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ममता के संघर्ष को नकारा नहीं जा सकता, अग्निमित्रा पाल ने साथ छोड़ने वालों पर उठाए सवाल

ममता के संघर्ष को नकारा नहीं जा सकता, अग्निमित्रा पाल ने साथ छोड़ने वालों पर उठाए सवाल
Agnimitra Paul on Mamata Banerjee: अग्निमित्रा पाल ने ममता बनर्जी के राजनीतिक संघर्ष को नकारा नहीं जा सकता बताया। साथ छोड़ने वालों को उन्होंने विशुद्ध रूप से अवसरवादी करार दिया। (File Photo)

अग्निमित्रा पाल ने ममता बनर्जी के राजनीतिक संघर्ष को नकारा नहीं जा सकता बताया। साथ छोड़ने वालों को उन्होंने विशुद्ध रूप से अवसरवादी करार दिया।

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Shinki Singh
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पार्टी छोड़ने वाले नेता अवसरवादी: अग्निमित्रा पाल

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस के भीतर मची कलह और पार्टी के अस्तित्व पर आए संकट को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। पार्टी कमेटी टूटने, चुनाव चिन्ह ‘जोड़ा फूल’ और नाम के संकट के बीच अब बीजेपी नेत्री और मंत्री अग्निमित्रा पाल का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के पुराने संघर्षों की सराहना की है साथ ही बुरे वक्त में उनका साथ छोड़ने वाले नेताओं को अवसरवादी करार दिया है।

क्या बोलीं अग्निमित्रा पाल

अग्निमित्रा पाल ने ममता बनर्जी के संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि उनके संघर्ष को नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, ममता बनर्जी ने लंबी लड़ाई लड़ी थी इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन आज जिन लोगों ने उनका साथ छोड़ दिया यह भी राजनीति के लिए एक बड़ा सबक है। क्योंकि राजनीति में निष्ठा कहाँ चली गई। क्या लोग सिर्फ इसलिए साथ छोड़ देंगे क्योंकि आज सत्ता नहीं है।

ममता का साथ छोड़ने वालों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने सवाल किया क्या जहाँ फायदा मिलेगा लोग वहीं चले जाएंगे। पार्टी इतनी जल्दी खत्म हो जाएगी यह कभी नहीं सोचा था। राजनीति में अहंकार और खुद को सर्वश्रेष्ठ समझना, जनता और कार्यकर्ताओं को सम्मान न देने का परिणाम क्या होता है यह सीखने की जरूरत है। राजनीति में दंभ को लोग कभी स्वीकार नहीं करते।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी तोड़ने की जिस संस्कृति की शुरुआत बंगाल में हुई थी आज उसका खामियाजा खुद टीएमसी को भुगतना पड़ रहा है क्योंकि विधानसभा चुनाव के बाद से ही पार्टी के भीतर तीव्र असंतोष और टूट देखने को मिली है और कई वरिष्ठ नेता नए खेमे में जा चुके हैं।

टीएमसी का पलटवार

प्रसूण बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा कि मंत्री अग्निमित्रा पाल अचानक तृणमूल और ममता बनर्जी को लेकर इतनी चिंतित क्यों हो उठीं यह समझ से परे है। मंत्री शायद यह भूल गई हैं कि ममता बनर्जी एक समय अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में भी थीं और बाद में उन्होंने सही समय पर यूपीए का दामन थामा था। अगर वह सही था तो अब इस परिस्थिति में न्याय-अन्याय क्यों तलाशा जा रहा है। टीएमसी नेता वैश्वानर चट्टोपाध्याय ने तीखा तंज कसते हुए कहा, इससे जनता भली-भांति समझ जाएगी कि इतिहास कभी गद्दारों को माफ नहीं करता। ऐसे लोग हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में गायब हो जाते हैं।


रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

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शिंकी सिंह (Shinki Singh) पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग एक दशक का अनुभव रखती हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में दैनिक सन्मार्ग से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जहाँ कई वर्षों तक फील्ड रिपोर्टिंग और न्यूज़ डेस्क की जिम्मेदारियाँ निभाईं। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक सरोकारों, महिला मुद्दों और जनहित से जुड़े विषयों पर व्यापक रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही न्यूज़ एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया, जिससे डिजिटल और मल्टीमीडिया पत्रकारिता की उनकी समझ और अधिक सशक्त हुई। इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर से जुड़कर हार्ड न्यूज़, समसामयिक घटनाओं और लाइफस्टाइल पत्रकारिता सहित विभिन्न विषयों पर रिपोर्टिंग और लेखन किया। तथ्यपरक, निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता में विश्वास रखते हुए वे प्रत्येक समाचार को विश्वसनीय स्रोतों, तथ्यों के सत्यापन और गहन अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देती हैं। वर्तमान में शिंकी सिंह राष्ट्र भारत से जुड़ी हैं, जहाँ वे राष्ट्रीय, राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों पर समाचार, विश्लेषण और विशेष रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। शैक्षणिक रूप से उन्होंने महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक से बी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से इतिहास एवं अंग्रेज़ी विषयों में स्नातकोत्तर (Master's) की डिग्री हासिल की है। वे पत्रकारिता में निरंतर सीखने, बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने तथा तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने में विश्वास रखती हैं।