
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह बजट कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है, जो तीन मुख्य कर्तव्यों से प्रेरित है। माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास की जन्म जयंती के पवित्र अवसर पर प्रस्तुत इस बजट में युवा शक्ति, गरीब और वंचित समुदायों के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। तीन मुख्य कर्तव्यों पर आधारित बजट वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में स्पष्ट किया कि यह बजट तीन प्रमुख कर्तव्यों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पहला कर्तव्य है आर्थिक वृद्धि को

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह बजट कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है, जो तीन मुख्य कर्तव्यों से प्रेरित है। माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास की जन्म जयंती के पवित्र अवसर पर प्रस्तुत इस बजट में युवा शक्ति, गरीब और वंचित समुदायों के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। तीन मुख्य कर्तव्यों पर आधारित बजट वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में स्पष्ट किया कि यह बजट तीन प्रमुख कर्तव्यों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पहला कर्तव्य है आर्थिक वृद्धि को

केंद्रीय बजट 2026 अब बहुत करीब आ गया है और यह साल का वह समय है जब भारत के करोड़ों टैक्सपेयर्स अपनी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ बड़ी उम्मीद भरी नजरों से देखते हैं। हर साल की तरह इस बार भी मध्यम वर्ग, नौकरीपेशा लोग और आम टैक्सदाताओं की विशलिस्ट काफी लंबी है। लेकिन इस बार कुछ खास मांगें हैं जो टैक्स व्यवस्था को सरल और जनहितैषी बनाने के लिए बेहद जरूरी हैं। आइए जानते हैं कि इस बार टैक्सपेयर्स वित्त मंत्री से क्या चाहते हैं। एक देश – एक इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म की मांग मौजूदा व्यवस्था में

केंद्रीय बजट 2026 अब बहुत करीब आ गया है और यह साल का वह समय है जब भारत के करोड़ों टैक्सपेयर्स अपनी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ बड़ी उम्मीद भरी नजरों से देखते हैं। हर साल की तरह इस बार भी मध्यम वर्ग, नौकरीपेशा लोग और आम टैक्सदाताओं की विशलिस्ट काफी लंबी है। लेकिन इस बार कुछ खास मांगें हैं जो टैक्स व्यवस्था को सरल और जनहितैषी बनाने के लिए बेहद जरूरी हैं। आइए जानते हैं कि इस बार टैक्सपेयर्स वित्त मंत्री से क्या चाहते हैं। एक देश – एक इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म की मांग मौजूदा व्यवस्था में