व्यस्त समय में कोलकाता के बालीगंज रेलवे स्टेशन पर एक भयानक हादसा हुआ है। शियालदह दक्षिण शाखा पर स्थित इस स्टेशन पर शाम करीब साढ़े सात बजे एक व्यक्ति ट्रेन की छत पर चढ़ने के दौरान करंट की चपेट में आ गया। इस हादसे में उसका शरीर पूरी तरह से झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद रेलवे प्रशासन ने ट्रेन सेवाओं को रोक दिया और सभी यात्रियों को ट्रेनों से उतारा गया।
घटना का पूरा विवरण
शाम के व्यस्त समय में जब हजारों यात्री अपने घर लौट रहे थे, तभी बालीगंज स्टेशन पर यह दिल दहला देने वाली घटना घटी। एक युवक ने किसी कारणवश ट्रेन की छत पर चढ़ने का प्रयास किया। जैसे ही वह ऊपर चढ़ा, उसका शरीर ओवरहेड इलेक्ट्रिक तारों के संपर्क में आ गया। तेज करंट लगने से उसका शरीर झुलस गया और वह नीचे गिर पड़ा। आसपास मौजूद यात्रियों में हड़कंप मच गया।
स्टेशन पर मौजूद लोगों ने बताया कि धुएं के साथ चिंगारी निकलती दिखाई दी और युवक का शरीर बुरी तरह झुलस गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और जीआरपी के जवान मौके पर पहुंच गए। शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

ट्रेन सेवाएं हुईं प्रभावित
इस दुर्घटना के कारण शियालदह दक्षिण शाखा पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई। सुरक्षा कारणों से रेलवे अधिकारियों ने सभी यात्रियों को ट्रेनों से उतरने का निर्देश दिया। इससे हजारों यात्री परेशानी में फंस गए। लोग प्लेटफार्म पर इंतजार करते रहे। कई यात्रियों को वैकल्पिक साधनों से अपने गंतव्य तक जाना पड़ा।
रेलवे प्रशासन ने घटनास्थल की जांच के बाद करीब एक घंटे बाद धीरे-धीरे ट्रेन सेवाएं बहाल कीं। हालांकि देर शाम तक ट्रेनों की आवाजाही सामान्य नहीं हो सकी। कई ट्रेनें देरी से चलीं जिससे यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।

रेलवे सुरक्षा पर सवाल
यह घटना एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। कई बार देखा गया है कि लोग ट्रेन की छत पर चढ़ जाते हैं। कभी भीड़ के कारण तो कभी शॉर्टकट अपनाने के चक्कर में लोग ऐसी खतरनाक हरकतें करते हैं। ओवरहेड तारों में हाई वोल्टेज करंट होता है जो कुछ ही सेकंड में जानलेवा साबित हो सकता है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बार-बार चेतावनी देने और जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद लोग इन नियमों को नहीं मानते। हर स्टेशन पर और ट्रेनों में साफ तौर पर लिखा होता है कि छत पर चढ़ना खतरनाक है। फिर भी लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं होती रहती हैं।
पुलिस जांच में जुटी
जीआरपी ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। पुलिस मृतक की पहचान करने में जुटी है। शव की हालत खराब होने से पहचान करना मुश्किल हो रहा है। पुलिस उसके कपड़ों और अन्य सामान से उसकी पहचान करने की कोशिश कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि मृतक युवा प्रतीत होता है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह ट्रेन की छत पर क्यों चढ़ा था। क्या वह जानबूझकर ऐसा कर रहा था या कोई दूसरी वजह थी। घटना के समय स्टेशन पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
यात्रियों में फैली दहशत
घटना को देखकर स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में दहशत फैल गई। कई लोग इतने डर गए कि वे प्लेटफार्म छोड़कर बाहर आ गए। महिलाएं और बच्चे काफी भयभीत हो गए। कुछ यात्रियों ने अपने मोबाइल फोन से घटना के वीडियो भी बनाए जो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे।
एक यात्री ने बताया कि ऐसा लग रहा था जैसे कोई विस्फोट हुआ हो। धुआं और चिंगारी देखकर सभी घबरा गए। कुछ लोग भगदड़ मचाने लगे लेकिन रेलवे कर्मचारियों ने संभाल लिया।
रेलवे की चेतावनी
इस घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी हालत में ट्रेन की छत पर न चढ़ें। ओवरहेड तारों में करंट जानलेवा होता है। रेलवे ने कहा है कि ऐसी लापरवाही न केवल खुद के लिए बल्कि दूसरों के लिए भी खतरनाक है।
अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में स्टेशनों पर और सख्त निगरानी रखी जाएगी। सीसीटीवी कैमरों के जरिए नजर रखी जाएगी कि कोई ऐसी हरकत न करे। साथ ही जागरूकता अभियान भी तेज किया जाएगा।
सुरक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे सुरक्षा के प्रति जागरूकता बहुत जरूरी है। स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों को रेलवे सुरक्षा के बारे में बताया जाना चाहिए। हर स्टेशन पर सुरक्षा नियमों को बड़े बोर्ड पर लिखा होना चाहिए।
साथ ही रेलवे को अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए। जहां जरूरी हो वहां बाड़ लगाई जानी चाहिए ताकि लोग छत पर न चढ़ सकें। नियमित गश्त और निगरानी से भी ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
यह घटना सभी के लिए एक सबक है कि रेलवे नियमों का पालन करना कितना जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही जान ले सकती है। जिंदगी बहुत कीमती है और किसी भी शॉर्टकट या जल्दबाजी में इसे खतरे में नहीं डालना चाहिए।