मालदा में भाजपा कार्यकर्ता पर जमीन कब्जे का आरोप, विरोध करने पर धमकी का दावा

मालदा भाजपा कार्यकर्ता पर जमीन कब्जे का आरोप: मालदा के मोथाबाड़ी में करीब सात कट्ठा जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। भाजपा परिवार के सदस्यों ने भाजपा कार्यकर्ता गोबिंद मंडल सहित कई लोगों पर जमीन कब्जाने और निर्माण कराने का आरोप लगाया। विरोध करने पर धमकी देने का भी दावा है। गोबिंद मंडल ने आरोपों को गलत बताया। भाजपा ने इसे पारिवारिक विवाद कहा, जबकि तृणमूल ने निष्पक्ष जांच की मांग की।
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जमीन कब्जे के आरोप से बढ़ा विवाद
मालदा भाजपा कार्यकर्ता पर जमीन कब्जे का आरोप: मालदा के मोथाबाड़ी थाना क्षेत्र के गीता मोड़ इलाके में एक भाजपा कार्यकर्ता के खिलाफ जमीन कब्जे का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि जमीन कब्जा कर रात के अंधेरे में निर्माण कार्य चलाया जा रहा है। विरोध करने पर पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी और गाली-गलौज का सामना करना पड़ा। इसी शिकायत को लेकर एक भाजपा परिवार के सदस्यों ने मोथाबाड़ी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, स्थानीय निवासी जयदेव मंडल के पास करीब सात कट्ठा जमीन है। उनके बेटे शुकदेव मंडल का आरोप है कि यह जमीन भाजपा कार्यकर्ता गोबिंदो मंडल और उनके कुछ साथियों ने जबरन कब्जा कर ली है। विरोध करने पर धमकी और अपशब्दों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे खुद भी भाजपा से जुड़े हैं, इसलिए पुलिस-प्रशासन से जल्द जांच कर न्याय दिलाने की मांग की गई है। जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री के पास जाने की बात भी उन्होंने कही है।




भाजपा कार्यकर्ता पर जबरन कब्जे का आरोप
वहीं गोबिंदो मंडल ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए दावा किया कि विवादित जमीन उन्हीं की है।
भाजपा के कालियाचक-2 पंचायत समिति सदस्य और विधानसभा प्रत्याशी निबारण घोष ने इसे पूरी तरह पारिवारिक विवाद बताया और राजनीति से जोड़े जाने से इनकार किया। दूसरी ओर, तृणमूल नेता बिश्वजीत घोष ने कहा कि शिकायत दर्ज होने के बाद प्रशासन को दलगत भावना से ऊपर उठकर निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और जबरन जमीन कब्जे के दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।




रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

