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पश्चिम बंगाल के बारासात में सब्जी से भरे ट्रक से 300 किलो गांजा बरामद, एसटीएफ ने दो को किया गिरफ्तार

Barasat Ganja Seizure: बारासात में 300 किलो गांजा बरामदगी, एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई
Barasat Ganja Seizure: बारासात में 300 किलो गांजा बरामदगी, एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई

Barasat Ganja Seizure: पश्चिम बंगाल के बारासात इलाके में एसटीएफ ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग 12 पर सब्जी से भरे ट्रक से 300 किलो गांजा बरामद किया। यह ट्रक उत्तर बंगाल से कोलकाता जा रहा था। एसटीएफ ने ट्रक चालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया और आगे की जांच शुरू कर दी है।

Updated:

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बारासात इलाके में स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने एक सब्जी से भरे ट्रक की तलाशी ली और उसमें से करीब 300 किलो गांजा बरामद किया। यह घटना मयना इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 12 पर घटित हुई है। पुलिस ने मौके से ट्रक चालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नशे की तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है।

एसटीएफ को मिली गुप्त सूचना

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि उत्तर बंगाल से एक ट्रक में बड़ी मात्रा में गांजा लेकर कोलकाता की ओर जा रहा है। इस सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने बारासात के मयना इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग 12 पर नाकाबंदी की। टीम ने उत्तर बंगाल से आ रहे सभी संदिग्ध वाहनों पर नजर रखी। कुछ समय बाद ही एक सब्जी से लदे ट्रक पर एसटीएफ की नजर पड़ी जो कोलकाता की ओर जा रहा था।

Barasat Ganja Seizure: बारासात में 300 किलो गांजा बरामदगी, एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई
Barasat Ganja Seizure: बारासात में 300 किलो गांजा बरामदगी, एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई

ट्रक की तलाशी में मिले 11 बोरे

एसटीएफ की टीम ने उस ट्रक को रोका और तलाशी लेने का फैसला किया। जब ट्रक की गहन तलाशी ली गई तो सब्जियों के बीच छुपाए गए 11 बड़े बोरे मिले। इन बोरों में गांजा भरा हुआ था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बरामद गांजे का वजन करीब 300 किलो है। यह गांजा बहुत ही चालाकी से सब्जियों के बीच छुपाकर रखा गया था ताकि किसी को शक न हो। तस्कर यह गांजा कोलकाता में बेचने के लिए ले जा रहे थे।

उत्तर बंगाल से आ रहा था ट्रक

जांच में पता चला कि यह ट्रक उत्तर बंगाल से चलकर कोलकाता की ओर जा रहा था। उत्तर बंगाल के कुछ इलाके गांजे की खेती और तस्करी के लिए जाने जाते हैं। वहां से यह गांजा कोलकाता और दूसरे बड़े शहरों में भेजा जाता है जहां इसकी मांग ज्यादा होती है। तस्कर अक्सर सब्जियों, फलों या दूसरे सामान के बीच छुपाकर नशीले पदार्थों की तस्करी करते हैं। इस बार भी यही तरीका अपनाया गया था लेकिन एसटीएफ की सतर्कता के कारण यह कोशिश नाकाम हो गई।

Barasat Ganja Seizure: बारासात में 300 किलो गांजा बरामदगी, एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई
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दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

एसटीएफ ने मौके से ही ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा ट्रक में मौजूद एक और व्यक्ति को भी हिरासत में ले लिया गया। पुलिस इन दोनों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि यह गांजा कहां से लाया गया था और इसे कहां ले जाया जा रहा था। साथ ही यह भी जानने की कोशिश की जा रही है कि इस तस्करी के पीछे कौन-कौन से लोग शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि यह एक बड़े तस्करी गिरोह का हिस्सा हो सकता है।

नशे की तस्करी पर लगाम लगाने की कोशिश

पश्चिम बंगाल में नशीले पदार्थों की तस्करी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। खासकर युवाओं में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है। इसे देखते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन ने नशे की तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ा हुआ है। एसटीएफ और दूसरी पुलिस एजेंसियां लगातार ऐसे मामलों पर नजर रखती हैं और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करती हैं। बीते कुछ महीनों में कई बड़ी नशा तस्करी की घटनाओं का खुलासा हुआ है।

गांजे की तस्करी का रास्ता

विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर बंगाल से गांजा अक्सर कोलकाता, दूसरे राज्यों और कभी-कभी विदेशों तक पहुंचाया जाता है। तस्कर अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। कभी सब्जियों में छुपाकर, कभी फलों में, तो कभी अनाज के बोरों में गांजे को छुपाया जाता है। इस बार सब्जी से भरे ट्रक का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन पुलिस की चौकसी के कारण यह साजिश नाकाम हो गई।

Barasat Ganja Seizure: बारासात में 300 किलो गांजा बरामदगी, एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई
Barasat Ganja Seizure: बारासात में 300 किलो गांजा बरामदगी, एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई

आगे की जांच जारी

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। उनसे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इस गांजे को कहां से खरीदा गया था और किसको बेचा जाना था। पुलिस इस पूरे नेटवर्क का पता लगाना चाहती है ताकि तस्करी के इस धंधे को जड़ से खत्म किया जा सके। जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एसटीएफ ने ट्रक को भी जब्त कर लिया है और उसकी जांच की जा रही है।

समाज पर पड़ता है बुरा असर

नशे की तस्करी सिर्फ एक अपराध नहीं है बल्कि यह पूरे समाज के लिए खतरा है। युवा पीढ़ी इसकी चपेट में आकर अपना भविष्य बर्बाद कर रही है। गांजा और दूसरे नशीले पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदेह है। इससे न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक समस्याएं भी पैदा होती हैं। इसलिए जरूरी है कि तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और युवाओं को जागरूक किया जाए।

सतर्कता जरूरी

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस की सतर्कता कितनी जरूरी है। गुप्त सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई करने से ही ऐसे अपराधों को रोका जा सकता है। आम नागरिकों को भी अगर किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी हो तो उन्हें तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए। इससे अपराध रोकने में मदद मिलती है और समाज सुरक्षित बनता है। एसटीएफ की यह कार्रवाई नशे के खिलाफ लड़ाई में एक अहम कदम है और उम्मीद है कि आगे भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।

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Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है।

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