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कोलकाता में बस से चोरी का खुलासा, महिला आरोपी से 53 ग्राम सोना और 25 हजार रुपये बरामद

कोलकाता में बस से चोरी का खुलासा, महिला आरोपी से 53 ग्राम सोना और 25 हजार रुपये बरामद
Kolkata Bus Theft: कोलकाता में बस से चोरी का खुलासा, महिला चोर गिरफ्तार

Kolkata Bus Theft: कोलकाता के सीआर एवेन्यू पर 22 जनवरी को बस में बिहार के यात्री की पत्नी के बैग से 53 ग्राम सोने के गहने और 25 हजार रुपये चोरी हुए। वॉच सेक्शन टीम ने 30 जनवरी को आसनसोल की 26 वर्षीय महिला पिंकी रॉय को गिरफ्तार कर पूरा सामान बरामद किया। आरोपी को 5 फरवरी को अदालत में पेश किया जाएगा।

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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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कोलकाता की व्यस्त सड़कों पर हर दिन हजारों लोग बस से यात्रा करते हैं। लेकिन कभी-कभी इन भीड़ भरी बसों में चोरी की घटनाएं भी होती रहती हैं। हाल ही में कोलकाता के सीआर एवेन्यू इलाके में एक ऐसी ही चोरी की घटना सामने आई, जिसमें बिहार के कटिहार जिले से आए एक यात्री की पत्नी के बैग से सोने के गहने और नकदी चोरी हो गई थी। पुलिस की वॉच सेक्शन टीम ने तेजी से काम करते हुए इस मामले को सुलझा लिया और आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।

चोरी की घटना कैसे हुई

22 जनवरी 2026 को शाम के समय करीब साढ़े पांच बजे से पौने छह बजे के बीच यह घटना घटी। संदीप कुमार नाम के एक व्यक्ति जो बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले हैं, अपनी पत्नी के साथ कोलकाता में बस से यात्रा कर रहे थे। वे महाजाति सदन के सामने सीआर एवेन्यू से 161 सीआर एवेन्यू की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान भीड़ भरी बस में किसी अनजान बदमाश ने संदीप की पत्नी के बैग से उनका पर्स चुरा लिया। पर्स में काफी कीमती सामान था, जिसमें सोने के गहने, नकदी और जरूरी दस्तावेज शामिल थे।

पर्स में क्या-क्या था सामान

चोरी हुए पर्स में काफी कीमती सामान था। इसमें सोने की दो चूड़ियां, एक सोने की गले की चेन और एक सोने का कड़ा शामिल था। इन तीनों गहनों का कुल वजन करीब 53 ग्राम था, जिसकी कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। इसके अलावा पर्स में 25 हजार रुपये नकद भी थे। साथ ही संदीप कुमार का आधार कार्ड और कुछ अन्य जरूरी दस्तावेज भी पर्स में थे। यह सभी चीजें चोर ने साफ-सुथरे तरीके से उठा लीं।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

चोरी की घटना के बाद पीड़ित परिवार ने तुरंत गिरीश पार्क थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाने में केस नंबर 15 के रूप में 22 जनवरी 2026 को यह मामला दर्ज किया गया। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 303 (2) के तहत दर्ज किया गया, जो चोरी से संबंधित है। पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी और अपने गुप्तचर तंत्र को सक्रिय कर दिया। वॉच सेक्शन की टीम को यह मामला सौंपा गया, जो ऐसे मामलों में विशेष रूप से प्रशिक्षित होती है।

जांच में जुटी पुलिस टीम

पुलिस की वॉच सेक्शन टीम ने तुरंत अपने सूत्रों से संपर्क करना शुरू कर दिया। टीम ने बस में चोरी करने वाले गिरोहों की जानकारी जुटाई। कोलकाता में ऐसे कई गिरोह सक्रिय हैं जो भीड़ भरी बसों, ट्रेनों और सार्वजनिक जगहों पर चोरी करते हैं। पुलिस ने अपने पुराने रिकॉर्ड खंगाले और ऐसे लोगों की सूची बनाई जो इस तरह की चोरी में शामिल रहे हैं। कई दिनों की मेहनत के बाद आखिरकार पुलिस को एक ठोस सुराग मिला।

महिला आरोपी की गिरफ्तारी

30 जनवरी 2026 को वॉच सेक्शन की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली कि पिंकी रॉय नाम की एक 26 साल की महिला इस चोरी में शामिल है। पिंकी रॉय पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल इलाके की रहने वाली है। उसके पति का नाम आकाश रॉय है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पिंकी को हिरासत में लेकर उससे विस्तार से पूछताछ की गई। शुरुआत में उसने सब कुछ छुपाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के पास पक्के सबूत थे।

पूरा सामान हुआ बरामद

पुलिस ने जब पिंकी से गहन पूछताछ की, तो उसने आखिरकार सच स्वीकार कर लिया। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया। पुलिस को सोने की दो चूड़ियां, एक सोने की गले की चेन और एक सोने का कड़ा मिला, जिनका कुल वजन 53 ग्राम था। इसके अलावा 25 हजार रुपये नकद भी बरामद हुए। संदीप कुमार के नाम का आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज भी पुलिस को मिल गए। पुलिस ने सभी सामान को जब्त कर लिया और केस की संपत्ति के रूप में दर्ज किया।

आगे की कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। वे यह पता लगा रहे हैं कि पिंकी रॉय अकेले काम कर रही थी या कोई और भी उसके साथ शामिल था। अक्सर ऐसे मामलों में पूरा गिरोह काम करता है। एक व्यक्ति चोरी करता है, दूसरा निगरानी रखता है और तीसरा माल को छुपाने या बेचने का काम करता है। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपी महिला पिंकी रॉय को 5 फरवरी 2026 को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस उससे रिमांड पर पूछताछ करेगी ताकि पूरे गिरोह का खुलासा हो सके।

सार्वजनिक परिवहन में सावधानी जरूरी

यह घटना हमें यह सिखाती है कि सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करते समय हमें बहुत सावधान रहना चाहिए। खासकर भीड़ भरी बसों और ट्रेनों में अपने बैग और सामान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। कीमती सामान और गहने हमेशा सुरक्षित तरीके से रखने चाहिए। बड़ी रकम नकद ले जाने से बचना चाहिए। अगर जरूरी हो तो डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करना बेहतर ��ोता है।

पुलिस की सराहनीय कार्रवाई

इस मामले में कोलकाता पुलिस की वॉच सेक्शन टीम ने बहुत ही सराहनीय काम किया। केवल आठ दिनों में पूरे मामले को सुलझा लिया गया। यह पुलिस की कुशलता और मेहनत को दर्शाता है। पुलिस ने अपने सूत्रों का सही इस्तेमाल किया और सही समय पर कार्रवाई की। इससे पीड़ित परिवार को उनका पूरा सामान वापस मिल गया। ऐसी तेज और प्रभावी कार्रवाई से आम लोगों का पुलिस पर भरोसा बढ़ता है।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।