क्यों फेल हो रही है तत्काल पासपोर्ट सेवा, कोलकाता में अटके हजारों आवेदन

कोलकाता में पासपोर्ट पुलिस वेरिफिकेशन में भारी देरी के कारण 42 हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं। जानिए क्यों फेल हो रही है तत्काल सेवा और क्या हैं इसके मुख्य कारण।
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सभी थानों को जल्द पासपोर्ट वेरिफिकेशन रिपोर्ट जमा करने का निर्देश
कोलकाता में पासपोर्ट पुलिस वेरिफिकेशन में हो रही अत्यधिक देरी के कारण करीब 42 हजार आवेदन लंबित पड़े हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि शहर के निवासियों को पासपोर्ट के नवीनीकरण या नए पासपोर्ट के लिए 50 दिन से लेकर छह महीने तक का इंतजार करना पड़ रहा है। इस व्यवस्थागत जटिलता के चलते तत्काल पासपोर्ट की सुविधा भी आम जनता के लिए महज एक मजाक बनकर रह गई है।
लालबाजार की उच्चस्तरीय बैठक और नए निर्देश
बढ़ती जनशिकायतों के बीच लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई जिसमें सभी डिवीजनों के डीसी शामिल हुए। बैठक के बाद शहर के सभी थानों और सिक्योरिटी कंट्रोल को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द सभी लंबित इंक्वायरी पूरी कर पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट जमा करें ताकि लंबित आवेदनों की संख्या को शून्य तक पहुंचाया जा सके।
पासपोर्ट वेरिफिकेशन में क्यों बढ़ रही है परेशानी
कोलकाता पुलिस सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेश में हसीना सरकार के पतन के बाद से ही पासपोर्ट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को लेकर सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं। वेरिफिकेशन के दौरान कोलकाता में रहने वाले फ्लैट मालिकों से राज्य के दूरदराज जिलों की पैतृक संपत्ति के दस्तावेज और एक दशक पहले दिवंगत हो चुके माता-पिता के शैक्षणिक प्रमाण पत्र तक मांगे जा रहे हैं। पहले जन्म प्रमाण पत्र, वोटर आईडी और अन्य दस्तावेजों की जांच स्थानीय थाने स्तर पर ही हो जाती थी लेकिन पिछले एक साल से इन्हें संबंधित जारीकर्ता संस्थाओं के पास सत्यापन के लिए भेजा जा रहा है जिससे प्रक्रिया अत्यधिक धीमी हो गई है।
संसाधनों की कमी बनी बड़ी बाधा
पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों का कहना है कि थानों में पहले से ही सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों की कमी है। रोजमर्रा के पुलिस कार्यों के साथ पासपोर्ट वेरिफिकेशन संभालना कर्मचारियों के लिए कठिन हो गया है। इसके अलावा पुलिस द्वारा वेरिफिकेशन के लिए दिए गए अधिकांश टैबलेट खराब पड़े हैं जिससे डिजिटल रिपोर्टिंग प्रक्रिया भी बाधित हो रही है। शिक्षा, नौकरी और इलाज के सिलसिले में विदेश जाने वाले नागरिकों को इन प्रशासनिक अड़चनों के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

