नागपुर में किसानों की मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन, फसल नुकसान की भरपाई और कर्जमाफी की उठी मांग

नागपुर में किसानों की मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन: नागपुर में किसान संघर्ष कृति समिति ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किसानों की कई समस्याएं उठाईं। समिति ने संतरा और मौसंबी की फसल के नुकसान का पंचनामा कर भरपाई देने, वर्ष 2025 की फसल बीमा राशि जल्द देने, जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा, जमीन से जुड़े मामलों के समय पर निपटारे और पात्र किसानों की कर्जमाफी की मांग की।
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संतरा-मौसंबी के नुकसान और फसल बीमा पर जल्द राहत की मांग
नागपुर में किसानों की मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन: नागपुर, 2 सितंबर 2026: किसान संघर्ष कृति समिति (बं. स.), काटोल की ओर से बुधवार दोपहर 2 बजे नागपुर के जिलाधिकारी को किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग संतरा और मौसंबी की फसलों में हो रहे बड़े पैमाने पर फल गिरने की समस्या को लेकर की गई। समिति ने तत्काल पंचनामा कराकर प्रभावित किसानों को नुकसान भरपाई देने की मांग रखी। साथ ही वर्ष 2025 में फसल बीमा कराने वाले किसानों को बीमा राशि शीघ्र देने की भी मांग की गई।
समिति ने जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान पर स्थायी समाधान की मांग की। किसानों के फेरफार और जमीन माप से जुड़े मामलों को तय समय-सीमा में निपटाने की बात भी ज्ञापन में शामिल थी।

कर्जमाफी और जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया
एक अहम मांग यह रही कि राजनीतिक व सर्विस वर्ग को छोड़कर बाकी सभी पात्र किसानों की कर्जमाफी बिना भेदभाव और बिना अनावश्यक शर्तों के पूरी की जाए।
समिति ने कहा कि किसान लगातार आर्थिक और मानसिक संकट में है, इसलिए सरकार को उसकी समस्याओं पर तुरंत ठोस निर्णय लेना चाहिए।
इस मौके पर समाजसेवक सुभाषजी नोरोलिया, प्रफुलजी जोशी, समिति अध्यक्ष बाबारावजी वाघमारे, उपप्राचार्य प्रा. रमेश येवले, विदर्भवादी नेता अरुणजी केदार, विदर्भ अध्यक्ष मुकेश मासूरकर, हरीश मानकर, सुवर्णाताई पवार, रामरावजी पाटील, गिरीश तितरमारे, विराआस नागपुर युवा शहर अध्यक्ष तारेश गजानन दुरुगकर, रेखा दिलीप पाटील, मधुसूदन सपकाळ, नितिन बैसवाल, मीनाताई राव, अमोल रडके, पुष्पाताई सावरकर, यमुनाताई पेरोडिया और वर्षा मोरे सहित कई पदाधिकारी व किसान मौजूद रहे।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस ज्ञापन पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

