनित विद्यालयों में पूर्व और पश्चात परीक्षण किए गए। नतीजों में स्थानीय वनस्पतियों और वन्यजीवों की जानकारी रखने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत 30 से बढ़कर 70 प्रतिशत हो गया। वन्यजीवों के प्रति सकारात्मक सोच रखने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी 38 से बढ़कर 62 प्रतिशत पहुंच गई।

अब चुने गए 20 ‘वन्यजीव दूत’ अपने विद्यालयों और गांवों में संरक्षण का संदेश फैलाएंगे और स्थानीय समुदाय को इससे जोड़ेंगे। पूरा कार्यक्रम ताडोबा-अंधारी व्याघ्र संरक्षण प्रतिष्ठान ने विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क आयोजित किया, जिसमें आवागमन की व्यवस्था भी शामिल थी।

क्षेत्र संचालक प्रभू नाथ शुक्ला ने कहा कि आने वाले समय में इस पहल का विस्तार ग्रेटर ताडोबा लैंडस्केप के अधिक गांवों तक किया जाएगा।

Tadoba Andhari Tiger Reserve wildlife ambassadors conservation program: ताडोबा में 20 वन्यजीव दूत चुने गए, 4,270 विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति शिक्षा कार्यक्रम से जोड़ा गया
Tadoba Andhari Tiger Reserve wildlife ambassadors conservation program: ताडोबा में 20 वन्यजीव दूत चुने गए, 4,270 विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति शिक्षा कार्यक्रम से जोड़ा गया (Photo: RB / Jassi)

रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।