नागपुर के जिलाधिकारी ने पेंच में विकास कार्यों का किया निरीक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने पर जोर

नागपुर पेंच टाइगर रिजर्व विकास कार्य निरीक्षण: नागपुर के जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने पेंच टाइगर रिजर्व का दौरा कर मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के उपायों की समीक्षा की। उन्होंने कैमरा ट्रैप बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, घासभूमि विकास, सुरक्षा तार-जाल और वन्यजीव एंबुलेंस की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने जलाशय, पर्यटन परिसर, वन क्षेत्र और आश्रमशाला का निरीक्षण कर स्थानीय रोजगार से जुड़े पर्यटन प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
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पेंच में मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के उपायों की समीक्षा
नागपुर पेंच टाइगर रिजर्व विकास कार्य निरीक्षण: नागपुर, 9 सितंबर: जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने मंगलवार, 8 सितंबर को पेंच टाइगर रिजर्व के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के उपायों और प्रकृति पर्यटन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक उपाय तुरंत लागू करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और संपर्क नेटवर्क आधारित कैमरा ट्रैप बढ़ाने, अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और घाणेरी जैसी आक्रामक वनस्पतियों को हटाने के निर्देश दिए। साथ ही घासभूमि विकास, सुरक्षा तार-जाल, अत्याधुनिक वन्यजीव एंबुलेंस और प्राथमिक प्रतिक्रिया दल के मानदेय प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
इसके बाद उन्होंने तोतलाडोह जलाशय में जल भंडारण की स्थिति देखी। सिल्लारी स्थित अमलतास पर्यटन परिसर में वन कर्मचारियों, स्थानीय नागरिकों, प्राथमिक प्रतिक्रिया दल और पुलिस पाटिल के साथ विस्तृत चर्चा कर क्षेत्रीय समस्याओं की जानकारी ली।


सुरक्षा और प्रकृति पर्यटन से जुड़े कार्यों पर जोर
जिलाधिकारी ने पूर्व पेंच वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 562 में घासभूमि विकास कार्यों का जायजा लिया तथा घोटी और मौदी गांवों से लगे वन क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। दाहोदा स्थित जय सेवा आश्रमशाला का दौरा कर सुविधाओं की समीक्षा करते हुए सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
चोरबहुली पर्यटन प्रवेश द्वार पर कार्यों का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रकृति पर्यटन से स्थानीय लोगों को अधिकतम रोजगार अवसर देने के लिए प्रभावी प्रस्ताव तैयार किया जाए।
इस अवसर पर उपसंचालक अक्षय गजभिये, उपविभागीय अधिकारी प्रियेश महाजन, तहसीलदार रमेश कोडपे, अपर तहसीलदार पूनम कदम, वनपरिक्षेत्र अधिकारी निशिकांत कापगते और जयेश तायडे सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
आगे की कार्रवाई के तहत प्रस्तावित उपायों को जल्द अमल में लाने की उम्मीद है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

