नवबारकपुर के बैरकपुर 2 ब्लॉक में स्थित लेनिनगढ़ शिक्षा निकेतन उच्च विद्यालय ने मंगलवार को अपना 56वां स्थापना दिवस मनाया। इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए स्कूल के छात्र-छात्राओं ने एक शानदार खाद्य मेले का आयोजन किया। साथ ही स्कूल परिसर में मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया। मंगलवार की सुबह से शाम तक पूरा स्कूल उत्सव के माहौल में डूबा रहा। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की मेहनत और उत्साह देखते ही बनता था।
स्कूल परिसर में कुल 17 स्टॉल लगाए गए जिनमें पांचवीं से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। सुबह स्कूल के प्रधानाचार्य स्वपन कुमार राय ने ध्वजारोहण किया और 56वें स्थापना दिवस का केक काटा। बिलकांदा 2 नंबर ग्राम पंचायत की प्रधान दीपा पाइक ने खाद्य मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विद्युत कुमार पाल, पंचायत सदस्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं और अभिभावक मौजूद रहे।
खाद्य मेले में विविधता और उत्साह
खाद्य मेले में छात्र-छात्राओं ने कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजन बनाकर स्टॉल सजाए। मेले में घुघनी, आलू कबली, फुचका, चाउमीन, फ्राइड राइस, बिरयानी, पकोड़ा, चिली चिकन और मोमो जैसे लोकप्रिय व्यंजन शामिल थे। हर स्टॉल को छात्रों ने अपनी रचनात्मकता से सजाया था। विद्यार्थियों ने खुद खाना बनाया और बेचा भी। यह देखकर सभी अभिभावक और शिक्षक बेहद खुश थे। पूरे स्कूल में उत्सव जैसा माहौल था। छात्र-छात्राओं का उत्साह देखते ही बनता था।
मेले में आने वाले लोगों ने व्यंजनों की जमकर तारीफ की। ज्यादातर स्टॉल का सामान बिक गया। बच्चों ने अपनी मेहनत से कमाई भी की। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ा। यह आयोजन सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं बल्कि छात्रों में आत्मनिर्भरता की भावना जगाने के लिए किया गया था।
मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन
खाद्य मेले के साथ-साथ स्कूल के एक कक्षा कक्ष में मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया। इस शिविर में ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, ईसीजी और हृदय संबंधी जांच की सुविधा दी गई। यह सेवा बिल्कुल मुफ्त थी। स्कूल के कर्मचारी, शिक्षक और आसपास के लोगों ने इस शिविर का भरपूर लाभ उठाया।
स्वास्थ्य शिविर लगाने का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। कई लोगों की जांच में छोटी-मोटी समस्याएं सामने आईं जिनके बारे में उन्हें सलाह दी गई। यह पहल बेहद सराहनीय रही। स्कूल ने शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सेवा का भी संदेश दिया।
प्रधानाचार्य का संदेश
स्कूल के प्रधानाचार्य स्वपन कुमार राय ने बताया कि लेनिनगढ़ शिक्षा निकेतन हाई स्कूल की समृद्ध परंपरा है। 56 साल पूरे होने पर इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए छात्र-छात्राओं ने खुद ही खाद्य मेले का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में आत्मनिर्भरता की भावना जगाना है। जब बच्चे खुद कुछ करते हैं तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।
प्रधानाचार्य ने बताया कि यह स्कूल का पहला खाद्य मेला था और इसे जबरदस्त सफलता मिली। छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षा प्रेमियों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने बच्चों की मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि आगे भी ऐसे आयोजन किए जाएंगे जो बच्चों के सर्वांगीण विकास में मददगार हों।
छात्रों में आत्मनिर्भरता की सीख
इस तरह के आयोजन से छात्रों को कई महत्वपूर्ण बातें सीखने को मिलती हैं। उन्हें टीम में काम करना, जिम्मेदारी लेना, समय पर काम पूरा करना और लोगों से बातचीत करना सिखने को मिलता है। खाना बनाने और बेचने से उन्हें व्यावहारिक अनुभव मिलता है। यह सब उनके भविष्य के लिए बेहद उपयोगी है।
स्कूल ने यह संदेश दिया कि शिक्षा सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है। व्यावहारिक कौशल और जीवन मूल्य भी उतने ही जरूरी हैं। इस तरह के कार्यक्रम बच्चों को जीवन के लिए तैयार करते हैं। वे सिर्फ परीक्षा पास करने वाले नहीं बल्कि समाज के जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।
समुदाय की भागीदारी
इस कार्यक्रम में समुदाय की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। ग्राम पंचायत प्रधान, पंचायत सदस्य और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अभिभावक अपने बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए आए। उन्होंने बच्चों द्वारा बनाए गए व्यंजन खरीदे और उनकी हौसला अफजाई की।
यह आयोजन स्कूल और समुदाय के बीच बेहतर संबंध बनाने में भी मददगार रहा। लोगों को स्कूल की गतिविधियों के बारे में जानने का मौका मिला। समुदाय और स्कूल के बीच यह तालमेल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में मदद करता है। जब समुदाय स्कूल के साथ जुड़ता है तो बच्चों का विकास बेहतर होता है।
शिक्षा में नए आयाम
लेनिनगढ़ शिक्षा निकेतन हाई स्कूल ने यह साबित किया कि शिक्षा सिर्फ कक्षा तक सीमित नहीं है। इस तरह के आयोजन बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान देते हैं। वे अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका पाते हैं। खाद्य मेला और स्वास्थ्य शिविर जैसे कार्यक्रम शिक्षा को अधिक रोचक और उपयोगी बनाते हैं।
56वें स्थापना दिवस पर यह आयोजन स्कूल के लिए एक नया मील का पत्थर है। आने वाले वर्षों में भी इस तरह के और कार्यक्रम होंगे जो छात्रों के सर्वांगीण विकास में मददगार होंगे। यह स्कूल सिर्फ शिक्षा देने वाला संस्थान नहीं बल्कि बेहतर इंसान बनाने वाला केंद्र बन गया है। छात्र-छात्राओं का उत्साह और मेहनत देखकर लगता है कि इस स्कूल का भविष्य उज्ज्वल है।