नागपुर में डीजे पर स्थायी पाबंदी की मांग, संदीप जोशी के नेतृत्व में मनपा और पुलिस आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

नागपुर में डीजे पर स्थायी पाबंदी की मांग: नागपुर में डीजे पर लगी दो महीने की पाबंदी को स्थायी करने की मांग को लेकर पूर्व विधायक एवं पूर्व महापौर संदीप जोशी के नेतृत्व में नागरिकों ने मनपा और पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य और शांति के लिए सभी त्योहारों, विवाह समारोहों, सार्वजनिक कार्यक्रमों और चुनावी जुलूसों में ध्वनि प्रदूषण नियम सख्ती से लागू करने की मांग की।
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डीजे पर दो महीने की पाबंदी को स्थायी करने की मांग
पुलिस आयुक्त ने डीजे और लेजर बीम लाइट पर 3 सितंबर से 1 नवंबर तक प्रतिबंध लगाया है। प्रतिनिधिमंडल ने इस निर्णय का स्वागत किया, लेकिन इसे अस्थायी उपाय बताते हुए स्थायी प्रतिबंध के लिए कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
ज्ञापन में सभी धर्मों के त्योहारों, विवाह समारोहों, सार्वजनिक कार्यक्रमों और चुनावी जुलूसों में ध्वनि प्रदूषण नियमों का समान पालन कराने की मांग की गई। बुजुर्गों, बच्चों, विद्यार्थियों और मरीजों को डीजे के शोर से हो रही परेशानी का हवाला दिया गया।
संदीप जोशी ने कहा, “डीजे स्थायी बंदी के लिए अब जनआंदोलन चलाया जाएगा।”
नागरिकों के स्वास्थ्य और शांति के लिए सख्त नियम लागू करने की मांग
मनपा आयुक्त डॉ. विपीन इटनकर ने बताया कि नॉइज़ फ्री नागपुर (Noise Free Nagpur) ऐप पर मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई होगी। कार्यक्रमों में ध्वनिवर्धक की अनुमति देने से पहले आयोजकों से शपथपत्र लिया जा रहा है।
पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने कहा कि फिलहाल 60 दिनों की पाबंदी लागू है और आगे आदेश बढ़ाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से ‘साउंड सिस्टम’ और ‘डीजे’ में फर्क समझने की अपील भी की।
इस मौके पर डॉ. मंजुषा गिरी, डॉ. सचिन गाठे, तेजिंदरसिंग रेणू, डॉ. अजय देशपांडे सहित डॉक्टर, व्यवसायी और स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
आगे देखना होगा कि 60 दिन की मौजूदा पाबंदी के बाद प्रशासन डीजे को लेकर स्थायी नीति बनाता है या नहीं।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

