नागपुर में धातुओं के शहरी खनन और पुनर्चक्रण पर 8 सितंबर को कार्यशाला

नागपुर शहरी खनन धातु पुनर्चक्रण कार्यशाला: नागपुर में 8 सितंबर को धातुओं के शहरी खनन, पुनर्चक्रण और संसाधन सुरक्षा पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित होगी। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल इसे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पर्यावरण मंत्रालय और वीएनआईटी के सहयोग से आयोजित करेगा। कार्यक्रम में विशेषज्ञ धातु पुनर्चक्रण, जीवन-चक्र आकलन, पर्यावरण प्रबंधन और विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे।
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नागपुर में धातु पुनर्चक्रण पर चर्चा
नागपुर शहरी खनन धातु पुनर्चक्रण कार्यशाला: नागपुर, 7 सितंबर 2026: विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच डब्ल्यूसीईएफ (WCEF) 2026 के पूर्व-आयोजन कार्यक्रमों के तहत महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल एमपीसीबी (MPCB) 8 सितंबर को नागपुर में “धातुओं का शहरी खनन, पुनर्चक्रण एवं संसाधन सुरक्षा” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित करेगा।
यह कार्यशाला केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सीपीसीबी (CPCB), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान वीएनआईटी (VNIT), नागपुर के सहयोग से होगी। यह दोपहर 1:30 बजे से शाम 5 बजे तक वीएनआईटी (VNIT) के मल्टी-एक्टिविटी सेंटर में होगी, जिसमें पर्यावरण अधिकारी, वैज्ञानिक, शिक्षाविद और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे।
कार्यशाला का उद्देश्य धातुओं के क्षेत्र में चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, शहरी खनन और पुनर्चक्रण की संभावनाओं का आकलन करना तथा संसाधन सुरक्षा मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करना है। चर्चा के मुख्य विषयों में धातुओं का जीवन-चक्र मूल्यांकन, तकनीकी-आर्थिक पहलू, पर्यावरणीय प्रबंधन और विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व ईपीआर (EPR) शामिल हैं।
शहरी खनन और नई पुनर्चक्रण तकनीक पर विचार-विमर्श
उद्घाटन सत्र को एमपीसीबी (MPCB) की प्रादेशिक अधिकारी हेमा देशपांडे, सीपीसीबी (CPCB) के पुणे क्षेत्रीय निदेशक प्रतीक भरणे, एमओईएफ एंड सीसी (MoEF&CC) के उप महानिदेशक सेंथिल कुमार और वीएनआईटी (VNIT) के निदेशक प्रो. (डॉ.) प्रेमलाल पटेल संबोधित करेंगे। तकनीकी सत्र में विशेषज्ञ धातु पुनर्चक्रण की नवीन तकनीकों, जीवन-चक्र मूल्यांकन और ईपीआर (EPR) पर प्रस्तुतियां देंगे।
हेमा देशपांडे ने कहा, “धातुओं के अनुचित निपटान से जल, वायु और भूमि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। शहरी खनन और पुनर्चक्रण अपशिष्ट को रणनीतिक संसाधन में बदलने के साथ पर्यावरण संरक्षण, संसाधन सुरक्षा, औद्योगिक मजबूती और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा दे सकते हैं।”
उन्होंने बताया कि डब्ल्यूसीईएफ (WCEF) 2026 का आयोजन 15 से 18 सितंबर तक गांधीनगर के महात्मा मंदिर में होगा, जिसकी मुख्य थीम “जनता एवं समृद्धि के लिए चक्रीय अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण” है। नागपुर की यह कार्यशाला गांधीनगर सम्मेलन से पहले धातु क्षेत्र में नीतिगत दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

