नागपुर के जीएमसी और आईजीएमसी की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर विधानसभा में उठे सवाल

GMC IGMC Facility Improvement Nagpur: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में विधायक प्रवीण दटके ने नागपुर के जीएमसी और आईजीएमसी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने कर्मचारियों की कमी, दवाइयों की उपलब्धता, व्हीलचेयर और स्ट्रेचर सेवा, खरीद प्रक्रिया तथा नई इमारत निर्माण जैसे विषयों पर सरकार से जवाब मांगा। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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जीएमसी और आईजीएमसी की स्वास्थ्य सेवाओं पर विधानसभा में चर्चा
GMC IGMC Facility Improvement Nagpur: नागपुर। महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन विधायक प्रवीण दटके ने नागपुर स्थित शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय (जीएमसी) और आईजीएमसी की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार से कई महत्वपूर्ण प्रश्न किए।
इससे पहले विधायक मोहन मते ने जीएमसी में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया, जिसके बाद दटके ने भी इस चर्चा में भाग लिया।
विधानसभा में बोलते हुए दटके ने कहा कि नागपुर का जीएमसी केवल विदर्भ ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मध्य प्रदेश से आने वाले मरीजों के लिए भी प्रमुख उपचार केंद्र है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन लगभग 4 से 5 हजार मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं और बड़ी संख्या में दुर्घटनाग्रस्त मरीज भी भर्ती किए जाते हैं।
कर्मचारियों की कमी और मरीजों की सुविधाओं को लेकर उठे सवाल
- अटेंडेंट के स्वीकृत 394 पदों में से 82 पद वर्तमान में रिक्त हैं।
- प्रतिदिन लगभग 900 मरीजों को व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की जरूरत होती है, लेकिन पूरे ओपीडी में केवल तीन कर्मचारी ही इस कार्य के लिए उपलब्ध हैं।
- अस्पताल का परचेज विभाग पिछले 10 वर्षों से एक ही व्यक्ति के पास है।
- चिकित्सा सामग्री की खरीद फार्मासिस्ट के माध्यम से होने के बजाय अकाउंट विभाग से की जाती है।
दटके ने यह भी पूछा कि नेत्र रोग विभाग के लिए नई इमारत के निर्माण को लेकर सरकार क्या निर्णय लेने जा रही है। उन्होंने बताया कि नागपुर खंडपीठ ने भी दवाओं की उपलब्धता और कर्मचारी भर्ती को लेकर गंभीरता दिखाई है।

