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नागपुर के जीएमसी अस्पताल में पानी और सफाई की बड़ी समस्या, मरीज और परिजन परेशान

GMC Nagpur hospital water sanitation crisis: नागपुर के जीएमसी अस्पताल में पानी और सफाई की गंभीर समस्या से मरीज परेशान
GMC Nagpur hospital water sanitation crisis: नागपुर के जीएमसी अस्पताल में पानी और सफाई की गंभीर समस्या से मरीज परेशान (Photo: RB / Jassi)

GMC Nagpur hospital water sanitation crisis: नागपुर के जीएमसी अस्पताल में पानी और सफाई की गंभीर समस्या सामने आई है। वाटर फिल्टर बंद हैं, नलों में पानी नहीं है और शौचालय अधूरे हैं। मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी हो रही है। अस्पताल परिसर में गंदगी और सुरक्षा की कमी भी देखी गई, जिससे हालात और चिंताजनक बन गए हैं।

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अस्पताल में पानी और सफाई की बड़ी समस्या

GMC Nagpur hospital water sanitation crisis: नागपुर | एशिया के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शुमार नागपुर के शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व अस्पताल जीएमसी (GMC) में मरीजों और उनके परिजनों को पीने के पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरसना पड़ रहा है।

शिवसेना (वंदनीय बालासाहेब ठाकरे) वैद्यकीय सहायता कक्ष के पदाधिकारियों ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जिसमें एक के बाद एक चौंकाने वाली स्थितियां सामने आईं।

28 दिन से बंद है वाटर फिल्टर

निरीक्षण दल सबसे पहले वार्ड क्रमांक 20 पहुंचा, जहां पूर्व विदर्भ के वर्धा जिले के पुलगांव निवासी करण सिंह चव्हाण भर्ती हैं। वार्ड से बाहर निकलते ही दल को पीने के पानी की वाटर फिल्टर मशीन बंद मिली। परिजनों ने बताया कि पिछले 28 दिनों से इस मशीन से पानी नहीं आ रहा। पूरे अस्पताल का निरीक्षण करने पर अधिकांश वार्डों में यही स्थिति मिली — फिल्टर बंद, नलों में पानी नहीं।

मरीजों और परिजनों को रोजाना हो रही परेशानी

मजबूर होकर परिजनों को उसी परिसर में शासन द्वारा संचालित पानी बिक्री केंद्र पर पैसे देकर पानी खरीदना पड़ रहा है।

शौचालय पर ताला, सड़क पर मजबूरी

अस्पताल परिसर में बन रहा सार्वजनिक शौचालय अधूरा है और उस पर ताला लगा है। दूरदराज के गांवों से आए मरीजों के परिजनों को खाने, सोने और शौच के लिए सड़क का ही सहारा लेना पड़ रहा है। प्याऊ की हालत इतनी बदतर है कि एक साइकिल रिक्शा चालक ने वहीं अपना ठिकाना बना लिया है।

परिसर में खुलेआम गांजा, सुरक्षा नदारद

निरीक्षण के दौरान सुलभ शौचालय परिसर में कुछ बाहरी व्यक्ति खुलेआम गांजा पीते पाए गए। सिक्योरिटी गार्डों की इस ओर कोई निगरानी नहीं थी। इसके अलावा कई वार्डों में मरीज की बजाय उनके परिजन बेड पर सोए मिले, जबकि मरीज खुद परिसर में घूमते नजर आए।

निरीक्षण दल में शिवसेना वैद्यकीय सहायता कक्ष के पूर्व विदर्भ प्रमुख प्रवीण लता बालमुकुंद शर्मा, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी व रुग्णसेवक रमेश कनेरे, तथा रुग्णसेवक संजय गवई, विवेक दस्तुरे और जगदीश गुप्ता शामिल थे।

शिवसेना वैद्यकीय सहायता कक्ष ने बताया कि आगामी शुक्रवार को जीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट कर इन समस्याओं पर चर्चा की जाएगी।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।