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राष्ट्रपति ने देश के 82 उत्कृष्ट शिक्षकों को किया सम्मानित, महाराष्ट्र के 9 शिक्षक शामिल

राष्ट्रपति ने देश के 82 उत्कृष्ट शिक्षकों को किया सम्मानित, महाराष्ट्र के 9 शिक्षक शामिल
National Teachers Award: शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति ने देश के 82 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया, जिसमें महाराष्ट्र के 9 शिक्षक शामिल हैं। जानें पूरी खबर और पुरस्कार से जुड़ी खास बातें। (File Photo)

शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति ने देश के 82 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया, जिसमें महाराष्ट्र के 9 शिक्षक शामिल हैं। जानें पूरी खबर और पुरस्कार से जुड़ी खास बातें।

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Shinki Singh
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महाराष्ट्र से लेकर पूरे देश तक, जानें पूरी जानकारी

शिक्षक दिवस के अवसर पर देशभर के बेहतरीन शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में देश भर के कुल 82 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से नवाजा। इस वर्ष सम्मानित होने वाले शिक्षकों में महाराष्ट्र से 9 शिक्षक शामिल हैं। राज्य के नासिक, सातारा, लातूर, मुंबई, वर्धा, सोलापुर और धाराशिव जिलों के शिक्षकों को उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक कार्यों और नवाचारों के लिए यह प्रतिष्ठित पुरस्कार दिया गया है।

पुरस्कार और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के तहत चयनित प्रत्येक शिक्षक को एक प्रशस्ति पत्र, रजत पदक और ₹50,000 की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई। इसके अलावा, कौशल विकास के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले 13 शिक्षकों को भी इस अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी, शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार और कौशल विकास राज्य मंत्री जयंत चौधरी सहित कई प्रमुख गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

शिक्षक व्यक्तित्व और सोच को आकार देता है: राष्ट्रपति

इस मौके पर राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में शिक्षकों की भूमिका को राष्ट्र निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने का काम नहीं करता, बल्कि उनके व्यक्तित्व, चरित्र, विचार और सोच को आकार देता है। एक शिक्षक के मार्गदर्शन से विद्यार्थी जिम्मेदार नागरिक बनते हैं और इसी प्रक्रिया से मजबूत और विकसित राष्ट्र की नींव तैयार होती है।

महान शिक्षाविदों को दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रपति ने महान शिक्षाविद् और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने देश की शिक्षा और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले के योगदान को भी याद किया। साथ ही गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर और गोपाल बंधु दास जैसे महान व्यक्तित्वों के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि इन विभूतियों ने शिक्षा, समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों के कार्यों की सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उनका समर्पण और नवाचार देश के लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

एडिट: शिंकी सिंह

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शिंकी सिंह (Shinki Singh) पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग एक दशक का अनुभव रखती हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में दैनिक सन्मार्ग से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जहाँ कई वर्षों तक फील्ड रिपोर्टिंग और न्यूज़ डेस्क की जिम्मेदारियाँ निभाईं। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक सरोकारों, महिला मुद्दों और जनहित से जुड़े विषयों पर व्यापक रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही न्यूज़ एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया, जिससे डिजिटल और मल्टीमीडिया पत्रकारिता की उनकी समझ और अधिक सशक्त हुई। इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर से जुड़कर हार्ड न्यूज़, समसामयिक घटनाओं और लाइफस्टाइल पत्रकारिता सहित विभिन्न विषयों पर रिपोर्टिंग और लेखन किया। तथ्यपरक, निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता में विश्वास रखते हुए वे प्रत्येक समाचार को विश्वसनीय स्रोतों, तथ्यों के सत्यापन और गहन अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देती हैं। वर्तमान में शिंकी सिंह राष्ट्र भारत से जुड़ी हैं, जहाँ वे राष्ट्रीय, राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों पर समाचार, विश्लेषण और विशेष रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। शैक्षणिक रूप से उन्होंने महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक से बी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से इतिहास एवं अंग्रेज़ी विषयों में स्नातकोत्तर (Master's) की डिग्री हासिल की है। वे पत्रकारिता में निरंतर सीखने, बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने तथा तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने में विश्वास रखती हैं।