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पश्चिम की गलतियों का नतीजा है यूरोप का ‘उबाल’ पुतिन ने एएफडी की जीत पर खोला मोर्चा

पश्चिम की गलतियों का नतीजा है यूरोप का ‘उबाल’ पुतिन ने एएफडी की जीत पर खोला मोर्चा
Putin India Visit: पश्चिम की गलतियों का नतीजा है यूरोप का ‘उबाल’ पुतिन ने एएफडी की जीत पर खोला मोर्चा ( Image - AI )

जर्मनी में एएफडी की बड़ी चुनावी जीत ने यूरोप की सियासत में हलचल मचा दी है। इसी बहाने दिल्ली से पुतिन ने पश्चिमी देशों की नीतियों पर ऐसा हमला बोला, जो सीधे यूरोप की मौजूदा राजनीति और रूस को लेकर उसकी सोच पर सवाल खड़े करता है। पुतिन ने साफ संकेत दिया कि यूरोप में बदलता जनमत सिर्फ चुनावी नतीजा नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही नीतियों के खिलाफ बढ़ते असंतोष की तस्वीर भी हो सकता है।

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Priyanka C. Mishra
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Putin India Visit
Putin India Visit – ( image – ( Image – x.com/PIB_Panaji )

रूस को खतरा बताने पर भी दिया दो टूक जवाब

पुतिन का भारत दौरा: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की राजधानी नई दिल्ली में यूरोप की राजनीति और रूस को लेकर पश्चिमी देशों की सोच पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत पहुंचे पुतिन ने कहा कि यूरोप में इस समय जो राजनीतिक बदलाव दिखाई दे रहे हैं, वे पश्चिमी देशों की राजनीति, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था से जुड़ी “व्यवस्थागत गलतियों” का नतीजा हैं। उन्होंने जर्मनी के सैक्सोनी-अनहाल्ट राज्य में दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी यानी एएफडी की हालिया चुनावी जीत को भी इसी व्यापक बदलाव से जोड़कर देखा।

सैक्सोनी-अनहाल्ट में 6 सितंबर को हुए विधानसभा चुनाव में एएफडी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। पार्टी को करीब 44 प्रतिशत वोट मिले। यह जर्मनी के किसी राज्य में एएफडी का अब तक का सबसे महत्वपूर्ण चुनावी प्रदर्शन है। हालांकि पार्टी पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर सकी। ऐसे में सरकार बनाने के लिए उसे दूसरी पार्टियों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है। मुख्यधारा की जर्मन पार्टियां अब तक एएफडी के साथ गठबंधन से दूरी बनाए हुए हैं।

रूस ने भी अतीत में कई गलतियां की

पुतिन ने शुरुआत में एएफडी की जीत को जर्मनी का आंतरिक मामला बताते हुए उस पर टिप्पणी करने से परहेज किया। लेकिन इसके बाद उन्होंने यूरोप के व्यापक राजनीतिक हालात पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यूरोप में हो रही घटनाओं के पीछे पश्चिमी देशों की नीतियों की गलतियां हैं। पुतिन के अनुसार, शीत युद्ध की समाप्ति और सोवियत संघ के विघटन के बाद पश्चिमी देशों को लगने लगा कि वे दुनिया की सबसे मजबूत स्थिति में पहुंच गए हैं। उनके मुताबिक, इस सोच ने पश्चिमी देशों में ऐसी धारणा पैदा की कि वे जो भी कदम उठाएंगे, वह सही होगा और उनसे गलती होने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि गलतियां हर देश से होती हैं और रूस ने भी अतीत में कई गलतियां की हैं। लेकिन उनके मुताबिक पश्चिम की समस्या यह रही कि उसने अपनी गलतियों को स्वीकार करने के बजाय अपनी नीतियों को सही मानना जारी रखा। पुतिन ने राजनीति, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था-तीनों क्षेत्रों में पश्चिमी नीतियों की आलोचना की।

रूस से यूरोप को खतरा नहीं: पुतिन

पुतिन ने यूरोपीय देशों में रूस को लेकर बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि रूस न तो यूरोपीय देशों को धमका रहा है और न ही भविष्य में ऐसा करने की उसकी कोई योजना है। उनका तर्क था कि रूस के पास यूरोप के साथ किसी नए सैन्य टकराव की कोई वजह नहीं है। पुतिन ने कहा कि रूस के खिलाफ खतरे की जो तस्वीर यूरोप में पेश की जा रही है, वह वास्तविक स्थिति से अलग है। उनके मुताबिक, रूस के खिलाफ डर का माहौल बनाया जा रहा है और इसका असर यूरोपीय समाज तथा वहां की राजनीति पर पड़ रहा है। पुतिन ने यह भी कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप से जुड़े प्रमुख सवालों का समाधान हो चुका था। सोवियत संघ के टूटने के बाद हुए समझौतों और व्यवस्थाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया और कहा कि इन व्यवस्थाओं से हटना रूस के हितों के खिलाफ है।

यूक्रेन युद्ध को लेकर भी पश्चिम पर निशाना

पुतिन ने यूरोप और रूस के बीच मौजूदा तनाव को यूक्रेन युद्ध से अलग करके नहीं देखा। उन्होंने फिर आरोप लगाया कि पश्चिमी देशों ने लंबे समय तक यूक्रेन को उत्तर अटलांटिक संधि संगठन यानी नाटो के करीब लाने की कोशिश की और रूस की आपत्तियों को नजरअंदाज किया। उनके मुताबिक, इसी नीति ने रूस और पश्चिम के बीच तनाव को बढ़ाया और आखिरकार यूक्रेन में युद्ध की स्थिति पैदा हुई। हालांकि इस दावे को खबर में तथ्य के रूप में देखना सही नहीं होगा। यह रूस के राष्ट्रपति का पक्ष है। रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला शुरू किया था। पश्चिमी देशों और यूक्रेन का इस युद्ध की वजह और जिम्मेदारी को लेकर रूस से बिल्कुल अलग रुख है। इसलिए पुतिन का यह दावा कि मौजूदा संघर्ष की मुख्य वजह पश्चिम की नीतियां हैं, एक राजनीतिक व्याख्या है, सर्वमान्य तथ्य नहीं।

