नागपुर जिले के रामटेक में एक भव्य सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव की शुरुआत बेहद खास रही क्योंकि इसकी शुरुआत से पहले जनसेवा में अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले स्व. अजित पवार को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर मशहूर कवि और वक्ता कुमार विश्वास ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति जनसेवा करते हुए अपनी अंतिम सांस लेता है, उसका जीवनकार्य अमर हो जाता है। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के वित्त राज्य मंत्री एड. आशीष जायसवाल, जिलाधिकारी डॉ. विपिन इटनकर और नगर अध्यक्ष बिकेंद्र महाजन भी मौजूद रहे।
रामटेक का नेहरू मैदान इस दिन श्रद्धा और सांस्कृतिक उत्सव के रंगों में रंगा हुआ था। यहां हजारों की संख्या में लोग एकत्रित हुए थे। सभी ने मिलकर स्व. अजित पवार को श्रद्धांजलि दी और उनके द्वारा किए गए समाज सेवा के कार्यों को याद किया। इसके बाद कुमार विश्वास, राज्य मंत्री आशीष जायसवाल, जिलाधिकारी डॉ. विपिन इटनकर और नगर अध्यक्ष बिकेंद्र महाजन ने मिलकर दीप प्रज्वलन किया और इस महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
रामटेक की पावन भूमि और इसका महत्व
रामटेक एक ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का स्थान है। यह वही पावन भूमि है जहां भगवान श्रीराम ने प्रतिज्ञा लेकर तपस्या की थी। यह स्थान सदियों से आस्था और भक्ति का केंद्र रहा है। रामटेक न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी बेहद समृद्ध है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, मंदिर और ऐतिहासिक स्थल हर साल लाखों पर्यटकों और भक्तों को अपनी ओर खींचते हैं।
इसी पावन भूमि पर जन्मे और पले-बढ़े स्व. अजित पवार ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा में लगा दिया। उन्होंने दिन-रात मेहनत करते हुए लोगों की समस्याओं को सुलझाया और रामटेक के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए।
कुमार विश्वास ने दिए प्रेरक विचार
कुमार विश्वास ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसका जन्म महान नहीं बनाता। महानता इस बात में है कि वह अपने जीवन में क्या सृजन करता है, समाज के लिए क्या छोड़ जाता है। उन्होंने कहा कि स्व. अजित पवार ने अपना पूरा जीवन जनसेवा में बिताया। ऐसे लोग अपने जीवनकाल में भले ही सामान्य दिखें, लेकिन उनका कार्य उन्हें अमर बना देता है।
कुमार विश्वास ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अंतिम सांस लेता है, तो वह मृत्यु नहीं बल्कि मोक्ष होता है। डॉ. कलाम भी अपने जीवन के अंतिम क्षण तक युवाओं को प्रेरित करते रहे और एक व्याख्यान देते समय ही उन्होंने अपने प्राण त्यागे। यही सच्ची सेवा है और यही असली मोक्ष है।
उन्होंने कहा कि स्व. अजित पवार भी ऐसे ही व्यक्ति थे जो अंतिम समय तक लोगों के लिए काम करते रहे। उनका जीवन हर किसी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
वित्त राज्य मंत्री और जिलाधिकारी की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के वित्त राज्य मंत्री एड. आशीष जायसवाल भी उपस्थित रहे। उन्होंने रामटेक महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल रामटेक के सांस्कृतिक वैभव को उजागर करता है, बल्कि यह क्षेत्र के विकास में भी योगदान देता है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को मंच मिलता है और पर्यटन को बढ़ावा मिलता है।
जिलाधिकारी डॉ. विपिन इटनकर ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि रामटेक जैसे ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षित रखना और उनके महत्व को जन-जन तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। इस महोत्सव के माध्यम से हम यह संदेश देना चाहते हैं कि हमारी संस्कृति और परंपराएं हमारी धरोहर हैं।
