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Mumbai News: महाज्योती के लिए 1500 करोड़ रुपये के बजट की मांग, विधान परिषद में ओबीसी के लिए उठी आवाज

Mumbai News: महाज्योती के लिए 1500 करोड़ रुपये के बजट की मांग, विधान परिषद में ओबीसी के लिए उठी आवाज
Mahajyoti OBC 1500 Crore Budget Demand Vidhan Parishad: महाज्योती के लिए 1500 करोड़ रुपये के बजट की मांग, विधान परिषद में ओबीसी के लिए उठी आवाज (Photo: RB / Jassi)

Mahajyoti OBC 1500 Crore Budget Demand Vidhan Parishad: महाराष्ट्र विधान परिषद में विधायक डॉ. परिणय फुके ने महाज्योती को ओबीसी की जनसंख्या के आधार पर 1500 करोड़ रुपये का बजट देने की मांग की। मंत्री अतुल सावे ने बताया कि प्रस्ताव वित्त विभाग के पास है और अंतिम मंजूरी बाकी है। फिलहाल संस्था के लिए 728 करोड़ रुपये मंजूर किए जा चुके हैं तथा कई योजनाएं चल रही हैं।

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Asfi Shadab
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ओबीसी के लिए बजट बढ़ाने की मांग

Mahajyoti OBC 1500 Crore Budget Demand Vidhan Parishad: मुंबई: महाराष्ट्र विधान परिषद में विधायक डॉ. परिणय फुके ने महात्मा ज्योतिबा फुले अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्था (महाज्योती) को ओबीसी जनसंख्या के अनुपात में 1,500 करोड़ रुपये का बजट देने की जोरदार मांग उठाई। उन्होंने कहा कि मौजूदा अनुदान ओबीसी समाज की आबादी और संस्था की जिम्मेदारियों के मुकाबले काफी कम है, और सरकार को पूर्व के आश्वासन के अनुसार बिना देरी मंजूरी देनी चाहिए।

डॉ. फुके ने सदन में बताया कि सरकार सारथी, बार्टी और महाज्योती तीनों संस्थाओं को लगभग समान बजट देती है, जबकि सारथी करीब 16 प्रतिशत मराठा समाज, बार्टी 13 प्रतिशत अनुसूचित जाति समाज और महाज्योती राज्य के करीब 60 प्रतिशत ओबीसी समाज के लिए काम करती है। उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग में 350 से अधिक जातियां और करीब 7 करोड़ नागरिक शामिल हैं, इसलिए समान बजट न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने पिछले सत्र में सरकार के सकारात्मक रुख और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार द्वारा जनसंख्या-आधारित बजट स्वीकार किए जाने की भी याद दिलाई।

Mahajyoti OBC 1500 Crore Budget Demand Vidhan Parishad: महाज्योती के लिए 1500 करोड़ रुपये के बजट की मांग, विधान परिषद में ओबीसी के लिए उठी आवाज
Mahajyoti OBC 1500 Crore Budget Demand Vidhan Parishad: महाज्योती के लिए 1500 करोड़ रुपये के बजट की मांग, विधान परिषद में ओबीसी के लिए उठी आवाज (Photo: RB / Jassi)

महाज्योती के प्रस्ताव पर सरकार का जवाब

जवाब में अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे ने बताया कि महाज्योती का बजट 1,500 करोड़ रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है, जिसकी अंतिम स्वीकृति लंबित है। हालांकि अब तक 728 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं  इसमें 499 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं के लिए, 1 करोड़ रुपये वेतन तथा नागपुर में प्रशासनिक भवन-छात्रावास व नासिक में छात्रावास निर्माण के लिए 228 करोड़ रुपये शामिल हैं।

मंत्री ने बताया कि महाज्योती के माध्यम से 6,900 प्रशिक्षुओं और 14 हजार विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं व उच्च शिक्षा के लिए प्रशिक्षण मिल रहा है, साथ ही पीएचडी छात्रों को भी सहायता दी जा रही है। संस्था के सहयोग से अब तक 100 विद्यार्थी यूपीएससी, 371 एमपीएससी तथा करीब 2,000 युवा सेना, बैंकिंग और अन्य क्षेत्रों में सफल हुए हैं।

डॉ. फुके ने अंत में दोहराया कि ओबीसी विद्यार्थियों के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए 1,500 करोड़ रुपये का बजट तत्काल मंजूर किया जाना चाहिए। अब सबकी नजर वित्त विभाग की अंतिम स्वीकृति पर टिकी है।

Mahajyoti OBC 1500 Crore Budget Demand Vidhan Parishad: महाज्योती के लिए 1500 करोड़ रुपये के बजट की मांग, विधान परिषद में ओबीसी के लिए उठी आवाज
Mahajyoti OBC 1500 Crore Budget Demand Vidhan Parishad: महाज्योती के लिए 1500 करोड़ रुपये के बजट की मांग, विधान परिषद में ओबीसी के लिए उठी आवाज (Photo: RB / Jassi)

रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।