Income Tax Changes Explained in Easy terms: देश में टैक्स भरने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए ऐलान किया कि नया इनकम टैक्स एक्ट 2025, पहली अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा। यह नया कानून छह दशक पुराने टैक्स कानून की जगह लेगा। इस नए कानून का मकसद टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाना और आम नागरिकों को राहत देना है।
वित्त मंत्री ने कहा कि नए इनकम टैक्स के नियम और फॉर्म जल्द ही जारी किए जाएंगे ताकि टैक्स भरने वालों को नए कानून को समझने का पर्याप्त समय मिल सके। उन्होंने बताया कि फॉर्म को इस तरह से तैयार किया गया है कि आम नागरिक बिना किसी परेशानी के इसे भर सकें। साथ ही, इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख को 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया है।
इस साल के बजट में टैक्स की दरों या स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पिछले साल के बजट में ही टैक्स स्लैब में बड़ी राहत दी गई थी। नई टैक्स व्यवस्था के तहत 4 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं है, 4 से 8 लाख पर 5 प्रतिशत, 8 से 12 लाख पर 10 प्रतिशत, 12 से 16 लाख पर 15 प्रतिशत, 16 से 20 लाख पर 20 प्रतिशत, 20 से 24 लाख पर 25 प्रतिशत और 24 लाख से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत टैक्स लगता है।
नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 क्या है
नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 एक ऐसा कानून है जो सीधे टैक्स को आसान बनाता है। इसमें पुराने कानून की उलझनों को दूर किया गया है जिससे कानूनी विवादों की गुंजाइश कम हो जाएगी। इस नए कानून में टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं है यानी यह राजस्व-तटस्थ है।
नए एक्ट में टैक्स प्रणाली को सुव्यवस्थित किया गया है। कुल धाराओं की संख्या 819 से घटाकर 536 कर दी गई है, अध्यायों की संख्या 47 से घटकर 23 रह गई है, 16 अनुसूचियां शामिल की गई हैं और स्पष्टता के लिए नए उपकरण जैसे टेबल और फॉर्मूले जोड़े गए हैं।
नए कानून के चार मुख्य उद्देश्य
पहला उद्देश्य है सरलीकरण। पुरानी भाषा और अनावश्यक प्रावधानों को हटाकर स्पष्ट, संक्षिप्त और आधुनिक कानूनी भाषा का इस्तेमाल किया गया है। दूसरा उद्देश्य है डिजिटल व्याख्या। इसमें बिना चेहरा दिखाए आकलन और डिजिटल अनुपालन की सुविधा दी गई है जिससे भ्रष्टाचार और मानवीय हस्तक्षेप कम होगा।
तीसरा उद्देश्य है टैक्स भरने वाले केंद्रित दृष्टिकोण। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, रिटर्न भरना आसान होगा और विवाद कम होंगे। चौथा उद्देश्य है वैश्विक संरेखण। यह डिजिटल संपत्तियों और वैश्विक आय के कराधान सहित समकालीन आर्थिक वास्तविकताओं को दर्शाता है।
नया एक्ट कैसे देगा फायदा
नए एक्ट की सुव्यवस्थित और आधुनिक संरचना तकनीकी जटिलताओं को और सरल बनाती है। इसमें भ्रमित करने वाले शब्द ‘असेसमेंट ईयर’ और ‘प्रीवियस ईयर’ की जगह सिर्फ एक शब्द ‘टैक्स ईयर’ का इस्तेमाल किया गया है। नए एक्ट के अनुसार ‘टैक्स ईयर’ का मतलब है पहली अप्रैल से शुरू होने वाला 12 महीने का वित्तीय वर्ष।
नए कारोबार या पेशे के मामले में या किसी नई आय स्रोत के लिए टैक्स ईयर वह अवधि होगी जो उस कारोबार या पेशे की शुरुआत की तारीख या नई आय स्रोत के अस्तित्व में आने की तारीख से शुरू होकर उसी वित्तीय वर्ष के अंत तक चलेगी।
कर प्रशासन में सुधार
Income Tax Changes Explained in Easy terms: इनकम टैक्स एक्ट 2025 केंद्र सरकार को टैक्स प्रशासन में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए नई योजनाएं बनाने की शक्ति देता है। इस एक्ट में अनुपालन को और सरल बनाया गया है। टीडीएस से जुड़े प्रावधान जो पहले कई धाराओं में फैले हुए थे, अब उन्हें सुव्यवस्थित कर एक ही धारा – धारा 393 के तहत रखा गया है।
यह एक्ट टैक्स भरने वालों को समय सीमा के बाद भी इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने पर बिना किसी जुर्माने के टीडीएस रिफंड का दावा करने की अनुमति देता है। यह बड़ी राहत है उन लोगों के लिए जो किसी कारणवश समय पर रिटर्न नहीं भर पाते।
डिजिटल प्राथमिकता वाला ढांचा
नया एक्ट डिजिटल-प्रथम प्रवर्तन का लक्ष्य रखता है जहां वर्चुअल डिजिटल स्पेस को कंप्यूटर तकनीक के माध्यम से निर्मित और अनुभव किए गए वातावरण, क्षेत्र या दायरे के रूप में परिभाषित किया गया है। यह आज के डिजिटल युग की जरूरत को समझते हुए किया गया है।
विवाद समाधान की बेहतर व्यवस्था
नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 विवादों को सुलझाने के लिए एक मजबूत और टैक्स भरने वाले के अनुकूल ढांचा भी पेश करता है। इससे अदालतों में मामले कम होंगे और टैक्स से जुड़े विवाद तेजी से सुलझेंगे। यह व्यवस्था सरकार और टैक्स देने वालों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
इस नए कानून से यह उम्मीद की जा रही है कि टैक्स प्रणाली पूरी तरह से पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त हो जाएगी। आम नागरिकों को टैक्स भरने में आने वाली परेशानियां कम होंगी और प्रक्रिया सरल होगी। डिजिटल माध्यम से टैक्स भरना और भी आसान हो जाएगा।
सरकार का यह कदम देश की टैक्स व्यवस्था में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। छह दशक पुराने कानून को बदलकर नया कानून लाना दर्शाता है कि सरकार बदलते समय के साथ कदम मिलाने को तैयार है। यह कानून न सिर्फ टैक्स भरने वालों के लिए राहत लेकर आएगा बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।