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नागपुर में गंभीर हालत में गर्भवती महिला और नवजात की बचाई जान, चिकित्सकों के संयुक्त प्रयास से सफल प्रसूति

नागपुर में गंभीर हालत में गर्भवती महिला और नवजात की बचाई जान, चिकित्सकों के संयुक्त प्रयास से सफल प्रसूति
Nagpur GMCH High Risk Pregnancy Delivery: नागपुर में गंभीर हालत में गर्भवती महिला और नवजात की बचाई जान, चिकित्सकों के संयुक्त प्रयास से सफल प्रसूति (Image: AI)

नागपुर जीएमसीएच में उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की सफल प्रसूति: नागपुर के जीएमसीएच में 36 सप्ताह की गंभीर गर्भवती महिला की सफल प्रसूति कर मां और नवजात की जान बचाई गई। महिला का हीमोग्लोबिन 4.2 ग्राम और प्लेटलेट्स केवल 5 हजार थे। 72 घंटे में कई रक्तघटक दिए गए। चिकित्सकों और रक्तदाताओं के संयुक्त प्रयास से 2 किलो के स्वस्थ बच्चे का जन्म हुआ। दोनों फिलहाल निगरानी में हैं।

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Asfi Shadab
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गंभीर हालत में गर्भवती महिला की सफल प्रसूति

नागपुर जीएमसीएच में उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की सफल प्रसूति: नागपुर: वाडी निवासी 34 वर्षीय रानू अमित हिवरकर 36 सप्ताह की गर्भवती थीं। पहली डिलीवरी सिजेरियन से हुई थी। दूसरी प्रसूति के लिए उन्हें डागा अस्पताल से शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच), नागपुर रेफर किया गया।

जांच में महिला गंभीर एनीमिया और पैनसायटोपेनिया से पीड़ित पाई गईं। उनका रक्त समूह एबी (AB) पॉजिटिव था। प्लेटलेट्स केवल 5 हजार, हीमोग्लोबिन 4.2 ग्राम और डब्ल्यूबीसी (WBC) काउंट मात्र 1 हजार था, जिससे प्रसूति बेहद जोखिमपूर्ण बन गई।

पैनसायटोपेनिया की विस्तृत जांच के लिए समय नहीं था। डॉक्टरों ने तुरंत उपचार शुरू कर हाई रिस्क डिलीवरी की चुनौती स्वीकार की। एबी (AB) पॉजिटिव प्लेटलेट्स उपलब्ध न होने पर अस्पताल प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से रक्तदाताओं की व्यवस्था की गई।

रक्त और रक्तघटक की मदद से मां-बच्चे की जान बची

जीएमसीएच के अधिष्ठाता डॉ. राज गजभिये, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अविनाश गावंडे, डॉ. कीर्ति जयस्वाल, डॉ. मुकेश वाघमारे, डॉ. रश्मी वानखेड़े और डॉ. मंजुश्री वायकर की टीम ने आधी रात में भी  एसडीपी (SDP) डोनर की व्यवस्था कर प्रक्रिया पूरी की।

भर्ती से प्रसूति तक 72 घंटों में महिला को टेन आरडीपी (10 RDP), वन एसडीपी (1 SDP), थ्री पीआरसी (3 PRC) और टू एफएफपी (2 FFP)चढ़ाए गए। पूर्व सिजेरियन के बावजूद डॉ. रश्मी सोलंकी, डॉ. निकीता खानोरकर, डॉ. नेहा कांबले और डॉ. नमामी दुबे की निगरानी में सामान्य प्रसूति कराई गई। 2 किलो वजन के स्वस्थ बच्चे ने जन्म लिया।

प्रसूति के बाद टांके वाली जगह हेमेटोमा बनने पर अतिरिक्त रक्तसंक्रमण से स्थिति नियंत्रित की गई। फिलहाल मां और बच्चा दोनों जीएमसीएच की निगरानी में हैं, उपचार जारी है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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