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कोलकाता के खाली फ्लैट से हुई डेढ़ करोड़ की चोरी, पुलिस ने पकड़ा तकनीक से लैस चोर

Tech Savvy Thief Caught: कोलकाता में डेढ़ करोड़ की चोरी का खुलासा, तकनीक से लैस युवा चोर गिरफ्तार
Tech Savvy Thief Caught: कोलकाता में डेढ़ करोड़ की चोरी का खुलासा, तकनीक से लैस युवा चोर गिरफ्तार

Tech Savvy Thief Caught: कोलकाता के बेहाला इलाके में 21 जनवरी को एक फ्लैट से डेढ़ करोड़ रुपये के गहने और नकदी की चोरी हुई। पुलिस की गोयेंदा टीम ने 19 साल के हर्षवर्धन शॉ को गिरफ्तार किया जो उसी इमारत में रहता था। आरोपी गूगल से चोरी के तरीके सीखता था और तकनीक का इस्तेमाल करता था। चुराए गए सभी गहने और अधिकतर नकदी बरामद हो गई।

Updated:

कोलकाता के बेहाला इलाके के सरसुना में स्थित एक आलीशान आवास परिसर में 21 जनवरी को एक ऐसी चोरी की वारदात हुई जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। चौथी मंजिल के एक बंद फ्लैट से करीब डेढ़ करोड़ रुपये के सोने के गहने और नकदी गायब हो गई। लेकिन जो चीज इस चोरी को खास बनाती है, वह है चोर का तरीका और उसकी तकनीकी समझ। पुलिस की गोयेंदा विभाग की एंटी-बर्गलरी शाखा ने मेहनत के बाद इस मामले को सुलझाया और एक ऐसे युवा चोर को पकड़ा जो तकनीक का इस्तेमाल करके अपने अपराध को अंजाम देता था।

चोरी का तरीका था बेहद प्रोफेशनल

फ्लैट में चोरी का तरीका देखकर ही समझ आ गया था कि यह किसी आम चोर का काम नहीं है। फ्लैट के पिछले हिस्से में लगी लोहे की ग्रिल को इतनी सफाई से काटा गया था कि एक नजर में ही साफ हो गया कि चोर बेहद पेशेवर है। ग्रिल को काटने का काम इतना साफ-सुथरा था कि किसी कारीगर की कला लग रही थी। इसी तरह अलमारी को भी बड़ी सफाई से काटा गया था।

पुलिस जांच से यह भी पता चला कि चोर को पहले से ही पता था कि उस समय फ्लैट खाली होगा और अंदर कीमती गहने और नकदी रखी है। इससे साफ था कि चोर फ्लैट के रहने वालों को जानता था। यह जानकारी जांच में एक अहम सुराग साबित हुई।

Tech Savvy Thief Caught: कोलकाता में डेढ़ करोड़ की चोरी का खुलासा, तकनीक से लैस युवा चोर गिरफ्तार
Tech Savvy Thief Caught: कोलकाता में डेढ़ करोड़ की चोरी का खुलासा, तकनीक से लैस युवा चोर गिरफ्तार

गोयेंदा विभाग ने शुरू की जांच

इस चोरी की जांच की जिम्मेदारी कोलकाता पुलिस के गोयेंदा विभाग की एंटी-बर्गलरी शाखा को दी गई। टीम ने कई दिनों तक आवास परिसर और आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। साथ ही दूसरी तकनीकों का भी इस्तेमाल किया गया।

लगातार मेहनत और तकनीकी मदद से आखिरकार पुलिस ने आरोपी की शिनाख्त कर ली। आरोपी का नाम हर्षवर्धन शॉ है और उसकी उम्र महज 19 साल है। यह जानकारी सभी के लिए चौंकाने वाली थी कि इतनी कम उम्र में कोई इतनी बड़ी चोरी को इतनी सफाई से अंजाम दे सकता है।

