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केंद्रीय बजट 2026-27: युवा शक्ति और विकास के संकल्प के साथ पेश हुआ ऐतिहासिक बजट

Union Budget 2026-27: युवा शक्ति संचालित बजट में आर्थिक विकास और समावेशी योजनाओं का ऐलान
Union Budget 2026-27: युवा शक्ति संचालित बजट में आर्थिक विकास और समावेशी योजनाओं का ऐलान (File Photo)

Union Budget 2026-27: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने युवा शक्ति और समावेशी विकास पर केंद्रित बजट पेश किया। बजट में आयकर राहत, 12.2 लाख करोड़ का पूंजीगत व्यय, बायोफॉर्मा शक्ति योजना, सात उच्च गति रेल गलियारे, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, पूर्वोदय राज्यों का विकास और आईटी क्षेत्र को बढ़ावा देने की घोषणा की गई।

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केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह बजट कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है, जो तीन मुख्य कर्तव्यों से प्रेरित है। माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास की जन्म जयंती के पवित्र अवसर पर प्रस्तुत इस बजट में युवा शक्ति, गरीब और वंचित समुदायों के विकास पर विशेष जोर दिया गया है।

तीन मुख्य कर्तव्यों पर आधारित बजट

वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में स्पष्ट किया कि यह बजट तीन प्रमुख कर्तव्यों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पहला कर्तव्य है आर्थिक वृद्धि को तेज करना और बनाए रखना, जिसके तहत उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनकी क्षमता का निर्माण करने से जुड़ा है। तीसरा कर्तव्य सबका साथ-सबका विकास के विज़न से जुड़ा है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि हर परिवार, समुदाय और क्षेत्र को संसाधनों और सुविधाओं तक पहुंच मिले।

आयकर में बड़ी राहत और सुधार

बजट में आयकर से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नया आयकर अधिनियम 2025 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसके साथ ही सरलीकृत आयकर नियम और फॉर्म जल्द ही अधिसूचित किए जाएंगे, जिससे आम नागरिकों को कर भुगतान में आसानी होगी। विदेश यात्रा पैकेज पर टीसीएस दर को वर्तमान 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत से घटाकर सिर्फ 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए टीसीएस दर को भी 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया गया है।

सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी

सरकार ने सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बीई 2025-26 के 11.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। यह वृद्धि देश के बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने के लिए की गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि 2014-15 में यह राशि केवल 2 लाख करोड़ रुपये थी, जो अब छह गुना से अधिक हो गई है।

बायोफॉर्मा और एमएसएमई को बढ़ावा

बजट में बायोफॉर्मा शक्ति योजना की घोषणा की गई है, जिसका कुल परिव्यय 10,000 करोड़ रुपये है। यह योजना भारत को वैश्विक बायोफॉर्मा निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन के लिए इको-सिस्टम तैयार करेगी। इसके साथ ही एमएसएमई को भविष्य के चैम्पियन बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई विकास निधि भी बनाया जाएगा।

उच्च गति रेल गलियारे का विकास

पर्यावरण की दृष्टि से सतत यात्री प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए सात उच्च गति रेल गलियारे विकसित किए जाएंगे। इनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं। ये गलियारे शहरों के बीच विकास संयोजक के रूप में काम करेंगे।

शिक्षा और कौशल विकास पर जोर

बजट में शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। भारतीय रचना प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई को 15,000 उच्च माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट निर्माण लैब की स्थापना का काम सौंपा गया है। उच्च शिक्षा और एसटीईएम संस्थानों में छात्राओं की चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रत्येक जिले में लड़कियों के लिए एक छात्रावास का निर्माण किया जाएगा।

पर्यटन क्षेत्र को मजबूती

पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए आईआईएम की साझेदारी में 20 पर्यटन स्थलों में 10,000 गाइडों के कौशल का उन्नयन किया जाएगा। इसके लिए हाईब्रिड मोड में 12 सप्ताह का मानक उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण पाठ्यक्रम चलाया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रीय होटल प्रबंधन और केटररिंग प्रौद्योगिकी परिषद को उन्नत करके राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान बनाया जाएगा।

खेलो इंडिया मिशन का विस्तार

सरकार ने खेलो इंडिया मिशन के जरिए अगले दशक में खेल क्षेत्र को परिवर्तित करने का लक्ष्य रखा है। यह मिशन प्रशिक्षण केंद्रों के समर्थन से प्रतिभा विकास, कोच और सहायक कर्मियों का विकास, खेल विज्ञान और प्रौद्योगिकी का एकीकरण, और खेल अवसंरचना के विकास पर काम करेगा।

कृषि क्षेत्र के लिए भारत विस्तार

कृषि क्षेत्र में एक नई पहल भारत विस्तार शुरू की गई है। यह एक बहुभाषीय एआई उपकरण है जो कृषि पोर्टलों और आईसीएआर पैकेज को एआई प्रणालियों के साथ एकीकृत करेगा। इससे कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी और किसानों को सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार

चिकित्सा पर्यटन सेवाओं के लिए भारत को वैश्विक केंद्र बनाने के लिए राज्यों को पांच क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र स्थापित करने में सहायता दी जाएगी। ये केंद्र एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल भवन के रूप में काम करेंगे। मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देते हुए निमहांस-2 की स्थापना की घोषणा की गई है और रांची तथा तेजपुर में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा।

पूर्वोदय राज्यों का विकास

पूर्वोदय राज्यों के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। दुर्गापुर में बेहतर संपर्क नोड के साथ एकीकृत पूर्वी तट औद्योगिक कॉरीडोर का विकास किया जाएगा। 5 पूर्वोदय राज्यों में 5 पर्यटन स्थलों का निर्माण और 4000 ई-बसों का प्रावधान किया जाएगा। पूर्वोत्तर राज्यों में बौद्ध सर्किट के विकास के लिए भी एक योजना प्रस्तावित की गई है।

सीमा शुल्क में राहत

निजी उपयोग के लिए आयात की जाने वाली वस्तुओं पर टैरिफ दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया गया है। 17 औषधियों या दवाओं पर मूल सीमा शुल्क से छूट दी जाएगी। महत्वपूर्ण खनिज के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक पूंजीगत वस्तुओं के आयात पर भी सीमा शुल्क में छूट दी गई है।

आईटी सेवाओं को बढ़ावा

आईटी सेवाओं के लिए सेफ हार्बर सुविधा की सीमा को 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपये किया गया है। विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं को 2047 तक टैक्स हॉलीडे दिया जाएगा। इससे भारत को वैश्विक आईटी हब के रूप में मजबूती मिलेगी।

राजकोषीय अनुशासन

सरकार ने राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने का संकल्प लिया है। बजट अनुमान 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। ऋण से जीडीपी अनुपात को 56.1 प्रतिशत से घटाकर 55.6 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह बजट विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो समावेशी विकास और आर्थिक मजबूती दोनों को साधने का प्रयास करता है। युवा शक्ति और गरीब समुदायों पर ध्यान देकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।