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जालंधर में गुरुद्वारे के बाहर AAP नेता लकी ओबेरॉय की हत्या, दिनदहाड़े बरसीं गोलियां

जालंधर में गुरुद्वारे के बाहर AAP नेता लकी ओबेरॉय की हत्या, दिनदहाड़े बरसीं गोलियां
जालंधर में गुरुद्वारे के बाहर AAP नेता लकी ओबेरॉय की हत्या (Credit X @MSunilBishnoi)

जालंधर के मॉडल टाउन में गुरुद्वारे के बाहर आम आदमी पार्टी नेता लकी ओबेरॉय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बदमाशों ने 16 गोलियां चलाईं, जिनमें पांच उन्हें लगीं। घटना से इलाके में दहशत है। पुलिस जांच कर रही है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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Dipali Kumari
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AAP Leader Murder: शुक्रवार की सुबह जालंधर के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। जिस वक्त लोग अपने रोजमर्रा के कामों में जुटने की तैयारी कर रहे थे, उसी समय शहर के मॉडल टाउन इलाके में गोलियों की आवाज गूंज उठी। आम आदमी पार्टी के नेता लकी ओबेरॉय की गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना न सिर्फ राजनीतिक हलकों में, बल्कि आम लोगों के बीच भी डर और गुस्से का कारण बन गई।

गुरुद्वारे के बाहर पार्किंग में हुआ हमला

पुलिस के अनुसार, लकी ओबेरॉय अपनी थार गाड़ी से रोज की तरह गुरुद्वारे पहुंचे थे। वह जैसे ही वाहन पार्क कर रहे थे, तभी दो मोटरसाइकिल सवार बदमाश वहां पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी। यह हमला इतना अचानक था कि ओबेरॉय को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बदमाशों ने कम से कम 16 गोलियां चलाईं। इनमें से पांच गोलियां लकी ओबेरॉय को लगीं। गोलियों की आवाज से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे और दुकानों के शटर गिर गए।

अस्पताल ले जाते वक्त टूट गई उम्मीद

हमले के तुरंत बाद ओबेरॉय को फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया। परिवार और पार्टी कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि शायद उनकी जान बच जाए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद अस्पताल के बाहर भीड़ जमा हो गई और माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।

आप जालंधर कैंट के हलका इंचार्ज राजविंदर थियारा ने बताया कि लकी ओबेरॉय रोज ही गुरुद्वारे जाते थे। हमलावरों को इस बात की पूरी जानकारी थी। इससे यह शक और गहरा हो जाता है कि वारदात की पूरी रेकी की गई थी और हमला सुनियोजित था।

इलाके में दहशत

घटना के बाद मॉडल टाउन और आसपास के इलाकों में डर का माहौल है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि अगर धार्मिक स्थल के बाहर इस तरह की वारदात हो सकती है, तो आम आदमी खुद को कैसे सुरक्षित माने। कई लोगों ने पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। आसपास की दुकानों और इमारतों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। स्थानीय दुकानदारों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और निजी रिश्ते

लकी ओबेरॉय आम आदमी पार्टी में सक्रिय नेता थे। उनकी पत्नी नगर निकाय चुनाव में आप के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। ओबेरॉय को कैंट के आप प्रभारी राजविंदर कौर थियारा का करीबी माना जाता था। ऐसे में इस हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश है या राजनीतिक कारण, यह जांच का विषय बना हुआ है।

यह घटना पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करती है। दिनदहाड़े, भीड़भाड़ वाले इलाके में, धार्मिक स्थल के बाहर गोलीबारी होना प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती है। लोगों के मन में यह डर बैठ गया है कि अगर प्रभावशाली लोग भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या हाल होगा।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।