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नागपुर में थर्ड आउटर रिंग रोड परियोजना का किसानों ने किया विरोध, कल होगी जिलाधिकारी संग बैठक

नागपुर में थर्ड आउटर रिंग रोड परियोजना का किसानों ने किया विरोध, कल होगी जिलाधिकारी संग बैठक
Third Outer Ring Road farmers protest Nagpur: नागपुर में थर्ड आउटर रिंग रोड की माप-जोख का किसानों ने किया विरोध कल जिलाधिकारी और नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिकारियों संग होगी संयुक्त बैठक जानें पूरा मामला।

नागपुर में थर्ड आउटर रिंग रोड की माप-जोख का किसानों ने किया विरोध कल जिलाधिकारी और नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिकारियों संग होगी संयुक्त बैठक जानें पूरा मामला।

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Shinki Singh
Shinki Singh
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किसानों की मांग और प्रशासन का अगला कदम

नागपुर के थर्ड आउटर रिंग रोड परियोजना से प्रभावित होने वाले नौ तहसीलों के किसानों के संगठन शेतकरी संघर्ष सेना की ओर से आज पारशिवनी तहसील के बोरी (रानी) गांव में शुरू की जाने वाली माप-जोख प्रक्रिया का जोरदार विरोध किया गया। माप-जोख के लिए रामटेक के उपविभागीय अधिकारी, पारशिवनी के तहसीलदार, पटवारी, कोतवाल, पुलिस पाटील के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल और दंगा नियंत्रण दल की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद प्रभावित किसानों शेतकरी संघर्ष सेना के नौ तहसीलों के प्रतिनिधियों तथा बळीराजा शेतकरी संगठन के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर माप-जोख प्रक्रिया का विरोध किया।

कल होगी जिलाधिकारी के साथ संयुक्त बैठक

किसानों के तीव्र विरोध को देखते हुए रामटेक के एसडीओ श्री प्रियेश महाजन ने जिलाधिकारी से चर्चा की। इसके बाद जिलाधिकारी, नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अधिकारियों, शेतकरी संघर्ष सेना के प्रतिनिधिमंडल और प्रभावित किसानों के बीच कल एक संयुक्त बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस बैठक में किसानों की विभिन्न मांगों, थर्ड आउटर रिंग रोड परियोजना से जुड़ी जानकारी, माप-जोख की प्रक्रिया तथा किसानों को दिए जाने वाले उचित और न्यायसंगत मुआवजे के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। किसानों का कहना है कि परियोजना के लिए उनकी जमीन प्रभावित होने की स्थिति में उन्हें पूरी जानकारी देकर और विश्वास में लेकर ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।

पारदर्शिता और उचित मुआवजे की मांग

शेतकरी संघर्ष सेना की स्पष्ट और ठोस मांग है कि किसानों को विश्वास में लेकर पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जाए। साथ ही, जब तक किसानों के लिए उचित और न्यायसंगत मुआवजा तय नहीं हो जाता तब तक जमीन की माप-जोख प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए।किसानों ने प्रशासन से उनकी समस्याओं और मांगों पर गंभीरता से विचार करने तथा उचित समाधान निकालने की मांग की है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

एडिट: शिंकी सिंह

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शिंकी सिंह (Shinki Singh) पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग एक दशक का अनुभव रखती हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में दैनिक सन्मार्ग से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जहाँ कई वर्षों तक फील्ड रिपोर्टिंग और न्यूज़ डेस्क की जिम्मेदारियाँ निभाईं। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक सरोकारों, महिला मुद्दों और जनहित से जुड़े विषयों पर व्यापक रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही न्यूज़ एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया, जिससे डिजिटल और मल्टीमीडिया पत्रकारिता की उनकी समझ और अधिक सशक्त हुई। इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर से जुड़कर हार्ड न्यूज़, समसामयिक घटनाओं और लाइफस्टाइल पत्रकारिता सहित विभिन्न विषयों पर रिपोर्टिंग और लेखन किया। तथ्यपरक, निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता में विश्वास रखते हुए वे प्रत्येक समाचार को विश्वसनीय स्रोतों, तथ्यों के सत्यापन और गहन अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देती हैं। वर्तमान में शिंकी सिंह राष्ट्र भारत से जुड़ी हैं, जहाँ वे राष्ट्रीय, राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों पर समाचार, विश्लेषण और विशेष रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। शैक्षणिक रूप से उन्होंने महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक से बी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से इतिहास एवं अंग्रेज़ी विषयों में स्नातकोत्तर (Master's) की डिग्री हासिल की है। वे पत्रकारिता में निरंतर सीखने, बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने तथा तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने में विश्वास रखती हैं।