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सिद्धेश लाड ने रचा इतिहास सचिन तेंदुलकर के क्लब में हुए शामिल

Siddhesh Lad: मुंबई के बल्लेबाज सिद्धेश लाड ने रचा इतिहास, सचिन तेंदुलकर के खास क्लब में हुए शामिल
Siddhesh Lad: मुंबई के बल्लेबाज सिद्धेश लाड ने रचा इतिहास, सचिन तेंदुलकर के खास क्लब में हुए शामिल (Image Source: IG/@ladsid)

Siddhesh Lad: सिद्धेश लाड ने दिल्ली के खिलाफ 102 रनों की नाबाद पारी खेलकर इतिहास रच दिया है। वह एक ही रणजी सीजन में 5 शतक लगाने वाले सचिन तेंदुलकर और रूसी मोदी के बाद मुंबई के तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। मुंबई ने दिल्ली पर पहली पारी में बढ़त बना ली है। सिद्धेश की इस शानदार फॉर्म ने मुंबई को एक बार फिर खिताब का दावेदार बना दिया है।

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रणजी ट्रॉफी 2025-26 के सीजन में मुंबई के स्टार बल्लेबाज सिद्धेश लाड ने वो कर दिखाया है जो क्रिकेट की दुनिया में बहुत कम खिलाड़ी कर पाते हैं। दिल्ली के खिलाफ चल रहे मुकाबले में सिद्धेश लाड ने एक बहुत ही खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने इस सीजन का अपना पांचवां शतक जड़ा है। इस शतक के साथ ही वह मुंबई क्रिकेट के उन दिग्गज खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं जिनके नाम एक ही सीजन में पांच या उससे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड दर्ज है।

सिद्धेश लाड से पहले मुंबई के लिए यह कारनामा केवल महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और रूसी मोदी ही कर पाए थे। सचिन तेंदुलकर ने साल 1994-95 के सीजन में पांच शतक लगाए थे जबकि रूसी मोदी ने 1944-45 के सीजन में यह उपलब्धि हासिल की थी। अब लगभग 31 साल बाद किसी मुंबई के बल्लेबाज ने सचिन तेंदुलकर के इस बड़े रिकॉर्ड की बराबरी की है। यह सिद्धेश लाड के करियर के लिए एक बहुत बड़ा पल है क्योंकि उन्होंने न केवल अपनी टीम को संभाला बल्कि इतिहास के पन्नों में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में लिखवा लिया है।

दिल्ली के खिलाफ सिद्धेश लाड की शानदार बल्लेबाजी

मुंबई और दिल्ली के बीच खेले जा रहे इस मैच में दिल्ली ने पहली पारी में 221 रन बनाए थे। जवाब में उतरी मुंबई की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और टीम ने अपने ऊपरी क्रम के विकेट जल्दी खो दिए थे। एक समय पर मुंबई का स्कोर 136 रन पर 5 विकेट था और टीम मुश्किल में नजर आ रही थी। इसके बाद मैदान पर सिद्धेश लाड का जादू चला। उन्होंने सुवेद पारकर के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया और दिल्ली के गेंदबाजों की जमकर खबर ली।

सिद्धेश लाड ने अपनी पारी में 178 गेंदों का सामना किया और 102 रन बनाकर नाबाद रहे। उनकी इस पारी में 12 शानदार चौके शामिल थे। उन्होंने बहुत ही सूझबूझ के साथ बल्लेबाजी की और खराब गेंदों को बाउंड्री के बाहर भेजा। दूसरी तरफ से सुवेद पारकर ने भी उनका भरपूर साथ दिया और 53 रन बनाकर नाबाद रहे। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच छठे विकेट के लिए 130 रनों की अटूट साझेदारी हुई जिसने मुंबई को मैच में बढ़त दिला दी। दिन का खेल खत्म होने तक मुंबई ने 5 विकेट खोकर 266 रन बना लिए थे और अब मुंबई की टीम दिल्ली से 45 रन आगे है।

सचिन तेंदुलकर और रूसी मोदी के क्लब में एंट्री

रणजी ट्रॉफी के 90 साल के लंबे इतिहास में अब तक केवल 26 ऐसे बल्लेबाज हुए हैं जिन्होंने एक ही सीजन में पांच या उससे ज्यादा शतक लगाए हैं। मुंबई की टीम जिसे घरेलू क्रिकेट की सबसे सफल टीम माना जाता है वहां से अब तक केवल तीन ही खिलाड़ी ऐसा कर पाए हैं। सिद्धेश लाड अब सचिन तेंदुलकर और रूसी मोदी के साथ इस खास लिस्ट का हिस्सा बन गए हैं। यह रिकॉर्ड बताता है कि सिद्धेश लाड इस समय कितनी जबरदस्त फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने इस सीजन में लगातार चार मैचों में चार शतक लगाए हैं जो उनकी बल्लेबाजी की ताकत को दर्शाता है।

सिद्धेश लाड का संघर्ष और वापसी की कहानी

सिद्धेश लाड को मुंबई क्रिकेट का संकटमोचक यानी क्राइसिस मैन कहा जाता है। वह हमेशा तब रन बनाते हैं जब टीम मुश्किल में होती है। हालांकि उनका करियर हमेशा आसान नहीं रहा। कुछ साल पहले उन्होंने मुंबई छोड़कर गोवा की टीम से खेलने का फैसला किया था। लेकिन वहां उन्हें वह स्थिरता नहीं मिली जिसकी उन्हें तलाश थी। इसके बाद उन्होंने वापस मुंबई लौटने का फैसला किया। नियम के अनुसार उन्हें एक साल का इंतजार करना पड़ा और फिर मुंबई क्रिकेट संघ (MCA) ने उन पर दोबारा भरोसा जताया।

सिद्धेश लाड के पिता दिनेश लाड एक मशहूर कोच हैं जिन्होंने भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और शार्दुल ठाकुर जैसे खिलाड़ियों को तैयार किया है। सिद्धेश कहते हैं कि उनके पिता ने उन पर कभी दबाव नहीं डाला। उन्होंने हमेशा क्रिकेट का आनंद लेने की सलाह दी। सिद्धेश का मानना है कि मुंबई के लिए खेलना उनके लिए गर्व की बात है और वह अपनी टीम को एक बार फिर रणजी ट्रॉफी जिताना चाहते हैं।

टीम इंडिया में जगह बनाने का लक्ष्य

33 साल की उम्र में भी सिद्धेश लाड का जोश कम नहीं हुआ है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अभी भी भारतीय टीम के लिए खेलने का सपना देखते हैं तो उन्होंने बहुत ही सादगी से जवाब दिया। सिद्धेश ने कहा कि देश के लिए खेलना हर खिलाड़ी का अंतिम लक्ष्य होता है और मेरा भी यही सपना है। लेकिन फिलहाल मेरा पूरा ध्यान मुंबई की टीम को जीत दिलाने पर है। मैं बहुत आगे की नहीं सोचता और बस अपनी टीम के लिए रन बनाना चाहता हूं।

सिद्धेश लाड की इस पारी ने यह साबित कर दिया है कि अगर आपके पास हुनर और मेहनत करने का जज्बा है तो उम्र सिर्फ एक नंबर है। जिस तरह से उन्होंने दिल्ली के गेंदबाजों का सामना किया उससे मुंबई के चयनकर्ता और फैंस काफी खुश हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सिद्धेश लाड इस सीजन में और कितने रिकॉर्ड तोड़ते हैं। फिलहाल उनकी इस ऐतिहासिक पारी की चर्चा पूरे क्रिकेट जगत में हो रही है।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।