वामपंथियों पर बरसे शुभेंदु अधिकारी, बोले-बंगाल में परंपरा और संस्कृति पर हमला बर्दाश्त नहीं

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा के सत्र में वामपंथी सोच और व्यवस्था पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा कि राज्य में सनातन संस्कृति और परंपराओं का पालन करने वालों को निशाना बनाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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किसी पर कुछ नहीं थोपा जाएगा : मुख्यमंत्री
पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में उस वक्त सरगर्मी तेज हो गई जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा सत्र के दौरान वामपंथी विचारधारा और शिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा की,पश्चिम बंगाल की मिट्टी में परंपरावादियों को चुनिंदा तरीके से टारगेट करने की साजिश अब और नहीं चलने दी जाएगी। यूनिवर्सिटी और कॉलेजों से जुड़े नए नियमों और विधेयकों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग वामपंथी एजेंडे की आड़ में प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को ठेस पहुंचा रहे हैं जिसे रोकने के लिए कड़े कदम उठाने ही होंगे।
संस्कृति और आस्था पर प्रहार करने वालों को कड़ी चेतावनी
सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बहुत स्पष्ट शब्दों में कहा कि व्यक्तिगत आस्था और धार्मिक मान्यताओं का सम्मान हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ शिक्षक और वैचारिक समूह खुद को वामपंथी लिबास में ढालकर उन लोगों पर हमले कर रहे हैं जो अपनी सनातन संस्कृति से जुड़े हैं। यदि कोई व्यक्ति अपनी श्रद्धा के अनुसार माथे पर तिलक लगाता है, शिखा रखता है या गले में तुलसी की माला पहनता है तो उसे योजनाबद्ध तरीके से उपहास का पात्र बनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि ऐसी मानसिकता को बंगाल में किसी भी कीमत पर फलने-फूलने नहीं दिया जाएगा।
बागेश्वर बाबा विवाद और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर रुख
हाल ही में मध्य प्रदेश के संत धीरेंद्र शास्त्री (बागेश्वर बाबा) के कोलकाता दौरे और उनके बयानों को लेकर राज्य में जो सियासी भूचाल आया था उस पर भी सरकार की तरफ से बेबाक राय रखी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक संत ने शहर में आकर अपने विचारों और राष्ट्रवाद की बात रखी। किसी की बात को स्वीकार करना या अस्वीकार करना पूरी तरह से आम जनता का निजी अधिकार है। सरकार की तरफ से किसी भी नागरिक पर कोई नियम या विचार जबरन नहीं थोपा जा रहा है।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

