नागपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार के तीन साल पूरे, उपलब्धियों के दावों के बीच कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

Nagpur Rural SP Harsh Poddar 3 Years Tenure Questions: नागपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार के तीन साल पूरे होने पर जारी अभिनंदन पोस्टर में चुनाव बंदोबस्त, एआई तकनीक, ड्रोन गश्त और सरकारी योजनाओं में बेहतर प्रदर्शन सहित कई उपलब्धियों का दावा किया गया है। दूसरी ओर इन दावों के आधिकारिक आधार, कुछ घटनाओं, कार्यालय के कामकाज और जवाबदेही को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
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हर्ष पोद्दार के तीन साल के कार्यकाल में उपलब्धियों के दावों पर उठे सवाल
Nagpur Rural SP Harsh Poddar 3 Years Tenure Questions: नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार का तीन साल का कार्यकाल पूरा होते ही उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। पोद्दार ने 30 अगस्त 2023 को पदभार संभाला था और उनका कार्यकाल 30 अगस्त 2026 को पूरा हुआ। इसी दौरान जारी किए गए अभिनंदन पोस्टर ने चर्चा छेड़ दी है।
पोस्टर में लोकसभा, विधानसभा और नगरपालिका चुनावों के सफल बंदोबस्त, चार से अधिक वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था, सरकार के 100 और 150 दिवसीय कार्यक्रमों में प्रदर्शन, जांच में एआई तकनीक, ड्रोन गश्त, मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए एआई कैमरों के उपयोग, सेव लाइफ फाउंडेशन के साथ समन्वय से सड़क दुर्घटना मृत्यु दर में कमी, तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं में ‘टॉप-5’ प्रदर्शन जैसी उपलब्धियों का जिक्र है।
लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि चुनावी बंदोबस्त, वीआईपी सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सरकारी योजनाएं लागू करना तो पुलिस के मूलभूत कर्तव्य हैं इन्हें व्यक्तिगत उपलब्धि बताना कितना उचित है। ‘टॉप-5’ और दूसरे स्थान के दावों के समर्थन में आधिकारिक आंकड़े और मूल्यांकन मानदंड सार्वजनिक करने की मांग भी उठी है।
कार्यप्रणाली और जवाबदेही की निष्पक्ष जांच की मांग
इसके अलावा एसपी बंगले पर एक गनमैन की आत्महत्या, मौदा में पुलिस वाहन चालक के खिलाफ दर्ज मामला, और कार्यालयीन कार्यप्रणाली को लेकर कर्मचारियों में कथित भय जैसे मुद्दों की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
अखिल भारतीय ग्रामीण पत्रकार संघ, महाराष्ट्र प्रदेश ने गृह विभाग को ज्ञापन सौंपकर कार्यकाल पूरा होने के बाद उनकी पदस्थापना पर नियमों और सार्वजनिक हित के आधार पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
अब देखना यह है कि सरकार पोस्टर के दावों के बजाय वास्तविक कार्यप्रणाली की निष्पक्ष समीक्षा कब और कैसे करती है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

