कोलकाता में बढ़ रहे बाल विवाह के मामले, लालबाजार सख्त

कोलकाता के दक्षिण-पूर्व और भांगड़ पुलिस डिवीजन में बाल विवाह के बढ़ते मामलों से लालबाजार चिंतित है। पुलिस आयुक्त ने निगरानी, डाटा जुटाने और जागरूकता अभियान के निर्देश दिए।
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थानों को लगातार निगरानी के निर्देश
कोलकाता में बाल विवाह के बढ़ते मामलों को लेकर लालबाजार काफी चिंतित है। निगरानी में कमी और थानों द्वारा इसे गंभीरता से न लेने के कारण समय पर पुलिस तक सटीक जानकारी नहीं पहुंच पा रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं जिसके तहत अब पुलिस बाल विवाह के खिलाफ लगातार अभियान चलाएगी और लापरवाही बरतने वाले अभिभावकों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दक्षिण-पूर्व और भांगड़ डिवीजन में स्थिति चिंताजनक
लालबाजार में हुई समीक्षा के दौरान सामने आया कि दक्षिण-पूर्व डिवीजन के तिलजला, तपसिया और करया जैसे इलाकों में बाल विवाह की घटनाएं अधिक देखी जा रही हैं। वहीं भांगड़ डिवीजन के उत्तर काशीपुर, भांगड़ और विजयगंज बाजार समेत कई थाना क्षेत्रों में भी पिछले एक साल के दौरान ऐसे मामले सामने आए हैं। पुलिस द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार दोनों डिवीजन में पिछले करीब एक से डेढ़ साल के दौरान 100 से अधिक नाबालिग लड़कियों की शादी कराए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें से कई लड़कियां शादी के बाद दूसरे स्थानों पर चली गईं।
थानों में अब बाल विवाह का डाटा होगा तैयार
अब तक कई थाना क्षेत्रों में बाल विवाह से जुड़े मामलों का अलग और व्यवस्थित डाटा उपलब्ध नहीं था। नाबालिग की शादी से जुड़ी शिकायत मिलने के बाद भी कई बार समय पर सूचना और कार्रवाई नहीं हो पाती थी। इसके कारण यह पता लगाना भी मुश्किल था कि कम उम्र में शादी के बाद कितनी लड़कियां दूसरे इलाकों में चली गईं और वापस नहीं लौटीं। अब लालबाजार के निर्देश के बाद अलग-अलग थानों में पिछले वर्षों में सामने आए बाल विवाह के मामलों का रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है। इससे संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां निगरानी और अभियान को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
पुलिस आयुक्त ने लगातार निगरानी और जागरूकता पर दिया जोर
बाल विवाह का मुद्दा कोलकाता पुलिस की मासिक क्राइम कॉन्फ्रेंस में भी उठाया गया। बैठक में अलग-अलग थाना क्षेत्रों के आंकड़े और प्रस्तुति के जरिए स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों के मुताबिक बाल विवाह के पीछे सामाजिक और आर्थिक कारणों के साथ अभिभावकों में जागरूकता की कमी भी एक बड़ी वजह है। इसी को देखते हुए पुलिस को निगरानी के साथ-साथ जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। पुलिस का उद्देश्य समय रहते नाबालिगों को बाल विवाह से बचाना और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित वापस लाना है।
लापरवाही बरतने वाले अभिभावकों पर भी होगी कार्रवाई
पुलिस ने साफ किया है कि किसी इलाके में बाल विवाह की जानकारी मिलने पर संबंधित थाना तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करेगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए माता-पिता और अभिभावकों के खिलाफ भी कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। लालबाजार ने सभी थानों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार नजर रखने और ऐसी किसी भी घटना की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