नगर अध्यक्ष बिकेंद्र महाजन ने इस आयोजन की सफलता के लिए सभी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि रामटेक के लोगों का सहयोग और उत्साह ही इस महोत्सव की असली ताकत है।
रामटेक महोत्सव में क्या-क्या खास
रामटेक महोत्सव एक तीन दिवसीय कार्यक्रम है। इस महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ विभिन्न खेल स्पर्धाएं भी आयोजित की गई हैं। इस वर्ष महोत्सव में संगीत प्रेमियों के लिए खास आकर्षण रखा गया है।
संगीत की जादुई शामें
तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में बॉलीवुड के मशहूर गायकों की लाइव प्रस्तुतियां होंगी। पहले दिन मशहूर गायक सोनू निगम अपनी आवाज का जादू बिखेरेंगे। दूसरे दिन सुदेश भोसले अपने गीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। तीसरे दिन साधना सरगम अपनी सुरीली आवाज से सभी का मन मोह लेंगी।
इन कार्यक्रमों को देखने के लिए रामटेक के साथ-साथ नागपुर और आसपास के जिलों से भी हजारों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। नेहरू मैदान में विशाल स्टेज तैयार किया गया है और उचित व्यवस्थाएं की गई हैं।
खेल स्पर्धाएं भी होंगी आयोजित
महोत्सव के दौरान युवाओं के लिए विभिन्न खेल स्पर्धाएं भी आयोजित की गई हैं। इनमें कबड्डी, खो-खो, क्रिकेट और वॉलीबॉल प्रमुख हैं। स्थानीय युवाओं ने इन स्पर्धाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।
यह आयोजन युवाओं में खेल भावना को बढ़ावा देने और उन्हें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए प्रोत्साहित करने का एक माध्यम है।
रामटेक महोत्सव का उद्देश्य
रामटेक महोत्सव का मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जन-जन तक पहुंचाना है। रामटेक में अनेक प्राचीन मंदिर, खूबसूरत झीलें और ऐतिहासिक स्थल हैं। लेकिन कई बार यह स्थान उतनी प्रसिद्धि नहीं पाता जितना इसे मिलनी चाहिए।
इस महोत्सव के माध्यम से सरकार और स्थानीय प्रशासन रामटेक को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करना चाहता है। इससे न केवल क्षेत्र की पहचान बढ़ेगी, बल्कि यहां के लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
लोगों में उत्साह और खुशी
महोत्सव के पहले दिन ही हजारों लोग नेहरू मैदान में पहुंचे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इस कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। स्थानीय दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें सजाई हैं और विशेष व्यवस्थाएं की हैं।
रामटेक के निवासियों का कहना है कि इस तरह के आयोजन उनके क्षेत्र को नई पहचान देते हैं। यह उनकी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने का एक सशक्त माध्यम है।
स्व. अजित पवार का योगदान
स्व. अजित पवार रामटेक के एक समर्पित समाज सेवक थे। उन्होंने अपने जीवन में कई सामाजिक कार्य किए। शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय है। वे हमेशा गरीबों और जरूरतमंदों के साथ खड़े रहे।
उनकी याद में इस महोत्सव का शुभारंभ करना एक भावनात्मक और सम्मानजनक कदम था। इससे यह संदेश जाता है कि समाज सेवा करने वालों को समाज कभी नहीं भूलता।
रामटेक महोत्सव का यह आयोजन न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह समाज सेवा, संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान का प्रतीक भी है। कुमार विश्वास के विचारों ने सभी को प्रेरित किया। वित्त राज्य मंत्री, जिलाधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
स्व. अजित पवार की स्मृति में शुरू हुआ यह महोत्सव आने वाले समय में रामटेक की पहचान को और मजबूत करेगा। यह आयोजन युवाओं को प्रेरित करने, संस्कृति को बढ़ावा देने और समाज सेवा के महत्व को समझाने में सफल रहेगा।