Mumbai Crime: मुंबई जैसे महानगर से सामने आया यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि समाज के उस चेहरे को भी उजागर करता है, जहां सबसे सुरक्षित माने जाने वाले रिश्ते भी कभी-कभी सबसे खतरनाक साबित हो जाते हैं। कफ परेड इलाके में 20 वर्षीय एक मूक-बधिर युवती के साथ लंबे समय तक यौन शोषण किए जाने का मामला सामने आया है, और इस अपराध का आरोप किसी बाहरी व्यक्ति पर नहीं, बल्कि उसके अपने पिता पर लगा है।
यह घटना जितनी दर्दनाक है, उतनी ही डरावनी भी। जिस पिता को बेटी की सुरक्षा की ढाल माना जाता है, वही उसके जीवन का सबसे बड़ा संकट बन गया। युवती न सुन सकती थी, न बोल सकती थी, ऐसे में उसकी चुप्पी उसकी मजबूरी थी, सहमति नहीं।
पूरा मामला कैसे सामने आया
सितंबर 2025 में युवती ने अपनी दादी से पेट में असहजता की शिकायत की। इशारों में उसने बताया कि उसे पेट के भीतर अजीब सी हरकत महसूस हो रही है। परिजनों को शुरुआत में इसकी गंभीरता समझ नहीं आई, लेकिन जब तकलीफ बढ़ी तो उसे मुंबई के कामा एंड अल्बलेस अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यहां हुई मेडिकल जांच ने सभी को स्तब्ध कर दिया। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि युवती करीब पांच महीने की गर्भवती है। यह जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने कानून के अनुसार तुरंत पुलिस को सूचित किया।
जांच में सामने आई कई परतें
पुलिस के लिए यह मामला बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि पीड़िता न तो बोल सकती थी और न ही सामान्य तरीके से अपना बयान दे सकती थी। शुरुआत में वह मानसिक रूप से भी डरी हुई थी और किसी का नाम लेने को तैयार नहीं थी। काउंसलिंग और विशेष सहायता के बाद उसने इशारों और संकेतों के माध्यम से अपनी बात रखनी शुरू की।
युवती की ओर से मिले संकेतों के आधार पर पुलिस ने पहले एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया और एक 17 वर्षीय किशोर को हिरासत में लिया। दोनों से पूछताछ हुई और डीएनए नमूने लिए गए। हालांकि, जांच यहीं नहीं रुकी।
डीएनए जांच ने खोली भयावह सच्चाई
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कुल 17 संदिग्धों के डीएनए और रक्त नमूने लिए। इन सभी नमूनों की तुलना भ्रूण के जेनेटिक डेटा से की गई। लंबी जांच प्रक्रिया के बाद 27 जनवरी 2026 को जो रिपोर्ट सामने आई, उसने सबको झकझोर कर रख दिया।
डीएनए रिपोर्ट में केवल एक ही नमूना मेल खाता पाया गया—और वह युवती के पिता का था। इसके बाद पुलिस ने तत्काल उसे गिरफ्तार कर लिया।
पिता ने पहले किया इनकार, बाद में गिरफ्तारी
पूछताछ के दौरान आरोपी पिता ने शुरुआत में सभी आरोपों से इनकार किया। उसने यौन शोषण की बात को सिरे से खारिज किया और शिकायत दर्ज कराने से भी मना कर दिया। लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों के सामने उसकी एक न चली।
पुलिस के अनुसार, युवती के साथ मार्च 2025 से सितंबर 2025 के बीच कई बार दुष्कर्म किया गया। यह अपराध न सिर्फ कानूनन गंभीर है, बल्कि सामाजिक और नैतिक रूप से भी अक्षम्य है।
सिर्फ एक अपराध नहीं, समाज के लिए चेतावनी
यह घटना हमें मजबूर करती है सोचने पर कि क्या हमारे समाज में कमजोर और दिव्यांग लोग वास्तव में सुरक्षित हैं। जब पीड़ित बोल भी नहीं सकता, तब अपराध कितनी आसानी से वर्षों तक छिपा रह सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में परिवार, पड़ोस और सामाजिक संस्थाओं की भूमिका बेहद अहम होती है। समय पर ध्यान दिया जाए, तो शायद किसी की जिंदगी इस तरह बर्बाद होने से बच सकती है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
फिलहाल आरोपी पिता न्यायिक हिरासत में है। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस अपराध में किसी और की लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं थी।
पीड़िता को मनोवैज्ञानिक सहायता और चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि उसे हर संभव न्याय और सुरक्षा दी जाएगी।