आज से ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। भारत इस साल ब्रिक्स का अध्यक्ष है। सम्मेलन में दुनिया की बदलती राजनीति, आर्थिक सहयोग और वैश्विक व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई। दोनों नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, अर्थव्यवस्था, अंतरिक्ष और दूसरे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। यूक्रेन सहित वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत हुई। भारत लगातार यह रुख दोहराता रहा है कि विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए।

जानें पुतिन के बयान का असली मतलब

  •  पुतिन के बयान को केवल जर्मनी के एक राज्य के चुनाव पर टिप्पणी के रूप में देखना अधूरा होगा। दरअसल, वह यूरोप में बढ़ते दक्षिणपंथी समर्थन को रूस के पक्ष से जोड़कर देख रहे हैं।
  • एएफडी की सैक्सोनी-अनहाल्ट में बड़ी जीत निश्चित तौर पर जर्मन राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है, लेकिन यह कहना कि यह पूरी तरह पश्चिम की गलतियों की वजह से हुआ, पुतिन का राजनीतिक आकलन है।
  • एएफडी की सफलता के पीछे जर्मनी के भीतर कई मुद्दे हैं—आव्रजन, अर्थव्यवस्था, सरकार के प्रति असंतोष और पारंपरिक पार्टियों से मतदाताओं की नाराजगी। इसलिए चुनाव परिणाम को केवल रूस-पश्चिम टकराव के चश्मे से देखना सही नहीं होगा।
  • दूसरी तरफ, पुतिन का रूस से यूरोप को किसी खतरे से इनकार करना भी मौजूदा यूरोपीय सुरक्षा बहस का एक पक्ष है। यूरोपीय देशों का रूस की सैन्य गतिविधियों को लेकर आकलन अलग है। यही अंतर रूस और यूरोप के बीच अविश्वास की सबसे बड़ी वजहों में से एक है।
  • दिल्ली से पुतिन ने एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश दिया है-उनके मुताबिक यूरोप की मौजूदा राजनीतिक बेचैनी पश्चिमी नीतियों की विफलता का परिणाम है और रूस को यूरोप के लिए खतरे के रूप में पेश करना गलत है। लेकिन चुनावी आंकड़े और यूरोपीय देशों की सुरक्षा संबंधी चिंताएं यह दिखाती हैं कि इस मुद्दे की तस्वीर इससे कहीं ज्यादा जटिल है। इसलिए पुतिन के बयान को रूस के आधिकारिक दृष्टिकोण के रूप में समझना ज्यादा उचित है, न कि यूरोप की मौजूदा स्थिति पर अंतिम और निर्विवाद निष्कर्ष के रूप में।

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Priyanka C. Mishra

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प्रियंका सी. मिश्रा वरिष्ठ हिंदी कंटेंट राइटर और पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार लेखन, डिजिटल कंटेंट निर्माण, स्क्रिप्टिंग, रिपोर्टिंग और विश्लेषण के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। वे सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विषयों के साथ-साथ बॉलीवुड, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल जैसे विविध विषयों पर तथ्यपरक और शोध आधारित लेखन करती हैं। जटिल मुद्दों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करना उनकी विशेषता है, जिससे उनकी सामग्री व्यापक पाठक वर्ग के लिए सहज और विश्वसनीय बनती है। अनुभव : हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन, फीचर स्टोरी, विश्लेषणात्मक लेख और यूट्यूब स्क्रिप्टिंग में मजबूत पहचान बनाई है। विभिन्न समसामयिक और जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता उन्हें एक बहुमुखी कंटेंट विशेषज्ञ के रूप में स्थापित करती है। वर्तमान फोकस : वे समाचार, सोशल ट्रेंड्स, एंटरटेनमेंट, ज्योतिष, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर डिजिटल ऑडियंस के लिए जानकारीपूर्ण और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी प्राथमिकता तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष प्रस्तुति और पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • समाचार लेखन और विश्लेषण : राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विषयों पर स्पष्ट और संतुलित रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण। • बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट : फिल्म, सेलिब्रिटी और मनोरंजन जगत से जुड़े ट्रेंड्स और अपडेट्स पर लेखन। • ज्योतिष और लाइफस्टाइल : ज्योतिष, स्वास्थ्य, रिलेशनशिप और दैनिक जीवन से जुड़े विषयों पर सरल एवं उपयोगी कंटेंट निर्माण। • यूट्यूब स्क्रिप्टिंग और डिजिटल कंटेंट : डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक, ऑडियंस-केंद्रित और रिसर्च आधारित स्क्रिप्ट तैयार करने में विशेषज्ञता। • हिंदी कंटेंट निर्माण : सरल, प्रभावी और SEO-फ्रेंडली हिंदी कंटेंट तैयार करने का अनुभव। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, निष्पक्ष दृष्टिकोण और संवेदनशील लेखन शैली के कारण प्रियंका सी. मिश्रा ने पाठकों के बीच एक विश्वसनीय हिंदी कंटेंट राइटर और डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल के रूप में अपनी पहचान बनाई है। समाचार और डिजिटल मीडिया के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा विविध विषयों पर निरंतर लेखन अनुभव उनकी विशेषज्ञता और विश्वसनीयता को मजबूत बनाता है।