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मनरेगा बचाओ आंदोलन: कांग्रेस का कोलकाता में विरोध प्रदर्शन, केंद्र सरकार पर गांधी का नाम मिटाने का आरोप

MGNREGA Bachao Andolan: कोलकाता में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, केंद्र पर गांधी नाम मिटाने का आरोप
MGNREGA Bachao Andolan: कोलकाता में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, केंद्र पर गांधी नाम मिटाने का आरोप (IG Photo)

MGNREGA Bachao Andolan: पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस ने कोलकाता में गांधी मूर्ति के सामने विरोध प्रदर्शन किया। शुभंकर सरकार और प्रदीप भट्टाचार्य ने मनरेगा का नाम बदलने पर केंद्र सरकार की आलोचना की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार गांधी जी के नाम को मिटाने की कोशिश कर रही है।

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पश्चिम बंगाल में कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा बचाओ अभियान के तहत कोलकाता में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। गांधी जी की मूर्ति के सामने आयोजित इस सत्याग्रह में पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शुभंकर सरकार और पूर्व सांसद प्रदीप भट्टाचार्य सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही सेना के अधिकारी गांधी मूर्ति के पास पहुंचे और कांग्रेस नेतृत्व से अनुमति देखने की मांग की।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण किया। इसके बाद मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में गांधी मूर्ति के पास धरना प्रदर्शन शुरू किया गया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार इतिहास को बदलने की कोशिश कर रही है और गांधी जी के नाम को मिटाना चाहती है।

मनरेगा का नाम बदलने का विरोध

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने इस अवसर पर गांधी जी को श्रद्धांजलि देते हुए चरखा चलाया। उन्होंने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार एक तरफ इतिहास को विकृत करने की कोशिश कर रही है और दूसरी तरफ गांधी जी के नाम को इतिहास के पन्नों से मिटाने का प्रयास कर रही है। लेकिन उनका दावा था कि सरकार इसमें कभी सफल नहीं हो सकती।

शुभंकर सरकार ने कहा कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना जो गरीबों और मजदूरों के लिए रोजगार की गारंटी देती है, उसका नाम बदलना गांधी जी के विचारों का अपमान है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों लोगों को रोजगार प्रदान करती है और इसे महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया था।

गांधी और राम का संबंध

पूर्व सभापति और पूर्व सांसद प्रदीप भट्टाचार्य ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह से मनरेगा का नाम बदलकर उसमें राम का नाम शामिल किया गया है, वह गलत है। उन्होंने कहा कि गांधी जी खुद राम के भक्त थे। मृत्यु के समय उनके मुख से हे राम निकला था। इसलिए नाम बदलकर गांधी जी के नाम को मिटाया नहीं जा सकता।

भट्टाचार्य ने कहा कि गांधी जी ने अपने जीवन में राम के आदर्शों को अपनाया था। उनके लिए राम सिर्फ एक धार्मिक व्यक्ति नहीं बल्कि सत्य और न्याय के प्रतीक थे। इसलिए योजना के नाम में राम को शामिल करने से गांधी जी का नाम नहीं मिटाया जा सकता।

सेना की मौजूदगी से विवाद

कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही गांधी मूर्ति के सामने सेना के अधिकारियों की मौजूदगी ने विवाद को जन्म दिया। सेना के अधिकारियों ने कांग्रेस नेताओं से कार्यक्रम की अनुमति देखने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने इसे अपने अधिकारों में दखल बताया और सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए भी क्या अब सेना की अनुमति चाहिए।

हालांकि बाद में मामला सुलझा और कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। कांग्रेस नेताओं ने गांधी जी की मूर्ति के पास लंबे समय तक धरना दिया और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।

केंद्र सरकार पर इतिहास बदलने का आरोप

कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह इतिहास को अपने हिसाब से बदलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में गांधी जी की भूमिका को कम करके दिखाया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं और संस्थानों के नाम बदलकर गांधी जी के योगदान को भुलाने की कोशिश की जा रही है।

शुभंकर सरकार ने कहा कि गांधी जी ने देश की आजादी के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनके विचार और सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं। उन्हें इतिहास से मिटाना असंभव है क्योंकि वे करोड़ों भारतीयों के दिलों में बसे हैं।

ग्रामीण रोजगार पर असर

मनरेगा योजना ग्रामीण भारत के लिए रोजगार की गारंटी देने वाली सबसे बड़ी योजना है। इस योजना के तहत हर साल करोड़ों लोगों को रोजगार मिलता है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि योजना का नाम बदलने से इसकी मूल भावना कमजोर होती है।

प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि यह योजना गांधी जी के सपनों का भारत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गरीबों को रोजगार देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना गांधी जी का सपना था। इस योजना को उनके नाम से जोड़ना इसलिए जरूरी है।

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की रणनीति

यह विरोध प्रदर्शन पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की नई रणनीति का हिस्सा है। पार्टी राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए जनता से जुड़े मुद्दों को उठा रही है। मनरेगा जैसी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत लोकप्रिय हैं और कांग्रेस इसका फायदा उठाना चाहती है।

शुभंकर सरकार ने कहा कि कांग्रेस हमेशा गरीबों और मजदूरों के साथ खड़ी रही है। यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी। पार्टी केंद्र सरकार की हर गलत नीति का विरोध करेगी।

सत्याग्रह की परंपरा

गांधी मूर्ति के सामने सत्याग्रह करना कांग्रेस की पुरानी परंपरा है। गांधी जी ने अपने जीवन में सत्याग्रह को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया था। कांग्रेस नेताओं ने इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी जी के गीत गाए और उनके विचारों को याद किया। चरखा चलाकर उनके स्वावलंबन के संदेश को दोहराया गया। पूरा कार्यक्रम गांधीवादी तरीके से संपन्न हुआ।

आगे की रणनीति

कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिया कि यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ शुरुआत है। अगर केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम वापस नहीं बदला तो पूरे देश में बड़े आंदोलन की योजना बनाई जाएगी। पश्चिम बंगाल के सभी जिलों में इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि कांग्रेस गांधी जी के विचारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी। पार्टी इस मुद्दे को संसद में भी उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी।

पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के इस विरोध प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी मनरेगा जैसी जनहित की योजनाओं के नाम बदलने का कड़ा विरोध करेगी। गांधी जी की विरासत की रक्षा करना कांग्रेस की प्राथमिकता है और इसके लिए पार्टी लगातार संघर्ष करती रहेगी।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।