लोकसभा में क्यों मचा बवाल
लोकसभा में इन दिनों राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है। इसी दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अपनी बात रखने के लिए सदन में खड़े होकर चीन के मुद्दे पर बोलना शुरू किया। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के लेखों का हवाला देते हुए कहा कि डोकलाम इलाके में चीनी सैनिक मौजूद थे। राहुल के इस बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष के नेताओं ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। भाजपा के सांसद एक साथ खड़े हो गए और राहुल गांधी के बयान का विरोध करने लगे।
यह मामला इतना बढ़ गया कि स्पीकर ओम बिरला को सदन की कार्यवाही को रोकना पड़ा। पहले उन्होंने सदन को तीन बजे तक के लिए स्थगित किया। लेकिन जब दोबारा कार्यवाही शुरू हुई तो राहुल गांधी ने एक बार फिर से वही बात दोहराई। इसके बाद स्पीकर ने दोबारा सदन को चार बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
किरेन रिजिजू ने क्या कहा
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष जो कुछ भी बोल रहे हैं, वह अपुष्ट जानकारी है। किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से अपील करते हुए कहा कि ऐसी कोई बात नहीं बोलनी चाहिए जिससे देश का और सेना का मनोबल टूटे। उन्होंने सवाल किया कि देश को नीचा दिखाकर आखिर क्या मिलेगा। रिजिजू ने कहा कि विपक्ष को जिम्मेदारी से काम लेना चाहिए और राष्ट्रहित को सबसे ऊपर रखना चाहिए।
राजनाथ सिंह का सवाल
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी राहुल गांधी के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी किसी ऐसी किताब का जिक्र सदन के पटल पर कैसे कर सकते हैं जो अभी तक छपी ही नहीं है। राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी अप्रकाशित किताब के आधार पर संसद में बयान देना गलत है। उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि वह किस आधार पर ऐसे गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि सेना के मामले में राजनीति नहीं करनी चाहिए। देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सभी दलों को एक साथ खड़ा होना चाहिए। राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सेना देश की रक्षा के लिए सीमा पर तैनात है और उनके मनोबल को गिराने वाली बातें नहीं करनी चाहिए।
अमित शाह की निंदा
गृह मंत्री अमित शाह ने भी राहुल गांधी के बयान की निंदा की। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए जिससे देश की छवि खराब हो। अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी लगातार देश के खिलाफ बयान देते रहते हैं। उन्होंने राहुल पर आरोप लगाया कि वह विदेशों में जाकर भी देश की बुराई करते हैं।
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीति के लिए देश की सुरक्षा से समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि विपक्ष में बैठने का मतलब यह नहीं है कि देश के खिलाफ बोला जाए।
स्पीकर ने दी नसीहत
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी को कई बार रोका और उन्हें नसीहत दी। स्पीकर ने कहा कि सदन में केवल उसी विषय पर बोलना चाहिए जिस पर चर्चा हो रही है। उन्होंने राहुल से कहा कि जिस विषय के बारे में आपने सदन को पहले जानकारी दी थी, उसी पर बोलना चाहिए।
इस पर राहुल गांधी ने जवाब देते हुए स्पीकर से कहा कि फिर आप ही बता दीजिए कि मुझे क्या कहना चाहिए और क्या नहीं। राहुल की इस बात पर स्पीकर ओम बिरला नाराज हो गए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मैं यहां आपका सलाहकार नहीं हूं। स्पीकर ने कहा कि सदन के नियमों का पालन करना हर सांसद की जिम्मेदारी है।
डोकलाम मामला क्या है
डोकलाम भारत, चीन और भूटान के बीच एक विवादित इलाका है। साल 2017 में इस इलाके में भारत और चीन की सेनाओं के बीच गतिरोध की स्थिति बनी थी। उस समय चीनी सेना ने इस इलाके में सड़क बनाने की कोशिश की थी। भारतीय सेना ने इसका विरोध किया और दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने खड़ी हो गई थीं।
करीब दो महीने तक चले इस गतिरोध के बाद दोनों देशों ने अपनी सेनाओं को वापस बुला लिया था। लेकिन राहुल गांधी का कहना है कि चीनी सैनिक अभी भी उस इलाके में मौजूद हैं। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख की किताब का हवाला देते हुए यह बात कही।
विपक्ष और सत्ता पक्ष में तकरार
इस मामले को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष में जमकर तकरार हुई। कांग्रेस के सांसदों ने राहुल गांधी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष देश की सुरक्षा के बारे में गंभीर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को इन सवालों के जवाब देने चाहिए।
दूसरी ओर भाजपा और सत्ता पक्ष के अन्य सहयोगी दलों ने राहुल गांधी पर देश का मनोबल गिराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी राजनीति चमकाने के लिए देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सदन में बार-बार रुकावट
राहुल गांधी के बयान की वजह से लोकसभा की कार्यवाही में बार-बार रुकावट आई। स्पीकर ने कई बार सदन को शांत करने की कोशिश की लेकिन हंगामा जारी रहा। आखिरकार उन्हें सदन को दो बार स्थगित करना पड़ा। पहली बार सदन को तीन बजे तक के लिए और दूसरी बार चार बजे तक के लिए स्थगित किया गया।
इस हंगामे की वजह से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा ठीक से नहीं हो सकी। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ही अपनी-अपनी बात रखने में लगे रहे।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
कांग्रेस के नेताओं ने राहुल गांधी के बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष ने जो कुछ भी कहा है वह सच है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार चीन के मामले में सच्चाई छुपा रही है। पार्टी ने कहा कि देश को सही जानकारी मिलनी चाहिए।
दूसरी ओर भाजपा ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। पार्टी के नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी देश की छवि खराब करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से ही देश के खिलाफ खड़ी रही है।
आगे क्या होगा
अभी यह साफ नहीं है कि यह मामला कहां तक जाएगा। विपक्ष की मांग है कि सरकार चीन के बारे में सदन में स्पष्ट बयान दे। कांग्रेस चाहती है कि रक्षा मंत्री सदन में आकर पूरी स्थिति स्पष्ट करें।
सत्ता पक्ष का कहना है कि सरकार देश की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग है। भाजपा ने कहा कि सीमा पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पार्टी ने राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की है।
लोकसभा में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और भी बहस होने की संभावना है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ही अपनी-अपनी बात रखने के लिए तैयार हैं। देखना होगा कि इस मामले का अंत कैसे होता है और क्या सरकार विपक्ष के सवालों के जवाब देती है।