नई दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडर के गलत उपयोग पर केंद्र सरकार ने जांच के दिए निर्देश

Domestic LPG Black Marketing Petroleum Ministry Investigation: घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के गलत उपयोग, गैस की कालाबाजारी और सुरक्षा से जुड़े आरोपों पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले विभाग ने शिकायत को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को जांच के लिए भेज दिया है। शिकायत में फर्जी बुकिंग, राजस्व नुकसान और अवैध गैस भरने के आरोप लगाए गए हैं।
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घरेलू गैस के गलत उपयोग पर केंद्र सरकार की सख्त कार्रवाई
Domestic LPG Black Marketing Petroleum Ministry Investigation: नई दिल्ली: घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध उपयोग को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले विभाग ने ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मामला जांच के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को भेज दिया है।
फाउंडेशन के अनुसार, 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडरों से “टिल्लो पंप” के जरिए अवैध रूप से गैस निकालकर वाहनों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भरी जा रही है, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। घरेलू एलपीजी पर 5 प्रतिशत जबकि व्यावसायिक एलपीजी पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है इस अंतर के कारण सरकार को करीब 13 प्रतिशत राजस्व की हानि हो रही है। शिकायत में यह भी आरोप है कि कुछ गैस एजेंसियां उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के नाम पर फर्जी बुकिंग कर सिलेंडर काले बाजार में भेज रही हैं।
फाउंडेशन ने देश के 159 जिलों के 59,900 से अधिक होटल, ढाबों, फास्ट फूड सेंटरों और रेस्तरां की सूची तथा प्रमाण सरकार को सौंपे हैं।
शिकायत के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय को जांच के निर्देश
केंद्रीय उपभोक्ता मामले विभाग के अवर सचिव विकास कुमार द्वारा 29 जुलाई 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन में इसे आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के दायरे में बताया गया और पेट्रोलियम मंत्रालय को दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
फाउंडेशन ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए मांग की कि यह कार्रवाई केवल महाराष्ट्र तक सीमित न रहकर पूरे देश में अवैध रिफिलिंग नेटवर्क के खिलाफ चलाई जाए।
अब आगे यह देखना होगा कि पेट्रोलियम मंत्रालय की जांच में दोषी गैस एजेंसियों के खिलाफ कब तक ठोस कार्रवाई होती है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

