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राहुल गांधी का बड़ा आरोप: प्रधानमंत्री ने देश को बेच दिया, अमेरिकी दबाव में लिया व्यापार समझौते का फैसला

Rahul Gandhi's Statement on PM Modi: प्रधानमंत्री ने देश बेचा, अमेरिकी दबाव में लिया व्यापार समझौते का फैसला
Rahul Gandhi's Statement on PM Modi: प्रधानमंत्री ने देश बेचा, अमेरिकी दबाव में लिया व्यापार समझौते का फैसला (File Photo)

Rahul Gandhi's Statement on PM Modi: राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर देश को बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता दबाव में किया गया। संसद में बोलने से रोके जाने पर राहुल ने कहा कि पीएम समझौता कर चुके हैं और अडानी मामले से जुड़े दबाव बिंदुओं का जिक्र किया। विपक्ष नेता को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पहली बार नहीं बोलने दिया गया।

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Rahul Gandhi’s Statement on PM Modi: संसद के बाहर मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री समझौता कर चुके हैं और उन्होंने देश की मेहनत को बेच दिया है। राहुल का यह बयान अमेरिका के साथ हाल ही में हुए व्यापार समझौते को लेकर आया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला भारी दबाव में लिया गया है।

संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी घबराए हुए हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यापार समझौता पिछले चार महीने से रुका हुआ था, उसे अचानक सोमवार शाम को हस्ताक्षरित कर दिया गया। राहुल ने दावा किया कि इसकी वजह वे जानते हैं और प्रधानमंत्री भी जानते हैं।

संसद में बोलने से रोके जाने पर नाराजगी

राहुल गांधी ने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि उन्हें संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से रोका गया है। राहुल ने कहा कि आप मुझे बाहर बोलने के लिए कह सकते हैं, वह अपने आप होगा। लेकिन देश के सभी किसानों को यह समझना होगा कि इस व्यापार समझौते में प्रधानमंत्री ने उनकी मेहनत और खून-पसीने को बेच दिया है।

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने सिर्फ किसानों को नहीं बल्कि पूरे देश को बेच दिया है। यही कारण है कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है। राहुल गांधी का यह बयान तब आया जब सोमवार को लोकसभा में पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक से उद्धरण पढ़ने पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई थी।

प्रधानमंत्री की छवि पर राहुल का हमला

राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी डरे हुए हैं क्योंकि जिन लोगों ने उनकी छवि बनाई थी, अब वही लोग उसे तोड़ना शुरू कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ रुपये खर्च करके बनाई गई नरेंद्र मोदी की छवि का बुलबुला फूट सकता है। राहुल ने कहा कि मुद्दा नारे या बयान नहीं हैं, यह सब एक साइड शो है। असली मुद्दा यह है कि हमारे प्रधानमंत्री समझौता कर चुके हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि किसने और कैसे यह किया, इस पर भारत की जनता को सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पर दबाव है और यह दबाव बहुत भारी है। राहुल ने स्पष्ट किया कि यह दबाव किस तरह का है और कहां से आ रहा है।

अडानी मामले का जिक्र और दबाव बिंदु

राहुल गांधी ने अडानी समूह के खिलाफ अमेरिका में चल रहे मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका में अडानी के खिलाफ 1,111 मामले हैं। राहुल ने दावा किया कि ये मामले सिर्फ अडानी को निशाना नहीं बना रहे हैं बल्कि नरेंद्र मोदी की वित्तीय संरचना को निशाना बना रहे हैं। यह एक दबाव बिंदु है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि दूसरा दबाव बिंदु एपस्टीन फाइलें हैं। उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइलों में और भी सामग्री है जो अभी तक जारी नहीं की गई है। पूरा देश जानना चाहता है कि उनमें क्या है लेकिन अमेरिका ने अभी तक उन्हें जारी नहीं किया है। राहुल ने कहा कि अडानी के खिलाफ मामला वास्तव में मोदी के खिलाफ मामला है क्योंकि अडानी बीजेपी की वित्तीय संरचना है।

पूर्व सेना प्रमुख की किताब पर विवाद

सोमवार को लोकसभा में बड़ा हंगामा हुआ जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक से उद्धरण पढ़ने पर राहुल गांधी पर आपत्ति जताई। हालांकि राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि जिस दस्तावेज का वे जिक्र कर रहे हैं वह प्रामाणिक है और उन्हें इसका हवाला देने का पूरा अधिकार है।

राहुल ने कहा कि उनका मूल रूप से इस मुद्दे को उठाने का इरादा नहीं था लेकिन बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस पार्टी की देशभक्ति पर सवाल उठाने के बाद उन्होंने ऐसा करने का फैसला किया। राहुल ने कहा कि कौन देशभक्त है और कौन नहीं, इस पर कोई बहस नहीं हो सकती। हमारी देशभक्ति दबी नहीं है।

रक्षा मंत्री की आपत्ति और संसद में हंगामा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल के इस संदर्भ का विरोध किया और कहा कि यह पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है इसलिए इसे संसदीय कार्यवाही में नहीं लाया जा सकता। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी जिससे कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। राहुल गांधी ने इस पूरे प्रकरण को सरकार द्वारा उन्हें चुप कराने की कोशिश बताया।

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार चाहती है कि वे संसद में सच न बोलें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस बात से डरते हैं कि अगर उन्हें बोलने दिया गया तो सच सामने आ जाएगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि यही कारण है कि उन्हें बार-बार रोका जा रहा है।

व्यापार समझौते पर सवाल

Rahul Gandhi’s Statement on PM Modi: राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत के हित में नहीं है और यह दबाव में किया गया है। राहुल ने कहा कि इस समझौते से भारत के किसानों और छोटे कारोबारियों को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के हितों को दांव पर लगा दिया है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि चार महीने तक इस समझौते में कुछ नहीं बदला था लेकिन अचानक इसे हस्ताक्षरित कर दिया गया। राहुल ने सवाल किया कि इतनी जल्दबाजी क्यों की गई और किस दबाव में यह फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि देश की जनता को इसका जवाब मिलना चाहिए।

राहुल गांधी के इन आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। विपक्ष ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने का फैसला किया है। आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर और भी बहस होने की संभावना है।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।