चोर रहता था उसी इमारत में

पुलिस की जांच से जो बात सामने आई वह और भी हैरान करने वाली थी। जैसा कि शक था, वैसा ही निकला। चोर वाकई में पीड़ित परिवार का परिचित था। और सबसे बड़ी बात यह कि वह उसी आवास परिसर में रहता था। जिस परिवार के फ्लैट से चोरी हुई थी, वे चौथी मंजिल पर रहते थे और चोर पहली मंजिल पर रहता था।

चोर ने मौके का फायदा उठाया और जब फ्लैट खाली था तब अपनी योजना को अंजाम दिया। एक ही इमारत में रहने की वजह से उसे पीड़ित परिवार की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी। उसे पता था कि कब फ्लैट खाली होगा और कब सबसे अच्छा समय होगा चोरी करने का।

गूगल से सीखा चोरी का तरीका

जब पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो जो बातें सामने आईं वह किसी फिल्म के किरदार जैसी लगीं। यह चोर सिर्फ साधारण चोर नहीं था, बल्कि तकनीक में माहिर था। उसने गूगल पर सर्च करके अलग-अलग तरह की इलेक्ट्रिक आरी के बारे में जानकारी जुटाई थी।

उसने यह पता लगाया कि कौन सी आरी से दरवाजे और खिड़कियों को तेजी से और साफ-सुथरे तरीके से काटा जा सकता है। इतना ही नहीं, उसने अपने भविष्य को सुनहरा बनाने के लिए ऑनलाइन नोट गिनने की मशीन भी खरीद ली थी। यह तो वाकई में ‘गाछे कांठाल, गोफे तेल’ वाली बात हो गई।

चुराए गए गहने और पैसे बरामद

पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपने अपराध को कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने कैसे योजना बनाई और कैसे चोरी को अंजाम दिया। पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल किए गए सभी औजार भी बरामद कर लिए।

सबसे बड़ी सफलता यह रही कि पुलिस ने चुराए गए सभी सोने के गहने बरामद कर लिए। साथ ही चुराई गई नकदी का बड़ा हिस्सा भी मिल गया। बाकी बची हुई रकम को बरामद करने की कोशिश लगातार जारी है। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है और आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है।

युवाओं में बढ़ता तकनीकी अपराध

यह मामला एक नई चिंता को सामने लाता है। आज के युवा तकनीक के साथ बड़े हो रहे हैं और कुछ इसका गलत इस्तेमाल भी कर रहे हैं। 19 साल का यह युवक गूगल और इंटरनेट की मदद से अपराध की योजना बनाता था।

पुलिस के लिए भी यह एक सबक है कि अब अपराधी भी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए पुलिस को भी तकनीक में और माहिर होना होगा। कोलकाता पुलिस की गोयेंदा टीम ने इस मामले में अच्छा काम करके दिखाया कि वे भी तकनीक का सही इस्तेमाल करना जानते हैं।

सुरक्षा के उपाय जरूरी

इस घटना से यह भी सीख मिलती है कि घर की सुरक्षा पर ध्यान देना कितना जरूरी है। खासकर जब घर खाली हो तब और भी सावधानी बरतनी चाहिए। आजकल के आवास परिसरों में सीसीटीवी कैमरे तो होते हैं, लेकिन उनकी निगरानी सही से नहीं होती।

लोगों को अपने पड़ोसियों पर भी नजर रखनी चाहिए। इस मामले में चोर उसी इमारत में रहता था। अगर लोग थोड़ा सावधान होते तो शायद यह चोरी रोकी जा सकती थी। अपनी कीमती चीजों को बैंक लॉकर में रखना भी एक अच्छा विकल्प है।

पुलिस की मेहनत और तकनीकी कौशल से यह मामला सुलझ गया और आरोपी को सजा के कटघरे में खड़ा किया जा सका। यह घटना सभी के लिए एक चेतावनी है कि सुरक्षा में कोई लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।